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Siddharthnagar News: ककरहवा बना लांचिंग पैड, इस साल पकडे़ गए 19 विदेशी

Fri, 15 Nov 2024 11:39 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 15 Nov 2024 11:39 PM IST
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Kakarhwa became launching pad, 19 foreigners caught this year
भारत नेपाल सीमा ककरहवा में वाहन चालकों से पूछताछ करती पुलिस। स्रोत विज्ञ​प्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिद्धार्थनगर। सरहद पर विदेशी नागरिकों का दखल लगातार बढ़ रहा है। बिना वीजा घुसपैठ करने की कोशिश करते हुए ईरानी नागरिक के पकड़े जाने और उसके ड्रग माफिया के कनेक्शन के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई हैं। सुरक्षा एजेंसियों की चौकसी से वह पकड़ लिए जा रहे हैं, लेकिन जानकार इस घुसपैठ को चिंताजनक बता रहे हैं।
उनका मानना है कि बाॅर्डर पर जाने-आने में चीनी, बांग्लादेशी नागरिकों का पहुंचना सुरक्षा के लिहाजा से ठीक नहीं है। क्योंकि जनवरी से मार्च तक एकाएक मूवमेंट बढ़ी थी। बांग्लादेशी के साथ चीनी नागरिक पकड़े गए थे। एक प्रकार के ककरहवा बॉर्डर पर इनका मूवमेंट लांचिंग पैड जैसा हो गया है। इसके पीछे की वजह है कि गोरखपुर से यहां के लिए बस आती है और जाती भी है।
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गोरखपुर से लोग कहीं भी जा सकते हैं। इसलिए विदेशी नागरिक ककरहवा बाॅर्डर को ही चुनते हैं। हालांकि इनका पकड़ा जाना यह बता रहा है कि सुरक्षा चाक चौबंद है, जिसकी वजह से वह दबोच लिए जाते हैं। ईरानी नागरिक के पकड़े जाने के बाद एक बार फिर सीमा पर अलर्ट है, और हर आने-जाने वालों पर नजर रख रही है। सुरक्षा से जुड़े लोगों की संदिग्ध दिखने वालों से पूछताछ जा रही है।
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नेपाल से जिले की 68 किलोमीटर सीमा लगती है। खुली सीमा पर संदिग्धों की नजर पड़ने के बाद बाॅर्डर की निगरानी के लिए एसएसबी को तैनात कर दिया गया। इसके अलावा अन्य एजेंसियां लग गई हैं। साथ ही सीमावर्ती थानों की पुलिस भी बाॅर्डर पर निगाह रखती है। बॉर्डर से मादक पदार्थ और अन्य सामान की तस्करी जगजाहिर है।
सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई यह तस्दीक करती है कि बाॅर्डर पर तस्करी होती है, लेकिन बात तस्करी तक नहीं रुकती है। देश विरोधी तत्व कई बार सुरक्षा एजेंसियों के हाथ लगे और उनकी पूछताछ में इसी सीमा क्षेत्र में नेपाल में बैठकर गतिविधि संचालित करने की बात स्वीकार कर चुके हैं। इससे सीमा की संवेदनशीलता और बढ़ गई है।
नेपाल से होकर कोई भी सीमा में प्रवेश कर सकता है। इसलिए जवान भ्रमण करते रहते हैं, लेकिन कुछ समय से सीमा पर विदेशी नागरिकों का दखल बढ़ गया है। बिना वैध दस्तावेज के घुसने की कोशिश करते पकड़े जा रहे हैं। जनवरी से मार्च तक बांग्लादेशी, चीनी नागरिक पकड़े गए।
इसके अलावा मई के आसपास एक चीनी नागरिक पकड़ा गया। उसके जासूस होने का भी संदेह था। इसमें एटीएस सहित कई एजेंसियां ने पूछताछ की। बाद में उन्हीं की ओर से छानबीन की जाने लगी। अब फिर ककरहवा बाॅर्डर पर चेकिंग के दौरान टीम की सतर्कता से एक ईरानी नागरिक पकड़ा गया। जो बिना वीजा के दो साल से भारत में रह रहा था। उसके पास नेपाल का भी वीजा नहीं था और घुस रहा था।

उसके पास लखनऊ के पते का फर्जी आधार कार्ड, और दिल्ली की जेल में बंद अमित सिंह से संपर्क में होने की बात बताई है, और उसे ड्रग माफिया बताया है। एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसी की ओर से ईरानी नागरिक से पूछताछ करके मिले इनपुट की जांच शुरू कर दी है।
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