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Siddharthnagar News: भगवान विष्णु करेंगे आराम... चार महीने शादी-ब्याह को विराम
Sat, 24 Jun 2023 11:18 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 24 Jun 2023 11:18 PM IST
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सिद्धार्थनगर। चातुर्मास 29 जून से शुरू हो रहा है। इस वर्ष चातुर्मास चार नहीं, बल्कि पांच माह का होगा। चातुर्मास में इस बार सावन दो माह का होगा। इसलिए चातुर्मास में सीधे एक माह का इजाफा हो रहा है। मान्यता के अनुसार, चातुर्मास में सृष्टि के पालनहार कहे जाने वाले भगवान विष्णु क्षीरसागर में आराम कर रहे होते हैं। ऐसे में 29 जून से लेकर 23 नवंबर तक यानी 148 दिनों तक शादी-ब्याह समेत किसी भी तरह के मांगलिक कार्य नहीं होंगे। पंडित अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि समस्त मांगलिक कार्य भगवान विष्णु के जागृत अवस्था में ही किए जाते हैं। इस समय विष्णु भगवान के शयन करने से विवाह, वर वरण, कन्या वरण, गृह प्रवेश, उपनयन संस्कार, शिवजी को छोड़कर देव प्रतिष्ठा, महायज्ञ का शुभारंभ, राज्याभिषेक, कर्णवेध, मुंडन आदि कार्यों का निषेध किया गया है। लेकिन, कुछ कार्य इस समय भी किए जाते हैं। इनमें पुंसवन, प्रसूति स्नान, इष्टिका दहन, नामकरण, अन्नप्राशन, व्यापार आरंभ आदि किए जा सकते हैं।
चातुर्मास में ये काम हैं वर्जित
पंडित अशोक दुबे के मुताबिक, चातुर्मास के पहले महीने सावन में हरी सब्जी, भादो में दही, आश्विन में दूध और कार्तिक में दाल नहीं खानी चाहिए। साथ ही इस दौरान स्वेच्छा से नियमित उपयोग के पदार्थों का त्याग करने का भी विधान है। चातुर्मास में पान- मसाला, सुपारी, मांस और मदिरा का सेवन भी वर्जित होता है।
29 को मनेगी हरिशयनी एकादशी
पंडित बृजेश पांडेय ने बताया कि 29 जून को हरिशयनी एकादशी है। इस दिन स्वाती नक्षत्र दिन में एक बजकर 10 मिनट तक, पश्चात विशाखा नक्षत्र, सिद्ध योग भी संपूर्ण दिन और अर्द्ध रात्रि के बाद एक बजकर 27 मिनट है। इस दिन सुस्थिर नामक औदायिक योग भी है। सूर्योदय कालीन एकादशी होने से विष्णु शयनी एकादशी इसी दिन मान्य रहेगा। यह महत्वपूर्ण एकादशी है, क्योंकि इसी दिन से विवाहादि समस्त महत्वपूर्ण मांगलिक कार्य पर रोक लग जाएगी।
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चातुर्मास का वैज्ञानिक महत्व भी
आचार्य दिव्यांशु महराज ने बताया कि चातुर्मास का धार्मिक ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक महत्व भी है। वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो इन दिनों बारिश होने से हवा में नमी बढ़ जाती है। इस कारण बैक्टीरिया से संक्रामक रोग सहित अन्य बीमारियां होने लगती है। इससे बचने के लिए इस दौरान खानपान में सावधानी रखने के साथ संतुलित जीवन शैली अपनानी चाहिए।
अपनी राशि में वक्री हुए शनि, सभी राशियों पर पड़ेगा असर
सिद्धार्थनगर। न्याय के देवता कहे जाने वाले शनिदेव, अपनी ही राशि यानी कुंभ में वक्री हो चुके हैं। कोई भी वक्री ग्रह अच्छे परिणाम नहीं देता है, क्योंकि वक्री का अर्थ है मार्ग से विपरीत चलना। जब कोई भी ग्रह अपने मार्ग से भटकता है तो इसका लोगों पर खराब असर पड़ता है। शनि ग्रह का वक्री होना, कुछ राशियों के लिए अच्छा तो ज्यादातर के लिए हानिकारक होगा। ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि शनि ग्रह, चार नवंबर तक कुंभ राशि में वक्री रहेंगे। शनि के वक्री होने का असर सभी राशियों पर पड़ेगा। संवाद
राशि और उन पर प्रभाव
मेषः व्यावसायिक लाभ, लेकिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। कोर्ट-कचहरी में विजय मिलेगी, राजनीतिक लाभ भी मिल सकता है।
वृषभः भाग्य में रुकावट का सामना करना पड़ेगा। यात्रा में दिक्कतें आएंगी। व्यापार, स्वास्थ्य व संतान की स्थिति अच्छी रहेगी।
मिथुनः स्वास्थ्य से संबंधित दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। मार्ग दुर्घटना हो सकती है। प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति अच्छी रहेगी।
कर्क: शादी-विवाह तय हो सकते हैं नौकरी की स्थिति में सुधार आएगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा।
सिंहः शत्रुओं पर विजय की प्राप्ति होगी। पैर में चोट लग सकती है। बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। व्यापार की दृष्टि से अच्छा समय रहेगा।
कन्याः बच्चों के सेहत पर ध्यान दें। प्रेम में विवाद हो सकता है। नव प्रेम का आगमन हो सकता है।
तुलाः प्रेम और संतान को लेकर मानसिक रूप से परेशान रहेंगे। व्यापार के लिए नए मार्ग बनेंगे।
वृश्चिकः गृह कलह की स्थिति बन सकती है। घर के विवाद को शांति से निपटाएं। स्वास्थ्य और प्रेम की स्थिति मध्यम रहेगी। व्यापार ठीक चलेगा।
धनुः कोर्ट-कचहरी में विजय मिलेगी। व्यावसायिक लाभ होगा नाक, कान और गले से संबंधित परेशानी होगी। प्रेम और संतान की स्थिति अच्छी रहेगी।
मकरः निवेश से बचें। परिवार में कलह की स्थिति हो सकती है। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति अच्छी रहेगी।
कुंभ: प्रेम और संतान की स्थिति अच्छी रहेगी। व्यापार अच्छा रहेगा, लेकिन पार्टनरशिप से बचें। स्वास्थ्य के संबंधित दिक्कत हो सकती है।
मीनः आय के नए मार्ग बनेंगे। व्यापार की स्थिति अच्छी होगी परेशानियों से निजात मिलेगी।
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चातुर्मास में ये काम हैं वर्जित
पंडित अशोक दुबे के मुताबिक, चातुर्मास के पहले महीने सावन में हरी सब्जी, भादो में दही, आश्विन में दूध और कार्तिक में दाल नहीं खानी चाहिए। साथ ही इस दौरान स्वेच्छा से नियमित उपयोग के पदार्थों का त्याग करने का भी विधान है। चातुर्मास में पान- मसाला, सुपारी, मांस और मदिरा का सेवन भी वर्जित होता है।
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29 को मनेगी हरिशयनी एकादशी
पंडित बृजेश पांडेय ने बताया कि 29 जून को हरिशयनी एकादशी है। इस दिन स्वाती नक्षत्र दिन में एक बजकर 10 मिनट तक, पश्चात विशाखा नक्षत्र, सिद्ध योग भी संपूर्ण दिन और अर्द्ध रात्रि के बाद एक बजकर 27 मिनट है। इस दिन सुस्थिर नामक औदायिक योग भी है। सूर्योदय कालीन एकादशी होने से विष्णु शयनी एकादशी इसी दिन मान्य रहेगा। यह महत्वपूर्ण एकादशी है, क्योंकि इसी दिन से विवाहादि समस्त महत्वपूर्ण मांगलिक कार्य पर रोक लग जाएगी।
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चातुर्मास का वैज्ञानिक महत्व भी
आचार्य दिव्यांशु महराज ने बताया कि चातुर्मास का धार्मिक ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक महत्व भी है। वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो इन दिनों बारिश होने से हवा में नमी बढ़ जाती है। इस कारण बैक्टीरिया से संक्रामक रोग सहित अन्य बीमारियां होने लगती है। इससे बचने के लिए इस दौरान खानपान में सावधानी रखने के साथ संतुलित जीवन शैली अपनानी चाहिए।
अपनी राशि में वक्री हुए शनि, सभी राशियों पर पड़ेगा असर
सिद्धार्थनगर। न्याय के देवता कहे जाने वाले शनिदेव, अपनी ही राशि यानी कुंभ में वक्री हो चुके हैं। कोई भी वक्री ग्रह अच्छे परिणाम नहीं देता है, क्योंकि वक्री का अर्थ है मार्ग से विपरीत चलना। जब कोई भी ग्रह अपने मार्ग से भटकता है तो इसका लोगों पर खराब असर पड़ता है। शनि ग्रह का वक्री होना, कुछ राशियों के लिए अच्छा तो ज्यादातर के लिए हानिकारक होगा। ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि शनि ग्रह, चार नवंबर तक कुंभ राशि में वक्री रहेंगे। शनि के वक्री होने का असर सभी राशियों पर पड़ेगा। संवाद
राशि और उन पर प्रभाव
मेषः व्यावसायिक लाभ, लेकिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। कोर्ट-कचहरी में विजय मिलेगी, राजनीतिक लाभ भी मिल सकता है।
वृषभः भाग्य में रुकावट का सामना करना पड़ेगा। यात्रा में दिक्कतें आएंगी। व्यापार, स्वास्थ्य व संतान की स्थिति अच्छी रहेगी।
मिथुनः स्वास्थ्य से संबंधित दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। मार्ग दुर्घटना हो सकती है। प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति अच्छी रहेगी।
कर्क: शादी-विवाह तय हो सकते हैं नौकरी की स्थिति में सुधार आएगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा।
सिंहः शत्रुओं पर विजय की प्राप्ति होगी। पैर में चोट लग सकती है। बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। व्यापार की दृष्टि से अच्छा समय रहेगा।
कन्याः बच्चों के सेहत पर ध्यान दें। प्रेम में विवाद हो सकता है। नव प्रेम का आगमन हो सकता है।
तुलाः प्रेम और संतान को लेकर मानसिक रूप से परेशान रहेंगे। व्यापार के लिए नए मार्ग बनेंगे।
वृश्चिकः गृह कलह की स्थिति बन सकती है। घर के विवाद को शांति से निपटाएं। स्वास्थ्य और प्रेम की स्थिति मध्यम रहेगी। व्यापार ठीक चलेगा।
धनुः कोर्ट-कचहरी में विजय मिलेगी। व्यावसायिक लाभ होगा नाक, कान और गले से संबंधित परेशानी होगी। प्रेम और संतान की स्थिति अच्छी रहेगी।
मकरः निवेश से बचें। परिवार में कलह की स्थिति हो सकती है। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। प्रेम, संतान और व्यापार की स्थिति अच्छी रहेगी।
कुंभ: प्रेम और संतान की स्थिति अच्छी रहेगी। व्यापार अच्छा रहेगा, लेकिन पार्टनरशिप से बचें। स्वास्थ्य के संबंधित दिक्कत हो सकती है।
मीनः आय के नए मार्ग बनेंगे। व्यापार की स्थिति अच्छी होगी परेशानियों से निजात मिलेगी।