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विवाह मानव जीवन का एक धार्मिक संस्कार है: राकेश शास्त्री
Thu, 27 Jun 2024 05:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 27 Jun 2024 05:43 AM IST
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ब्लाॅक क्षेत्र के अंदुआ शनिचरा में चल रही संगीतमयी श्रीराम कथा में मंगलवार की रात कथा वाचक पंडित राकेश शास्त्री ने कहा कि विवाह मानव जीवन का एक धार्मिक संस्कार है। बिना विवाह मानव जीवन अधूरा होता है। कथावाचक ने कहा कि माता सीता, माता गौरी की पूजा के लिए फुलवारी से फूल तोड़ने जाती हैं। उसी फुलवारी में भगवान श्रीराम के दर्शन होते हैं। माता सीता की नजर श्रीराम पर पड़ती है तो वह मोहित हो जाती हैं। माता गौरी की पूजा करते समय ही माता सीता अपने वर के रूप में श्रीराम को मांगती हैं।
कथावाचक ने राम विवाह के दृश्य का रसपान कराते हुए श्रोताओं को बताया कि राजा जनक गुरु विश्वामित्र के साथ राम व लक्ष्मण को धनुष यज्ञशाला ले गए। यहां देश-विदेश के राजा सुंदर सिंहासनों पर विराजमान थे। राजा जनक ने अपनी प्रतिज्ञा के बारे में सभी को अवगत कराया कि जो इस धनुष को तोड़ेगा, उसी के साथ पुत्री सीता का विवाह होगा। सभी राजाओं ने बारी-बारी से धनुष तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। निराश राजा जनक को देखकर विश्वामित्र का इशारा पाकर श्रीराम धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाते हैं और धनुष टूट जाता है।
इसके बाद श्रीराम व सीताजी एक-दूसरे के गले में वरमाल डाल देते हैं। इस दौरान श्रीराम विवाह की कथा सुन भक्त भावविभोर हो गए। कथा के दौरान गोलू, राकेश, शुभम शास्त्री, प्रेम प्रकाश, शिवा, अजय चौधरी, मुकेश, गिरजेश, लालजी, अनिल, रघुराज, विकास, बलराम, मायाराम आदि मौजूद रहे।
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श्रीराम कथा से युवाओं में होता है ऊर्जा का संचार
श्रीराम कथा य अन्य धार्मिक आयोजनों से सनातन संस्कृति के प्रति युवाओं में नई ऊर्जा का संचार होता है। ये बातें कथा में पहुंचे भाजपा नेता अशोक कुमार ने कहीं। ग्रामीणों ने भाजपा नेता से यज्ञशाला निर्माण, विवाह घर के साथ ही सरजू नहर खंड तीन के सोहना शाखा के बिजवार बढई माइनर पर अंदुआ शनिचरा गांव के पास साइफन निर्माण की मांग की। इस दौरान पंकज पांंडेय, हजारी अग्रहरी, शैलेश कुमार गौतम उपस्थित रहे।
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कथावाचक ने राम विवाह के दृश्य का रसपान कराते हुए श्रोताओं को बताया कि राजा जनक गुरु विश्वामित्र के साथ राम व लक्ष्मण को धनुष यज्ञशाला ले गए। यहां देश-विदेश के राजा सुंदर सिंहासनों पर विराजमान थे। राजा जनक ने अपनी प्रतिज्ञा के बारे में सभी को अवगत कराया कि जो इस धनुष को तोड़ेगा, उसी के साथ पुत्री सीता का विवाह होगा। सभी राजाओं ने बारी-बारी से धनुष तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। निराश राजा जनक को देखकर विश्वामित्र का इशारा पाकर श्रीराम धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाते हैं और धनुष टूट जाता है।
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इसके बाद श्रीराम व सीताजी एक-दूसरे के गले में वरमाल डाल देते हैं। इस दौरान श्रीराम विवाह की कथा सुन भक्त भावविभोर हो गए। कथा के दौरान गोलू, राकेश, शुभम शास्त्री, प्रेम प्रकाश, शिवा, अजय चौधरी, मुकेश, गिरजेश, लालजी, अनिल, रघुराज, विकास, बलराम, मायाराम आदि मौजूद रहे।
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श्रीराम कथा से युवाओं में होता है ऊर्जा का संचार
श्रीराम कथा य अन्य धार्मिक आयोजनों से सनातन संस्कृति के प्रति युवाओं में नई ऊर्जा का संचार होता है। ये बातें कथा में पहुंचे भाजपा नेता अशोक कुमार ने कहीं। ग्रामीणों ने भाजपा नेता से यज्ञशाला निर्माण, विवाह घर के साथ ही सरजू नहर खंड तीन के सोहना शाखा के बिजवार बढई माइनर पर अंदुआ शनिचरा गांव के पास साइफन निर्माण की मांग की। इस दौरान पंकज पांंडेय, हजारी अग्रहरी, शैलेश कुमार गौतम उपस्थित रहे।