{"_id":"6327610af5298025846e76a3","slug":"martyr-king-of-gondwana-remembered-siddharthnagar-news-gkp4509482102","type":"story","status":"publish","title_hn":"बलिदान दिवस पर याद किए गए गोंडवाना के अमर सपूत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बलिदान दिवस पर याद किए गए गोंडवाना के अमर सपूत
विज्ञापन
डुमरियागंज नपा सभागार में राजा शंकर और उनके पुत्र का बलिदान दिवस मनाते गोंड समाज के लोग। संवाद
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलिदान दिवस पर याद किए गए गोंडवाना के अमर सपूत
डुमरियागंज। नगर पंचायत सभागार में रविवार को गोंडवाना के अंतिम शासक राजा शंकर शाह और उनके पुत्र रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर परिवार को समारोह का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने पिता-पुत्र के बलिदान को देशभक्ति के लिए प्रेरित करने वाला बताया। गोंड धुरिया जनजाति समाज के लोगों ने बलिदानियों की स्मृति में पौधरोपण किया। गोंडवाना के अमर सपूत राजा शंकर शाह और उनके पुत्र राजकुमार रघुनाथ शाह के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया।
झिनकन गोंड ने कहा कि राजा शंकरशाह और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह ने आजादी की लड़ाई में देश के लिए उत्कृष्ट त्याग और बलिदान दिया। वे ब्रिटिश शासन की दमनकारी नीतियों के विरुद्ध अपने विचारों और कविताओं के माध्यम से लोगों में जोश भरते थे। अंग्रेजों की अदालत ने राजा शंकर शाह और उनके युवा पुत्र रघुनाथ शाह को मृत्युदंड की सजा सुनाने के बाद शर्त रखी कि यदि वे क्षमा मांग लें तो उनका मृत्युदंड माफ कर दिया जाएगा। लेकिन, दोनों अमर शहीदों ने अंग्रेजों की गुलामी के स्थान पर देश के लिए बलिदान का मार्ग चुना। भाजपा जनजाति मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य उमाशंकर गोंड ने कहा कि मौत से बेखौफ पिता-पुत्र ने अंग्रेजी अदालत में कहा कि हम ठग, पिंडारी, चोर, लुटेरे, डाकू और हत्यारे नहीं हैं, जो हमें फांसी दी जाए। हम गोंडवाना के राजा हैं। इसलिए हमें तोप के मुंह से बांधकर मृत्युदंड दिया जाए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता गणेश गोंड व संचालन संतोष कुमार गोंड ने किया। इस दौरान शिव शंकर गोंड, श्रवण कुमार गोंड, सुग्रीव गोंड, सुरेश धुरिया, सुनील गोंड मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
डुमरियागंज। नगर पंचायत सभागार में रविवार को गोंडवाना के अंतिम शासक राजा शंकर शाह और उनके पुत्र रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर परिवार को समारोह का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने पिता-पुत्र के बलिदान को देशभक्ति के लिए प्रेरित करने वाला बताया। गोंड धुरिया जनजाति समाज के लोगों ने बलिदानियों की स्मृति में पौधरोपण किया। गोंडवाना के अमर सपूत राजा शंकर शाह और उनके पुत्र राजकुमार रघुनाथ शाह के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया।
झिनकन गोंड ने कहा कि राजा शंकरशाह और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथ शाह ने आजादी की लड़ाई में देश के लिए उत्कृष्ट त्याग और बलिदान दिया। वे ब्रिटिश शासन की दमनकारी नीतियों के विरुद्ध अपने विचारों और कविताओं के माध्यम से लोगों में जोश भरते थे। अंग्रेजों की अदालत ने राजा शंकर शाह और उनके युवा पुत्र रघुनाथ शाह को मृत्युदंड की सजा सुनाने के बाद शर्त रखी कि यदि वे क्षमा मांग लें तो उनका मृत्युदंड माफ कर दिया जाएगा। लेकिन, दोनों अमर शहीदों ने अंग्रेजों की गुलामी के स्थान पर देश के लिए बलिदान का मार्ग चुना। भाजपा जनजाति मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य उमाशंकर गोंड ने कहा कि मौत से बेखौफ पिता-पुत्र ने अंग्रेजी अदालत में कहा कि हम ठग, पिंडारी, चोर, लुटेरे, डाकू और हत्यारे नहीं हैं, जो हमें फांसी दी जाए। हम गोंडवाना के राजा हैं। इसलिए हमें तोप के मुंह से बांधकर मृत्युदंड दिया जाए।
विज्ञापन
कार्यक्रम की अध्यक्षता गणेश गोंड व संचालन संतोष कुमार गोंड ने किया। इस दौरान शिव शंकर गोंड, श्रवण कुमार गोंड, सुग्रीव गोंड, सुरेश धुरिया, सुनील गोंड मौजूद रहे।
विज्ञापन