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Siddharthnagar News: नेपाल में लंपी वायरस का प्रकोप, सीमावर्ती क्षेत्रों में जोखिम
Sat, 29 Jul 2023 10:18 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 29 Jul 2023 10:18 PM IST
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नेपाल के लुंबिनी क्षेत्र में गायों को हो रहा लम्पी बीमारी।
सिद्धार्थनगर। नेपाल के लुंबिनी क्षेत्र में पशुओं खासकर गायों में गांठदार त्वचा (कैप्रीपॉक्स वायरस) लंपी बीमारी ने भयानक रूप ले लिया है। लुंबिनी प्रांत के सभी जिलों में इस बीमारी से जानवरों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। प्रांत के सभी 12 जिलों में अब तक एक लाख 18 हजार 351 जानवर इस बीमारी से संक्रमित हो चुके हैं।
लुंबिनी राज्य सरकार के पशुपालन एवं मत्स्य विकास निदेशालय के कार्यालय के अनुसार संक्रमित पशुओं में से 79608 पशुओं का इलाज किया जा चुका है। उनमें से 24104 जानवर ठीक हो चुके हैं और अन्य ठीक होने की प्रक्रिया में हैं। जानवरों को ''गांठदार त्वचा'' के इलाज के लिए टीका लगाकर उपचार जारी रखा जा रहा है। लुंबिनी प्रांत के जिले में पिछले तीन महीने से इस बीमारी का प्रकोप देखा जा रहा है। निदेशालय के सूचना अधिकारी रिम बहादुर थापा द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक बुधवार तक संक्रमित जानवरों में से 5,114 जानवरों की मौत हो चुकी है।
थापा ने बताया कि 39518 पशुओं का टीकाकरण किया गया है। थापा ने कहा टीका लगाए गए आधे से अधिक जानवर ठीक हो गए हैं, अन्य मरीज भी ठीक होने की राह पर हैं। रुकुम, रोल्पा, प्युथन जैसे कुछ जिलों में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण जानवरों का इलाज असुविधाजनक हैं। निदेशालय के निदेशक डाॅ. परेवज आलम ने कहा कि सूबे के सभी जिलों में टीकाकरण और तकनीकि जनशक्ति तैनात कर संक्रमित पशुओं का इलाज जारी है। निदेशालय के मुताबिक तराई के मुकाबले पहाड़ी जिलों में ज्यादा जानवर संक्रमित हैं। पशु चिकित्सालय एवं पशु सेवा विशेषज्ञ केंद्र ने पाल्पा में रोग नियंत्रण के लिए पशुओं का टीकाकरण शुरू कर दिया है। कार्यालय प्रमुख दुर्गा प्रसाद खनाल ने बताया कि तिनाव ग्रामीण नगर पालिका छह, मस्यम में विभिन्न पशु फार्मों की 100 गायों का टीकाकरण किया गया है।
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लुंबिनी राज्य सरकार के पशुपालन एवं मत्स्य विकास निदेशालय के कार्यालय के अनुसार संक्रमित पशुओं में से 79608 पशुओं का इलाज किया जा चुका है। उनमें से 24104 जानवर ठीक हो चुके हैं और अन्य ठीक होने की प्रक्रिया में हैं। जानवरों को ''गांठदार त्वचा'' के इलाज के लिए टीका लगाकर उपचार जारी रखा जा रहा है। लुंबिनी प्रांत के जिले में पिछले तीन महीने से इस बीमारी का प्रकोप देखा जा रहा है। निदेशालय के सूचना अधिकारी रिम बहादुर थापा द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक बुधवार तक संक्रमित जानवरों में से 5,114 जानवरों की मौत हो चुकी है।
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थापा ने बताया कि 39518 पशुओं का टीकाकरण किया गया है। थापा ने कहा टीका लगाए गए आधे से अधिक जानवर ठीक हो गए हैं, अन्य मरीज भी ठीक होने की राह पर हैं। रुकुम, रोल्पा, प्युथन जैसे कुछ जिलों में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण जानवरों का इलाज असुविधाजनक हैं। निदेशालय के निदेशक डाॅ. परेवज आलम ने कहा कि सूबे के सभी जिलों में टीकाकरण और तकनीकि जनशक्ति तैनात कर संक्रमित पशुओं का इलाज जारी है। निदेशालय के मुताबिक तराई के मुकाबले पहाड़ी जिलों में ज्यादा जानवर संक्रमित हैं। पशु चिकित्सालय एवं पशु सेवा विशेषज्ञ केंद्र ने पाल्पा में रोग नियंत्रण के लिए पशुओं का टीकाकरण शुरू कर दिया है। कार्यालय प्रमुख दुर्गा प्रसाद खनाल ने बताया कि तिनाव ग्रामीण नगर पालिका छह, मस्यम में विभिन्न पशु फार्मों की 100 गायों का टीकाकरण किया गया है।
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