{"_id":"5ea5a7af8ebc3e904d587f51","slug":"jobcard-made-of-5279-villagers-issue-of-musterole-siddharthnagar-news-gkp34930041","type":"story","status":"publish","title_hn":"5279 ग्रामीणों का बना जॉबकार्ड, मस्टरोल निर्गत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
5279 ग्रामीणों का बना जॉबकार्ड, मस्टरोल निर्गत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
5279 ग्रामीणों का बना जॉबकार्ड, मस्टरोल निर्गत
सिद्धार्थनगर। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को लेकर घोषित लॉकडाउन के बाद मुंबई, दिल्ली, गुजरात जैसे गैर प्रांतों से गांव पहुंचे मजदूरों को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मुहैय्या कराने की पहल शुरू कर दी गई है। विशेष रोजगार दिवस के पहले दिन मनरेगा के तहत जिले के 5279 लोगों का जॉबकार्ड बनाने का रिकार्ड हासिल किया गया है। प्रदेश में सर्वाधिक जॉबकार्ड बनाने के मामले में जनपद को सर्वोच्च श्रेणी में सफलता मिली है।
मुख्य विकास अधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि कोरोना वायरस के कारण रोजी-रोटी के लिए मुंबई, गुजरात और दिल्ली गए गांवों के ग्रामीण लॉकडाउन के कारण घरों को वापस आ गए हैं। अभी भी आने का सिलसिला जारी है। इनको रोजगार मुहैय्या कराने के लिए मनरेगा अंतर्गत जॉबकार्ड बनाने के लिए रविवार को विशेष रोजगार दिवस आयोजित किया गया है। इस दौरान बाहर से आए व्यक्तियों को गांव में ही रोजगार देने के लिए पूरे जिले में 5279 ग्रामीणों का जॉबकार्ड बनाया गया है। सभी मजदूरों के लिए कार्य चिह्नित कर लिए गए हैं। मस्टरोल भी निर्गत किए जा रहे हैं। सीडीओ ने बताया कि ऐसे व्यक्तियों का जॉबकार्ड बनाने का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को लेकर घोषित लॉकडाउन के बाद मुंबई, दिल्ली, गुजरात जैसे गैर प्रांतों से गांव पहुंचे मजदूरों को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मुहैय्या कराने की पहल शुरू कर दी गई है। विशेष रोजगार दिवस के पहले दिन मनरेगा के तहत जिले के 5279 लोगों का जॉबकार्ड बनाने का रिकार्ड हासिल किया गया है। प्रदेश में सर्वाधिक जॉबकार्ड बनाने के मामले में जनपद को सर्वोच्च श्रेणी में सफलता मिली है।
मुख्य विकास अधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि कोरोना वायरस के कारण रोजी-रोटी के लिए मुंबई, गुजरात और दिल्ली गए गांवों के ग्रामीण लॉकडाउन के कारण घरों को वापस आ गए हैं। अभी भी आने का सिलसिला जारी है। इनको रोजगार मुहैय्या कराने के लिए मनरेगा अंतर्गत जॉबकार्ड बनाने के लिए रविवार को विशेष रोजगार दिवस आयोजित किया गया है। इस दौरान बाहर से आए व्यक्तियों को गांव में ही रोजगार देने के लिए पूरे जिले में 5279 ग्रामीणों का जॉबकार्ड बनाया गया है। सभी मजदूरों के लिए कार्य चिह्नित कर लिए गए हैं। मस्टरोल भी निर्गत किए जा रहे हैं। सीडीओ ने बताया कि ऐसे व्यक्तियों का जॉबकार्ड बनाने का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन