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नेपाल का प्रदेश पांच हुआ लुंबिनी प्रदेश, राजधानी बनी दांग

Tue, 06 Oct 2020 07:15 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 06 Oct 2020 07:15 PM IST
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Lumbani dang nepal
नेपाल का प्रदेश पांच हुआ लुंबिनी प्रदेश, राजधानी बनी दांग
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व्हिप को नजरअंदाज कर नेपाल कांग्रेस पार्टी के पांच सदस्यों ने दांग के समर्थन में डाला वोट
अमर उजाला ब्यूरो
कपिलवस्तु (सिद्धार्थनगर)। नेपाल में प्रदेश और उनकी राजधानियों के नामकरण की शुरूआत हो गई है। संविधान लागू होने के बाद अस्थायी राजधानी और क्रम संख्या के नाम से पहचाने वाले प्रदेशों को अब नाम देने के साथ ही उनकी स्थायी राजधानी भी बनाई जा रही है। प्रदेश के नामकरण और स्थायी राजधानी तय करने में सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने पहाड़ और मैदान के समीकरण को ध्यान में रखा है। पहाड़ी लोग कम्युनिस्ट पार्टी के परंपरागत वोटर माने जाते हैं। पार्टी परंपरागत वोटरों को साधने में लगी है।
प्रदेश संख्या पांच की अस्थायी राजधानी बुटवल में मंगलवार को हुई विधानसभा बैठक में प्रदेश की राजधानी और नामकरण प्रस्ताव पर मुहर लग गई। प्रदेश सरकार ने प्रदेश का नाम लुंबिनी, राजधानी दांग में रखने का प्रस्ताव दो अक्तूबर को पेश किया था। विपक्ष खासतौर पर नेपाली कांग्रेस ने इसका भारी विरोध किया। था। सोमवार को सदन में हुई बहस के दौरान विधानसभा में कुर्सी मेज तक तोड़े गए। मंगलवार को दोनों पक्ष के बीच लंबी बहस के बाद हुए मतदान में ज्यादातर सदस्यों ने दांग को राजधानी बनाए जाने के पक्ष में मतदान किया। खास बात यह रही कि क्षेत्रवाद से प्रभावित दांग क्षेत्र के पांच नेपाली कांग्रेस के सदस्यों ने भी व्हिप को नजरअंदाज करते हुए दांग के पक्ष में मतदान किया।
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नेपाल का प्रदेश नंबर पांच का बड़ा भूभाग उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से को स्पर्श करता है। इस प्रदेश की अस्थायी राजधानी बुटवल थी। बुटवल भारत सीमा से करीब 40 किमी की दूरी पर नेपाल में है। राजधानी तय करते वक्त विधानसभा के सदस्यों से गहन रायशुमारी की गई। सत्ता पार्टी दांग जिले को राजधानी बनाए जाने का प्रस्ताव लेकर आई थी। खास बात यह कि सत्ता पार्टी के तेरह सदस्य इसका विरोध कर रहे थे जबकि प्रस्ताव का विरोध कर रही कांग्रेस पार्टी के कुछ सदस्य इसके समर्थन में थे। यही कारण है कि मतदान के लिए दोनों ही पार्टियों के मुख्य सचेतकों को व्हिप जारी करना पड़ा। केंद्र सहित अधिकांश प्रदेशों में चूंकि कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार है लिहाजा राजधानी के लिए स्थान चयन करने में सत्ता पक्ष को किसी मुश्किल का सामना नहीं करना पड़ा।
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