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अंतरिम जमानत पर रिहा हुए 19 बंदी
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लॉक डाउन के दौरान जेल से रिहा हुए बंदी।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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अंतरिम जमानत पर रिहा हुए 19 बंदी
कोरोना के प्रकोप को देखते हुए शासन ने रिहा करने का लिया निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। कोरोना वायरस के बढ़ते हुए प्रकोप को देखते हुए शासन ने जेलों की भीड़ कम करने का निर्णय लिया। शासन के निर्देश पर रविवार को अंतरित जमानत पर 19 बंदियों को रिहा कर दिया है। रिहा होने वालों में चोरी, शराब की तस्करी, दहेज हत्या और मारपीट के मामले में सजा काटने वाले बंदी शामिल हैं। जेल अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर रविवार को अंतरिम जमानत पर 19 बंदियों को रिहा गया है। इसमें अजीत पांडेय, संतो चौधरी, वीरेंद्र तिवारी, बृजेश गुप्ता, चिनकू, वेदप्रकाश पासवान, रफीक, धीरज शर्मा, सहजाद, रमजान, मांती देवी, दिनेश चौहान, सलमान, कुरबान अली, दिलीप कुमार, कमलेश्वर, नीतू उर्फ शशिकला, विशाल पांडेय, प्रवीण मल्ल रिहा होने वालों में शामिल हैं। रिहा होने वालों में प्रवीण मल्ल गोरखपुर का निवासी है, जिसे परिवार के लोग ले गए हैं। गौरतलब है कि जिला कारागार में विभिन्न प्रकार के अपराधों की सजा काट रहे बंदी शासन के निर्देश पर रविवार को रिहा हो गए। जेल से बाहर आने के बाद कुछ बंदी आपस में यही कहते हुए नजर आए कि कोरोना वायरस का कहर न तो होता तो शायद इतनी जल्द ही हम रिहा नहीं होते। परिवार के लोग भी ध्यान देना छोड़ चुके थे। वहीं, कुछ बंदियों का कहना था कि जेल में सुरक्षित थे। बाहर जो हो रहा है यह सुनकर डर लगता था। अब क्या होगा, अंदर होते तो संक्रमण से बच सकते थे।
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कोरोना के प्रकोप को देखते हुए शासन ने रिहा करने का लिया निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। कोरोना वायरस के बढ़ते हुए प्रकोप को देखते हुए शासन ने जेलों की भीड़ कम करने का निर्णय लिया। शासन के निर्देश पर रविवार को अंतरित जमानत पर 19 बंदियों को रिहा कर दिया है। रिहा होने वालों में चोरी, शराब की तस्करी, दहेज हत्या और मारपीट के मामले में सजा काटने वाले बंदी शामिल हैं। जेल अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर रविवार को अंतरिम जमानत पर 19 बंदियों को रिहा गया है। इसमें अजीत पांडेय, संतो चौधरी, वीरेंद्र तिवारी, बृजेश गुप्ता, चिनकू, वेदप्रकाश पासवान, रफीक, धीरज शर्मा, सहजाद, रमजान, मांती देवी, दिनेश चौहान, सलमान, कुरबान अली, दिलीप कुमार, कमलेश्वर, नीतू उर्फ शशिकला, विशाल पांडेय, प्रवीण मल्ल रिहा होने वालों में शामिल हैं। रिहा होने वालों में प्रवीण मल्ल गोरखपुर का निवासी है, जिसे परिवार के लोग ले गए हैं। गौरतलब है कि जिला कारागार में विभिन्न प्रकार के अपराधों की सजा काट रहे बंदी शासन के निर्देश पर रविवार को रिहा हो गए। जेल से बाहर आने के बाद कुछ बंदी आपस में यही कहते हुए नजर आए कि कोरोना वायरस का कहर न तो होता तो शायद इतनी जल्द ही हम रिहा नहीं होते। परिवार के लोग भी ध्यान देना छोड़ चुके थे। वहीं, कुछ बंदियों का कहना था कि जेल में सुरक्षित थे। बाहर जो हो रहा है यह सुनकर डर लगता था। अब क्या होगा, अंदर होते तो संक्रमण से बच सकते थे।