फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Life is imprisoned in floods, problems for everyday items

Siddharthnagar News: बाढ़ में कैद है जिंदगी, रोजमर्रा के वस्तुओं के लिए परेशानी

Sun, 14 Jul 2024 12:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sun, 14 Jul 2024 12:26 AM IST
विज्ञापन
Life is imprisoned in floods, problems for everyday items

विज्ञापन



- राप्ती मचा रही है तबाही, बाढ़ से बिगड़े हालात

-भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र के कोहल गोनकोट, जुड़वनियां, चंदनजोत के लोगों की कम नहीं हुई समस्या

संवाद न्यूज एजेंसी

भनवापुर। एक सप्ताह से राप्ती के तांडव का शिकार हुए लोगों की जिंदगी गांवों में कैद हो कर रह गई है। शनिवार को क्षेत्र के गोनकोट कोहल, जुड़वनियां व चंदनजोत में बाढ़ का पानी कुछ कम जरूर हुआ, लेकिन जरूरी वस्तुओं के लिए अब भी लोगों की परेशानी कम नहीं हुई है। पहले जहां लोगों के घरों में घुटने तक पानी भरा था। आने-जाने के लिए कमर से ऊपर तक पानी में होकर आने-जाने की मजबूरी थी। वहीं, अब घरों में घुसे बाढ़ का पानी हट गया। रास्तों पर भी पानी घुटने तक आ गया, लेकिन अब भी समस्या कम नहीं हुई है।

क्षेत्र के जुड़वनियां गांव निवासी हसमत अली ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से उफनाई राप्ती की तबाही के बीच हम लोगों की जिंदगी पूरी तरह घर में कैद है। घरों में पानी भर जाने के कारण काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शौचालयों में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण सबसे अधिक समस्या बुजुर्गों व महिलाओं को हो रही है। क्षेत्र के चंदनजोत गांव निवासी शिवपूजन चौरसिया व मो. सिराज ने बताया कि हम लोग राप्ती के छोर पर बसे हैं। पिछले एक सप्ताह से बाढ़ ने हम लोगों की जिंदगी तबाह कर रही है। हम लोगों के गांव का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट जाने व प्रशासन की ओर से प्रयाप्त सुविधाएं मुहैया नहीं कराए जाने के कारण काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। घर में रखे जरूरी खाद्य सामग्री, पानी में डूब जाने के बाद जैसे-तैसे कर घर के छतों पर भोजन पकाना और छत तक सीमित रहना मजबूरी बन गई है। शनिवार को बाढ़ का पानी कम हुआ है। मगर स्थिति सामान्य होने में अभी भी एक सप्ताह लग सकता है।
विज्ञापन

क्षेत्र के कोहल गोनकोट गांव निवासी पृथ्वीराज ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से हम लोग बाढ़ के दौरान से किस तरह से जीवन यापन कर रहे हैं। इसका अंदाजा या तो बाढ़ पीड़ित लगा सकता है या फिर ईश्वर ही। गांव के करीब से होकर जाने वाली राप्ती के बाढ़ ने एक कैदी जैसी जिंदगी बना कर रखी है। गांव में हम लोगों के घरों से लेकर बाहर निकलते वाले रास्तों पर भरे तीन से चार फीट पानी का दृश्य देख कर कलेजा कांप जाता है। गांव व घरों के साथ चारों तरफ भरे बाढ़ को देख आधे पेट भोजन कर रात गुजारने की मजबूरी है। घरों में भरे बाढ़ के पानी के कारण छतों पर सोते समय जहरीले जीवों के डर से नींद भी ठीक से नहीं आती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


---

अभी भी इन गांवों के लोग बाढ़ के कारण हैं कैद

भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र के धनोहरा, पेंड़ारी मुस्तहकम, धनोहरा, रमवापुर उर्फ नेबुआ, पिकौरा, वीरपुर एहतमाली, वीरपुर कोहल, कठौतिया पांडेय, राउतडीला, बामदेई, गोपिया, बेंवा मुस्तहकम, असनहरा माफी, मछिया मुस्तहकम, मछिया एहतमाली, तेनुई, नेहतुआ आदि गांवों में लोगों के घरों से पानी हट गया है। मगर रोजमर्रा के वस्तुओं की पूर्ति के लिए एक से दो किलोमीटर नाव या फिर घुटने के ऊपर तक पानी से होकर जाना मजबूरी है।


---

इन मार्गों पर अभी भरा है पानी, बाइक या चार पहिया वाहन चालक जान जोखिम में डाल करते हैं यात्रा



ब्लॉक क्षेत्र के शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग पर सिरसिया से लेकर नवीन मंडी शाहपुर तक करीब तीन फीट पानी भरा है। बेंवा सिसई मार्ग, मन्नीजोत भरवठिया मार्ग, पेंड़रियाजीत वीरपुर मार्ग, गोपिया तरहर मार्ग, धनोहरा पेंड़ारी मुस्तहकम भरवठिया पेंड़रियाजीत मार्ग सहित आधा दर्जन मार्गों पर अभी दो से तीन फीट पानी भरा होने के बावजूद लोग जान जोखिम में डाल यात्रा करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed