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शोहरतगढ़ में एनएच बाईपास के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू
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शोहरतगढ़ में एनएच बाईपास के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू
सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ में एनएच बाईपास निर्माण के लिए सात राजस्व गांवों के 171 किसानों से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। एनएच की तरफ से चिह्नित की गई इन गांवों के 229 गाटों में 58 सरकारी भूमि शामिल हैं। भूमि अधिग्रहण में देरी से एनएच निर्माण प्रक्रिया में तेजी नहीं आ पा रही थी, वहीं किसान भी मुआवजे के लिए परेशान थे। अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने के बाद एनएच निर्माण शुरू हो जाएगा। इससे आवागमन में सहूलियत होगी।
शोहरतगढ़ में एनएच-730 के किमी 413.7 से किमी 419 तक 6.27 किमी लंबे बाईपास का 189 करोड़ रुपये से निर्माण होना है। इसके तहत दो रेलवे ओवरब्रिज का भी निर्माण होना है। बाईपास निर्माण के लिए अतिरिक्त भूमि की जरूरत थी। एनएच ने आसपास के राजस्व गांव अगया, छतहरी, खरगवार, कोइरीडीह, मेढ़वा, नकथर और परसिया के 171 किसानों की 29 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की थी।
राजस्व विभाग एवं एनएच की तरफ से चिह्नित भूमि का किसानों को मुआवजा देकर अधिग्रहण की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। मुआवजे के लिए 50 करोड़ रुपये आवंटित हो चुके हैं। बाईपास निर्माण से सघन आबादी वाले शोहरतगढ़ कस्बे के बाहर से ही दूर-दराज जाने वाले बड़े वाहनों का आवागमन हो सकेगा। स्थानीय निवासी चक्रधर मिश्र का कहना है कि शोहरतगढ़ बाईपास निर्माण होने से इस रूट से बलरामपुर, गोंडा होते हुए लखनऊ तक की यात्रा सुगम हो जाएगी। एनएच के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा का कहना है कि भूमि अधिग्रहण के बाद निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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अधिग्रहीत होंगी मंदिर व बांध की भूमि
शोहरतगढ़ बाईपास निर्माण के लिए अधिग्रहीत की जाने वाली सरकारी भूमि में चकमार्ग, चकरोड, खलिहान, बांध, नाला, नाली, नई परती, रास्ता, घोला, रेलवे व नहर भूमि शामिल होगी ही, साथ ही छतहरी गांव में स्थान समय माता मंदिर की भूमि भी अधिग्रहीत होगी। वहीं निजी भूमि में कृषि योग्य भूमि के अलावा मकान और बाग भी अधिग्रहीत किए जाएंगे।
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सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ में एनएच बाईपास निर्माण के लिए सात राजस्व गांवों के 171 किसानों से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। एनएच की तरफ से चिह्नित की गई इन गांवों के 229 गाटों में 58 सरकारी भूमि शामिल हैं। भूमि अधिग्रहण में देरी से एनएच निर्माण प्रक्रिया में तेजी नहीं आ पा रही थी, वहीं किसान भी मुआवजे के लिए परेशान थे। अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने के बाद एनएच निर्माण शुरू हो जाएगा। इससे आवागमन में सहूलियत होगी।
शोहरतगढ़ में एनएच-730 के किमी 413.7 से किमी 419 तक 6.27 किमी लंबे बाईपास का 189 करोड़ रुपये से निर्माण होना है। इसके तहत दो रेलवे ओवरब्रिज का भी निर्माण होना है। बाईपास निर्माण के लिए अतिरिक्त भूमि की जरूरत थी। एनएच ने आसपास के राजस्व गांव अगया, छतहरी, खरगवार, कोइरीडीह, मेढ़वा, नकथर और परसिया के 171 किसानों की 29 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की थी।
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राजस्व विभाग एवं एनएच की तरफ से चिह्नित भूमि का किसानों को मुआवजा देकर अधिग्रहण की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। मुआवजे के लिए 50 करोड़ रुपये आवंटित हो चुके हैं। बाईपास निर्माण से सघन आबादी वाले शोहरतगढ़ कस्बे के बाहर से ही दूर-दराज जाने वाले बड़े वाहनों का आवागमन हो सकेगा। स्थानीय निवासी चक्रधर मिश्र का कहना है कि शोहरतगढ़ बाईपास निर्माण होने से इस रूट से बलरामपुर, गोंडा होते हुए लखनऊ तक की यात्रा सुगम हो जाएगी। एनएच के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा का कहना है कि भूमि अधिग्रहण के बाद निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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अधिग्रहीत होंगी मंदिर व बांध की भूमि
शोहरतगढ़ बाईपास निर्माण के लिए अधिग्रहीत की जाने वाली सरकारी भूमि में चकमार्ग, चकरोड, खलिहान, बांध, नाला, नाली, नई परती, रास्ता, घोला, रेलवे व नहर भूमि शामिल होगी ही, साथ ही छतहरी गांव में स्थान समय माता मंदिर की भूमि भी अधिग्रहीत होगी। वहीं निजी भूमि में कृषि योग्य भूमि के अलावा मकान और बाग भी अधिग्रहीत किए जाएंगे।