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Siddharthnagar News: श्रीमद्भागवत कथा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर हर्षित हुए श्रोता
Thu, 27 Nov 2025 12:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 27 Nov 2025 12:18 AM IST
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पथरा। कस्बे में चल रहे नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में मंगलवार को देर शाम को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कथा के दौरान जैसे भगवान का जन्म हुआ तो पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की... के जयकारे गूंज उठे।
अयोध्या धाम से आए कथा व्यास सुरेंद्र दास शास्त्री ने कहा कि कलयुग में भागवत की कथा सुनने मात्र से हर प्राणी को मोक्ष की प्राप्ति होती है। कथावाचक ने कहा कि भागवत कथा एक ऐसी कथा है, जिसे ग्रहण करने मात्र से ही मन को शांति मिलती है। कथा वाचक ने कहा कि जब-जब धरती पर आसुरी शक्ति हावी हुईं, तब-तब परमात्मा ने धर्म की रक्षा के लिए अवतार लेकर पृथ्वी पर धर्म की स्थापना की। मथुरा में राजा कंस के अत्याचारों से व्यथित होकर धरती की करुण पुकार सुनकर नारायण ने कृष्ण रूप में देवकी के अष्टम पुत्र के रूप में जन्म लिया और धर्म और प्रजा की रक्षा कर कंस का अंत किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न बाल लीलाओं का वर्णन किया। आयोजक राम उग्रह ने आरती व पूजा-पाठ किया। इस अवसर पर हरिओम पांडेय, उमेश चंद्र मिश्र, दिलीप अग्रहरि, अनूप, आकाश आदि मौजूद रहे।
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अयोध्या धाम से आए कथा व्यास सुरेंद्र दास शास्त्री ने कहा कि कलयुग में भागवत की कथा सुनने मात्र से हर प्राणी को मोक्ष की प्राप्ति होती है। कथावाचक ने कहा कि भागवत कथा एक ऐसी कथा है, जिसे ग्रहण करने मात्र से ही मन को शांति मिलती है। कथा वाचक ने कहा कि जब-जब धरती पर आसुरी शक्ति हावी हुईं, तब-तब परमात्मा ने धर्म की रक्षा के लिए अवतार लेकर पृथ्वी पर धर्म की स्थापना की। मथुरा में राजा कंस के अत्याचारों से व्यथित होकर धरती की करुण पुकार सुनकर नारायण ने कृष्ण रूप में देवकी के अष्टम पुत्र के रूप में जन्म लिया और धर्म और प्रजा की रक्षा कर कंस का अंत किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न बाल लीलाओं का वर्णन किया। आयोजक राम उग्रह ने आरती व पूजा-पाठ किया। इस अवसर पर हरिओम पांडेय, उमेश चंद्र मिश्र, दिलीप अग्रहरि, अनूप, आकाश आदि मौजूद रहे।
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