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पटरी पर आई खलीलाबाद-बलरामपुर रेल परियोजना

Thu, 01 Jul 2021 10:15 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 01 Jul 2021 10:15 PM IST
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Khalilabad-Balrampur rail project on track
पटरी पर आई खलीलाबाद-बलरामपुर रेल परियोजना
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भूमि का सत्यापन शुरू, 240 किमी बनेगी रेललाइन
रेल सेवा से जड़ेगा डुमरियागंज और बांसी मुख्यालय
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर/डुमरियागंज। खलीलाबाद से बलरामपुर रेल परियोजना पटरी पर आ गई है। अस्तित्व में आने के एक दशक बाद इस परियोजना में भूमि का सत्यापन शुरू हुआ है। उसके बाद मुआवजा और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। जिले के डुमरियागंज और बांसी क्षेत्र के लोग इस परियोजना को पूर्ण होने पर क्षेत्र के विकास का सपना संजोए हुए हैं।
खलीलाबाद-बलरामपुर नई रेल परियोजना के स्वीकृत होने के बाद अब भूमि सत्यापन का कार्य शुरू हो चुका है। इस परियोजना के मूर्त रूप लेने से कुल 240 किमी में से जिले की 58 किमी की आबादी लाभान्वित होगी। इसमें डुमरियागंज और बांसी तहसील मुख्यालय प्रमुख है।
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रेल नेटवर्क से जुड़ जाएंगे छह जिले
आठ नवंबर 2020 को रेलमंत्री पीयूष गोयल ने खलीलाबाद, बांसी, डुमरियागंज, उतरौला, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती के लिए 240 किलोमीटर की नई रेलवे लाइन की स्वीकृति दी थी। करीब 4600 करोड़ की इस परियोजना के लिए जल्द ही जमीन अधिग्रहण के बाद आधिपत्य का काम आरंभ हो गया है। बहराइच जिले की बहराइच तहसील क्षेत्र के 11 गांव, श्रावस्ती जिले के इकौना तहसील क्षेत्र के 28 गांव, भिनगा तहसील क्षेत्र के 18 गांव, बलरामपुर जनपद के उतरौला तहसील क्षेत्र के 46 गांव, बलरामपुर तहसील क्षेत्र के 30 गांव, सिद्धार्थनगर जिले के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के 47 गांव, बांसी तहसील क्षेत्र के 58 गांव, संतकबीरनगर जिले के मेंहदावल तहसील क्षेत्र के 39 गांव, खलीलाबाद तहसील क्षेत्र के 46 गांव और बस्ती जिले के भानपुर तहसील क्षेत्र के पांच गांवों से होकर नई रेल लाइन जाएगी।
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बढ़ेगी पर्यटन व औद्योगिक विकास की संभावनाएं
सांसद जगदंबिका पाल ने बताया कि सरकार ने खलीलाबाद-श्रावस्ती रेलवे लाइन प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिपत्य शुरू हो गया है। रेल मंत्रालय की ओर से जमीन अधिग्रहण के लिए राज्य सरकार को पत्र और सर्टिफिकेट पूर्व में जारी किया गया था। सर्टिफिकेट में राज्य सरकार को जमीन अधिग्रहण का अधिकार देते हुए केंद्र सरकार की ओर से समय-समय पर अधिग्रहीत जमीन की मुआवजा राशि जारी करने का संकल्प जताया गया था। बताया कि यह परियोजना 4592 करोड़ की निर्धारित हुई है। विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि इस परियोजना से छह जिलों में विकास को गति मिलेगी। डुमरियागंज और बांसी क्षेत्र के रेल नेटवर्क से जुड़ने पर पर्यटन व औद्योगिक विकास क संभावना बढ़ जाएगी।
याद आया रेल लाओ संघर्ष
वर्ष 2008-09 में रेल लाओ संघर्ष समिति के बैनर तले उतरौला निवासी कमाल अहमद सिद्दीकी ने खलीलाबाद-बलरामपुर रेलवे लाइन को लेकर तीनों जिलों के तहसील मुख्यालय से लेकर जिला मुख्यालय तक धरना-प्रदर्शन कर क्षेत्रीय सांसदों से लेकर केंद्र सरकार का दरवाजा खटखटाने का कार्य किया था। इनकी पहल पर 1977 से चले आ रहे रेलवे लाइन बिछाने की मांग को वर्ष 2011-12 में रेल मंत्रालय ने संज्ञान में लिया और इनकोटेक लिमिटेड को खलीलाबाद-बलरामपुर रेलवे लाइन के सर्वे का काम दिया था। सर्वे के बाद 240 किलोमीटर की नई रेलवे लाइन की स्वीकृति दी थी। अब परियोजना पटरी पर आई तो लोगों का यह संघर्ष याद आया।

खलीलाबाद-बलरामपुर नई रेल लाइन परियोजना के लिए चिह्नित भूमि का सत्यापन कार्य शुरू हो गया है। इसके पूरा होते ही अधिग्रहण प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी। सिद्धार्थनगर में 93 गांव के लगभग 300 हेक्टेयर भूमि ली जाएगी।
- वीएस सिंह, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, पूर्वोत्तर रेलवे
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