{"_id":"647b7852313364b19b0eac22","slug":"krishna-in-shrimad-bhagwat-katha-siddharthnagar-news-c-7-1-192746-2023-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: श्रीमद् भागवत कथा में कृष्ण जन्म पर झूम उठे श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: श्रीमद् भागवत कथा में कृष्ण जन्म पर झूम उठे श्रद्धालु
Sat, 03 Jun 2023 10:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 03 Jun 2023 10:58 PM IST
विज्ञापन
शहर के इंदिरा नगर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में आयोजित कार्यक्रम का मंचन करते कलाकर।
सिद्धार्थनगर। शहर के इंदिरा नगर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में शुक्रवार देर शाम को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कथा के दौरान जैसे भगवान का जन्म हुआ तो पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान लोग झूमने-नाचने लगे।
कथा व्यास डॉ. स्वामी धराचर्य महाराज ने कहा कि कलयुग में भागवत की कथा सुनने मात्र से हर प्राणी को मोक्ष की प्राप्ति होती है। कथावाचक ने कहा कि भागवत कथा एक ऐसी कथा है जिसे ग्रहण करने मात्र से ही मन को शांति मिलती है। भागवत कथा सुनने से अहंकार का नाश होता है। भागवत कथा के आयोजन से श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल है। भगवान श्रीकृष्ण की वेश में नन्हें बालक के दर्शन करने के लिए लोग लालायित नजर आ रहे थे। कथा वाचक ने कहा कि जब धरती पर चारों ओर त्राहि-त्राहि मच गई, चारों ओर अत्याचार, अनाचार का साम्राज्य फैल गया तब भगवान श्रीकृष्ण ने देवकी के आठवें गर्भ के रूप में जन्म लेकर कंस का संहार किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न बाल लीलाओं का वर्णन किया। आयोजक जगन्नाथ प्रसाद ने आरती व पूजा पाठ किया। अधिवक्ता अखंड प्रताप सिंह, पीपी मिश्रा, शैलेंद्र गुप्ता, तेजस, अभिनव, नूपुर, प्रियांशी, संस्कृति, तनिष्का, सोनाली उपस्थित रहे।
विज्ञापन
कथा व्यास डॉ. स्वामी धराचर्य महाराज ने कहा कि कलयुग में भागवत की कथा सुनने मात्र से हर प्राणी को मोक्ष की प्राप्ति होती है। कथावाचक ने कहा कि भागवत कथा एक ऐसी कथा है जिसे ग्रहण करने मात्र से ही मन को शांति मिलती है। भागवत कथा सुनने से अहंकार का नाश होता है। भागवत कथा के आयोजन से श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल है। भगवान श्रीकृष्ण की वेश में नन्हें बालक के दर्शन करने के लिए लोग लालायित नजर आ रहे थे। कथा वाचक ने कहा कि जब धरती पर चारों ओर त्राहि-त्राहि मच गई, चारों ओर अत्याचार, अनाचार का साम्राज्य फैल गया तब भगवान श्रीकृष्ण ने देवकी के आठवें गर्भ के रूप में जन्म लेकर कंस का संहार किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न बाल लीलाओं का वर्णन किया। आयोजक जगन्नाथ प्रसाद ने आरती व पूजा पाठ किया। अधिवक्ता अखंड प्रताप सिंह, पीपी मिश्रा, शैलेंद्र गुप्ता, तेजस, अभिनव, नूपुर, प्रियांशी, संस्कृति, तनिष्का, सोनाली उपस्थित रहे।
विज्ञापन