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कैसलेस का शोर, विभागों पर नहीं जोर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 03 Jan 2017 10:09 PM IST
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कानपुर को कैशलेस बनाने के लिए सड़क पर उतरे बीजेपी कार्यकर्ता
- फोटो : SELF
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सिद्धार्थनगर। सरकार कैशलेस पर जोर दे रही है। उम्मीद की जा रही है कि आम जन लेन-देन डिजिटल के माध्यम से करें। स्वाइप और पीओएस (प्वांइट ऑफ सेल) मशीन को बढ़ावा दिया जा रहा है। मगर सरकारी विभाग खुद अब तक कैशलेस नहीं हो पाए हैं। किसी भी विभाग ने अब तक इस व्यवस्था को नहीं अपनाया है। वहां लेन-देन पूर्व की तरह कैश में ही हो रहा है।
उन्हें उच्चाधिकारियों के निर्देशों का इंतजार है। कुछ संस्थाओं ने अपने स्तर पर पहल की है, लेकिन बैंक उन्हें पीओएस मशीन अब तक उपलब्ध नहीं करा पाया है। आठ नवंबर को नोटबंदी लागू करने के बाद से सरकार ने कैशलेस लेन-देन पर जोर देना शुरू कर दिया था। इस मुहिम से प्रेरित होकर तमाम लोगों ने लेन-देन के लिए कार्ड और मोबाइल एप का इस्तेमाल शुरू भी कर दिया है, मगर सरकारी विभागों में अब तक इसकी पहल नहीं हुई है।
आम जनता से जुड़े सभी विभागों का यही हाल है। न तो बिजली विभाग कैशलेस हुआ है और न ही आपूर्ति, नगर पालिका, आबकारी, आरटीओ जैसे अन्य विभाग। हर जगह कैश में ही लेन-देन जारी है। हालांकि बिजली और दूरसंचार में भुगतान के लिए ऑनलाइन व्यवस्था पहले से ही जारी है, लेकिन बहुत कम लोग ही इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।
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उन्हें उच्चाधिकारियों के निर्देशों का इंतजार है। कुछ संस्थाओं ने अपने स्तर पर पहल की है, लेकिन बैंक उन्हें पीओएस मशीन अब तक उपलब्ध नहीं करा पाया है। आठ नवंबर को नोटबंदी लागू करने के बाद से सरकार ने कैशलेस लेन-देन पर जोर देना शुरू कर दिया था। इस मुहिम से प्रेरित होकर तमाम लोगों ने लेन-देन के लिए कार्ड और मोबाइल एप का इस्तेमाल शुरू भी कर दिया है, मगर सरकारी विभागों में अब तक इसकी पहल नहीं हुई है।
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आम जनता से जुड़े सभी विभागों का यही हाल है। न तो बिजली विभाग कैशलेस हुआ है और न ही आपूर्ति, नगर पालिका, आबकारी, आरटीओ जैसे अन्य विभाग। हर जगह कैश में ही लेन-देन जारी है। हालांकि बिजली और दूरसंचार में भुगतान के लिए ऑनलाइन व्यवस्था पहले से ही जारी है, लेकिन बहुत कम लोग ही इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।
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