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Siddharthnagar News: उलझाते हैं तिराहे... रास्ते पर यातायात का बोझ, हर मोड़ जोखिम भरा
Sat, 14 Mar 2026 01:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 14 Mar 2026 01:30 AM IST
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सिद्धार्थनगर। बिना चौराहे वाले शहर का पहिया पांच तिराहों से होकर गुजरता है। मगर इन तिराहों से होकर गुजरने वालों की सांसें अटकी रहती हैं। बाजार से लेकर मुख्यालय तक पहुंचने वाले लगभग सभी रास्ते इन्हीं तिराहों से गुजरते हैं, लेकिन अधिकांश जगहों पर न ट्रैफिक सिग्नल हैं, न स्पष्ट संकेत और न ही स्पीड कंट्रोल का इंतजाम।
ऐसे में हर रोज हजारों लोग जोखिम लेकर इन रास्तों से गुजरने को मजबूर हैं। किसी की गाड़ी में टक्कर लग रहा है तो किसी में खरोंच लग रही है। लोगों में कई बार विवाद भी हो रहा है।
मुख्य बाजार के दुकानदार राजन गुप्ता बताते हैं कि सुबह और शाम के समय तिराहों पर सबसे ज्यादा परेशानी होती है। स्कूल बस, ई-रिक्शा और बाइक एक साथ पहुंचते हैं तो कुछ देर के लिए पूरा ट्रैफिक रुक जाता है। इसी रास्ते से रोज गुजरने वाले बाइक चालक अभिषेक कहते हैं कि तिराहे पर यह तय नहीं होता कि पहले कौन निकलेगा। हर कोई जल्दी में रहता है। कई बार तो बाल-बाल हादसा टलता है। साड़ी तिराहा : सुबह नौ बजे साड़ी तिराहा पर आने-जाने वालों की हलचल मची हुई है। स्कूल बसें, बाइक और ई-रिक्शा सब साथ आ रहे हैं। लोग रास्ते में हाथ हिलाते हुए आगे निकलने की कोशिश कर रहे हैं। दुकानदार भी बाहर खड़े-खड़े ट्रैफिक पर नजर रखे हैं। बाल-बाल हादसे टल रहे हैं, लेकिन दिक्कत बनी हुई है। ट्रैफिक टीम मौजूद तो दिखी लेकिन लोगों में सब्र कम दिखा। हाइडिल तिराहा : सुबह 10 बजे हाइडिल तिराहा पर हाईवे से आने वाली गाड़ियां एक साथ टकराती-टकराती गुजर रही हैं। न सिग्नल, न स्पीड ब्रेकर। बाइक वाले धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे हैं। दुकानदार, बच्चे, राहगीर सब सड़क किनारे खड़े-खड़े देख रहे हैं कि कोई हादसा न हो जाए। एक बाइक में कार की टक्कर लगने के बाद कहासुनी भी हुई।
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विवेकानंद तिराहा : सुबह 10.30 बजे विवेकानंद तिराहा पर बाजार की ओर लोग और वाहन हर तरफ से आ रहे हैं। ऑटो, बाइक और पैदल यात्री एक साथ टकरा कर आगे बढ़ रहे हैं। सड़क किनारे अतिक्रमण और जाम की वजह से लोग परेशान हैं। हॉर्न बजते-बजते लोग अपने रास्ते बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
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ऐसे में हर रोज हजारों लोग जोखिम लेकर इन रास्तों से गुजरने को मजबूर हैं। किसी की गाड़ी में टक्कर लग रहा है तो किसी में खरोंच लग रही है। लोगों में कई बार विवाद भी हो रहा है।
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मुख्य बाजार के दुकानदार राजन गुप्ता बताते हैं कि सुबह और शाम के समय तिराहों पर सबसे ज्यादा परेशानी होती है। स्कूल बस, ई-रिक्शा और बाइक एक साथ पहुंचते हैं तो कुछ देर के लिए पूरा ट्रैफिक रुक जाता है। इसी रास्ते से रोज गुजरने वाले बाइक चालक अभिषेक कहते हैं कि तिराहे पर यह तय नहीं होता कि पहले कौन निकलेगा। हर कोई जल्दी में रहता है। कई बार तो बाल-बाल हादसा टलता है। साड़ी तिराहा : सुबह नौ बजे साड़ी तिराहा पर आने-जाने वालों की हलचल मची हुई है। स्कूल बसें, बाइक और ई-रिक्शा सब साथ आ रहे हैं। लोग रास्ते में हाथ हिलाते हुए आगे निकलने की कोशिश कर रहे हैं। दुकानदार भी बाहर खड़े-खड़े ट्रैफिक पर नजर रखे हैं। बाल-बाल हादसे टल रहे हैं, लेकिन दिक्कत बनी हुई है। ट्रैफिक टीम मौजूद तो दिखी लेकिन लोगों में सब्र कम दिखा। हाइडिल तिराहा : सुबह 10 बजे हाइडिल तिराहा पर हाईवे से आने वाली गाड़ियां एक साथ टकराती-टकराती गुजर रही हैं। न सिग्नल, न स्पीड ब्रेकर। बाइक वाले धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे हैं। दुकानदार, बच्चे, राहगीर सब सड़क किनारे खड़े-खड़े देख रहे हैं कि कोई हादसा न हो जाए। एक बाइक में कार की टक्कर लगने के बाद कहासुनी भी हुई।
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विवेकानंद तिराहा : सुबह 10.30 बजे विवेकानंद तिराहा पर बाजार की ओर लोग और वाहन हर तरफ से आ रहे हैं। ऑटो, बाइक और पैदल यात्री एक साथ टकरा कर आगे बढ़ रहे हैं। सड़क किनारे अतिक्रमण और जाम की वजह से लोग परेशान हैं। हॉर्न बजते-बजते लोग अपने रास्ते बनाने की कोशिश कर रहे हैं।