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Siddharthnagar News: बर्ड फ्लू के खौफ से डगमगाया बाजार, घटे खरीदार
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मन्नीजोत चौराहे पर संचालित पोलीट्री फार्म में मौजूद चिकन। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। गोरखपुर चिड़ियाघर में पशु और मुर्गी में बर्डफ्लू की पुष्टि होने के बाद मुर्गा और बिरयानी खाने वालों में डर बन गया है।
इसका असर जिले में कारोबार पर पड़ रहा है। बाजार के साथ ही फाॅर्म संचालकों की बिक्री पर असर पड़ा है। 10 से 15 प्रतिशत बिक्री में गिरावट आई है। वहीं, शुक्रवार को लोटन कोतवाली क्षेत्र में नदी में 300 के लगभग मृत मुर्गियां मिलने से लोग डर गए हैं।
हालांकि, पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने जांच के लिए सैंपल भेज दिए हैं। वहीं, जांच में पकड़ में आए फेंकने वाले कारोबारी के घर जाकर देखा गया तो जहां 50-100 मुर्गी रखी जाती हैं, वहां 300 रखकर चारों तरफ बंद किया जाना पाया गया। ऐसे में आशंका है कि दम घुटने और गर्मी से उनकी मौत हो गई। वहीं, दूसरी राहत की खबर यह है कि जिले में पूर्व में भेजे गए सभी 10 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। यानी जिले में मुर्गे बर्ड फ्लू से संक्रमित नहीं हैं।
कारोबार की बात करें तो जनपद में 200 से अधिक फाॅर्म चल रहा है, जहां लाखों का कारोबार प्रतिदिन हो रहा है।
सीमावर्ती इलाके में अधिक फाॅर्म : जनपद में मुर्गा पालन का कारोबार ठीकठाक चलता है। यहां के अलावा बाहर से भी बड़े कारोबारी जो काटने और बेचने का कार्य करते हैं। वह मुर्गा मंगाते हैं। गोरखपुर में बर्ड फ्लू के संक्रमण की पुष्टि और दुकान बंद कराए जाने के बाद खाने वालों में डर बन गया। कारोबार से जुड़े रहमान ने बताया कि मुर्गा पालन में पैसा है, लेकिन बीमारी होने, ठंड और गर्मी से मरने का डर बना रहता है। उत्पादन कितनी भी हो जाए, खपत हो जाएगी। मुर्गा फाॅर्म के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में लोग पालन बढ़ा है। खपत की बात करें तो हजारों क्विंटल मुर्गा की बिक्री हो जाती है। गोरखपुर में बीमारी की जानकारी के बाद कारोबार पर असर पड़ा है। 10-15 प्रतिशत की कमी आई है। कारण फाॅर्म से लेकर जाने वाले जहां 80-100 किलो उठाते थे वह अब 50-60 में आ गए हैं। साथ ही गाड़ी सप्लाई जो मीट शॉप तक पहुंचती थी। उसकी कमी आई है। फिलहाल बारिश के बाद सही हो जाएगा। ऐसा लगभग हर साल होता है। वहीं, नौगढ़ क्षेत्र के फाॅर्म संचालक इम्तियाज ने बताया कि बहुत असर नहीं हु़आ है।
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सिद्धार्थनगर। गोरखपुर चिड़ियाघर में पशु और मुर्गी में बर्डफ्लू की पुष्टि होने के बाद मुर्गा और बिरयानी खाने वालों में डर बन गया है।
इसका असर जिले में कारोबार पर पड़ रहा है। बाजार के साथ ही फाॅर्म संचालकों की बिक्री पर असर पड़ा है। 10 से 15 प्रतिशत बिक्री में गिरावट आई है। वहीं, शुक्रवार को लोटन कोतवाली क्षेत्र में नदी में 300 के लगभग मृत मुर्गियां मिलने से लोग डर गए हैं।
हालांकि, पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने जांच के लिए सैंपल भेज दिए हैं। वहीं, जांच में पकड़ में आए फेंकने वाले कारोबारी के घर जाकर देखा गया तो जहां 50-100 मुर्गी रखी जाती हैं, वहां 300 रखकर चारों तरफ बंद किया जाना पाया गया। ऐसे में आशंका है कि दम घुटने और गर्मी से उनकी मौत हो गई। वहीं, दूसरी राहत की खबर यह है कि जिले में पूर्व में भेजे गए सभी 10 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। यानी जिले में मुर्गे बर्ड फ्लू से संक्रमित नहीं हैं।
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कारोबार की बात करें तो जनपद में 200 से अधिक फाॅर्म चल रहा है, जहां लाखों का कारोबार प्रतिदिन हो रहा है।
सीमावर्ती इलाके में अधिक फाॅर्म : जनपद में मुर्गा पालन का कारोबार ठीकठाक चलता है। यहां के अलावा बाहर से भी बड़े कारोबारी जो काटने और बेचने का कार्य करते हैं। वह मुर्गा मंगाते हैं। गोरखपुर में बर्ड फ्लू के संक्रमण की पुष्टि और दुकान बंद कराए जाने के बाद खाने वालों में डर बन गया। कारोबार से जुड़े रहमान ने बताया कि मुर्गा पालन में पैसा है, लेकिन बीमारी होने, ठंड और गर्मी से मरने का डर बना रहता है। उत्पादन कितनी भी हो जाए, खपत हो जाएगी। मुर्गा फाॅर्म के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में लोग पालन बढ़ा है। खपत की बात करें तो हजारों क्विंटल मुर्गा की बिक्री हो जाती है। गोरखपुर में बीमारी की जानकारी के बाद कारोबार पर असर पड़ा है। 10-15 प्रतिशत की कमी आई है। कारण फाॅर्म से लेकर जाने वाले जहां 80-100 किलो उठाते थे वह अब 50-60 में आ गए हैं। साथ ही गाड़ी सप्लाई जो मीट शॉप तक पहुंचती थी। उसकी कमी आई है। फिलहाल बारिश के बाद सही हो जाएगा। ऐसा लगभग हर साल होता है। वहीं, नौगढ़ क्षेत्र के फाॅर्म संचालक इम्तियाज ने बताया कि बहुत असर नहीं हु़आ है।
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