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लेखपालों के तबादले का मामला गरमाया
siddharthnagar
Updated Mon, 15 May 2017 10:31 PM IST
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सिद्धार्थनगर।
जिले में बड़े पैमाने पर हुए लेखपालों के तबादले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। डीएम के तबादला आदेश से नाराज लेखपाल संघ के समर्थन में और भी कर्मचारी संगठन आगे आ गए हैं। सोमवार को उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ ने शहर स्थित पीडब्ल्यूडी निरीक्षण भवन में बैठक कर अपनी अपत्ति जताई।
जिलाध्यक्ष जयगोविंद यादव ने कहा कि लेखपाल संघ के पदाधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार नौगढ़ तहसील में कुल 240 लेखपालों की तैनाती है जिसमें से 117 लेखपालों का तबादला डीएम ने कर दिया है। डीएम का यह कदम शासन की मंशा के विपरीत है। कुछ लेखपालों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है जिसको लेकर लेखपाल संघ पिछले कई दिनों से नौगढ़ तहसील में धरनारत है और राजकीय कार्य प्रभावित हो रहा है। इसके बावजूद लेखपाल संघ की जायज मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिससे लेखपालों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही लेखपालों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो राज्य कर्मचारी महासंघ विभिन्न सरकारी कार्यालयों में काम बंद करा कर अनिश्चितकालीन आंदोलन करने को बाध्य होगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
बैठक का संचालन कार्यवाहक अध्यक्ष रणवीर सिंह ने किया। इस दौरान गोविंद पांडेय, महेंद्र मिश्रा, श्री कृष्णा सुरेश, सीताराम, राजेश सिंह, मिलन, दीपक श्रीवास्तव, राघवेंद्र, सुबाष त्रिपाठी समेत काफी संख्या में पदाधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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लेखपालों ने उत्पीड़न का आरोप लगाया
बांसी। विभिन्न मांगों को लेकर लेखपाल संघ ने सोमवार को तहसील कार्यालय के मुख्यद्वार पर धरना दिया। धरने को संबोधित करते हुए तहसील अध्यक्ष हरिश्चंद्र ने कहा कि अधिकारी नियमों की अनदेखी कर कार्य कर रहे हैं। एसडीएम व तहसीलदार बांसी अकारण लेखपालों का उत्पीड़न कर रहे हैं। धरने का संचालन मंत्री राम अजोर चौधरी ने किया। इस दौरान सुरेंद्र श्रीवास्तव, गिरीश श्रीवास्तव, बैजनाथ यादव, अरुण कुमार, अनिल कुमार श्रीवास्तव, इफ्तेखार अहमद, असलम, फरुक आदि मौजूद रहे।
लेखपाल संघ के साथ उतरा अन्य कर्मचारी संगठन
सिद्धार्थनगर।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ तहसील इकाई का धरना सातवें दिन सोमवार को तहसील परिसर में जारी रहा। कर्मचारी संगठनों के धरना-प्रदर्शन में उतरने से माहौल में और गर्मी आ गई। मांगों के निस्तारण तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी।
मंडलीय मंत्री राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद अरुण प्रजापति ने कहा कि तहसील प्रशासन की मनमानी नहीं चलेगी। एसडीएम सदर के स्वभाव से लेखपाल असंतुष्ट है। हठधर्मिता को अपनाने वाले एसडीएम ने तहसील के लेखपालों से वार्ता करने में तौहीन समझ रहे हैं। लेखपाल संघ की इस सैद्धांतिक संघर्ष में सभी कर्मचारी संगठन कंधे से कंधे मिलाकर खड़ा रहेगा। अगर तहसील व जिला प्रशासन ने मामले को समाप्त करने में कोई ठोस पहल नहीं की तो सभी विभागों के कर्मचारी एकजुट होकर संघर्ष करने के लिए सड़कों पर उतर जाएंगे। जिलाध्यक्ष राज्य कर्मचारी महासंघ जयगोविंद यादव ने कहा कि तहसील प्रशासन को हठधर्मिता छोड़नी होगी।
प्रकरण को तूल देने के बजाय अधिकारी वार्ता करने के लिए कर्मचारी संगठनों को बुलाए। आमने-सामने बैठने के बाद ही दोनों पक्षों के गिले-शिकवे दूर होंगे। धरना की अध्यक्षता अध्यक्ष तहसील इकाई कृष्ण भूषण द्विवेदी व संचालन तहसील मंत्री उमेश चंद्र वर्मा ने किया। इस दौरान जिला मंत्री राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद शिवाकांत पांडेय, कार्यवाहक अध्यक्ष रणवीर सिंह, जिला मंत्री लेखपाल संघ रामसमुझ, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामकरन गुप्ता, देवानंद, विनय पांडेय, अब्दुल गफ्फार, रामशंकर द्विवेदी, शिवप्रसाद यादव, गणेश तिवारी, प्रभु यादव, अरुण श्रीवास्तव, संजय कुमार, सुरेंद्र कुमार, अनूप यादव, अशोक गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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जिले में बड़े पैमाने पर हुए लेखपालों के तबादले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। डीएम के तबादला आदेश से नाराज लेखपाल संघ के समर्थन में और भी कर्मचारी संगठन आगे आ गए हैं। सोमवार को उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ ने शहर स्थित पीडब्ल्यूडी निरीक्षण भवन में बैठक कर अपनी अपत्ति जताई।
जिलाध्यक्ष जयगोविंद यादव ने कहा कि लेखपाल संघ के पदाधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार नौगढ़ तहसील में कुल 240 लेखपालों की तैनाती है जिसमें से 117 लेखपालों का तबादला डीएम ने कर दिया है। डीएम का यह कदम शासन की मंशा के विपरीत है। कुछ लेखपालों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है जिसको लेकर लेखपाल संघ पिछले कई दिनों से नौगढ़ तहसील में धरनारत है और राजकीय कार्य प्रभावित हो रहा है। इसके बावजूद लेखपाल संघ की जायज मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिससे लेखपालों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही लेखपालों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो राज्य कर्मचारी महासंघ विभिन्न सरकारी कार्यालयों में काम बंद करा कर अनिश्चितकालीन आंदोलन करने को बाध्य होगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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बैठक का संचालन कार्यवाहक अध्यक्ष रणवीर सिंह ने किया। इस दौरान गोविंद पांडेय, महेंद्र मिश्रा, श्री कृष्णा सुरेश, सीताराम, राजेश सिंह, मिलन, दीपक श्रीवास्तव, राघवेंद्र, सुबाष त्रिपाठी समेत काफी संख्या में पदाधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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लेखपालों ने उत्पीड़न का आरोप लगाया
बांसी। विभिन्न मांगों को लेकर लेखपाल संघ ने सोमवार को तहसील कार्यालय के मुख्यद्वार पर धरना दिया। धरने को संबोधित करते हुए तहसील अध्यक्ष हरिश्चंद्र ने कहा कि अधिकारी नियमों की अनदेखी कर कार्य कर रहे हैं। एसडीएम व तहसीलदार बांसी अकारण लेखपालों का उत्पीड़न कर रहे हैं। धरने का संचालन मंत्री राम अजोर चौधरी ने किया। इस दौरान सुरेंद्र श्रीवास्तव, गिरीश श्रीवास्तव, बैजनाथ यादव, अरुण कुमार, अनिल कुमार श्रीवास्तव, इफ्तेखार अहमद, असलम, फरुक आदि मौजूद रहे।
लेखपाल संघ के साथ उतरा अन्य कर्मचारी संगठन
सिद्धार्थनगर।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ तहसील इकाई का धरना सातवें दिन सोमवार को तहसील परिसर में जारी रहा। कर्मचारी संगठनों के धरना-प्रदर्शन में उतरने से माहौल में और गर्मी आ गई। मांगों के निस्तारण तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी।
मंडलीय मंत्री राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद अरुण प्रजापति ने कहा कि तहसील प्रशासन की मनमानी नहीं चलेगी। एसडीएम सदर के स्वभाव से लेखपाल असंतुष्ट है। हठधर्मिता को अपनाने वाले एसडीएम ने तहसील के लेखपालों से वार्ता करने में तौहीन समझ रहे हैं। लेखपाल संघ की इस सैद्धांतिक संघर्ष में सभी कर्मचारी संगठन कंधे से कंधे मिलाकर खड़ा रहेगा। अगर तहसील व जिला प्रशासन ने मामले को समाप्त करने में कोई ठोस पहल नहीं की तो सभी विभागों के कर्मचारी एकजुट होकर संघर्ष करने के लिए सड़कों पर उतर जाएंगे। जिलाध्यक्ष राज्य कर्मचारी महासंघ जयगोविंद यादव ने कहा कि तहसील प्रशासन को हठधर्मिता छोड़नी होगी।
प्रकरण को तूल देने के बजाय अधिकारी वार्ता करने के लिए कर्मचारी संगठनों को बुलाए। आमने-सामने बैठने के बाद ही दोनों पक्षों के गिले-शिकवे दूर होंगे। धरना की अध्यक्षता अध्यक्ष तहसील इकाई कृष्ण भूषण द्विवेदी व संचालन तहसील मंत्री उमेश चंद्र वर्मा ने किया। इस दौरान जिला मंत्री राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद शिवाकांत पांडेय, कार्यवाहक अध्यक्ष रणवीर सिंह, जिला मंत्री लेखपाल संघ रामसमुझ, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामकरन गुप्ता, देवानंद, विनय पांडेय, अब्दुल गफ्फार, रामशंकर द्विवेदी, शिवप्रसाद यादव, गणेश तिवारी, प्रभु यादव, अरुण श्रीवास्तव, संजय कुमार, सुरेंद्र कुमार, अनूप यादव, अशोक गुप्ता आदि मौजूद रहे।