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वर्चुअल राउंड में डेढ़ हुआ मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण
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वर्चुअल राउंड में डेढ़ हुआ मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण
सिद्धार्थनगर। नेेशनल मेडिकल कमीशन की टीम ने मंगलवार को डेढ़ घंटे से अधिक समय तक वर्चुअल माध्यम से निरीक्षण किया। वीडियो कॉलिंग के माध्यम से टीम के सदस्यों ने मेडिकल कॉलेज के मानकों की जांच की और पूछताछ में स्थिति स्पष्ट की।
एनएमसी टीम संतुष्ट होगी तो उसकी रिपोर्ट के अनुसार मेडिकल कॉलेज को मान्यता प्राप्त होगी और मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीटों पर प्रवेश का रास्ता साफ हो जाएगा।
एनएमसी टीम का वर्चुअल राउंड मंगलवार को दोपहर तीन बजे शुरू होना था, समय से लिंक प्राप्त हो गया था, जिसमें मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर से शाम चार बजे वीडियो कॉलिंग शुरू हुई और शाम 5.30 बजे तक प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने मानक के अनुसार पूरे किए गए कार्यों की जानकारी दी और वीडियो भी दिखाएं। टीम के सदस्यों के बातचीत के दौरान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य बारी-बारी से पूरे किए गए कार्यों को बताते रहे।
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प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने बताया कि वर्चुअल माध्यम से हुए निरीक्षण के दौरान एनएमसी टीम के सदस्यों को जानकारी दी गई। एनएमसी की रिपोर्ट के आधार पर मेडिकल कॉलेज को मान्यता प्राप्त होगी।
मेडिकल कॉलेज ने भेजा था वीडियो
एनएमसी की टीम ने तीन अगस्त को मेडिकज कॉलेज का निरीक्षण किया था, उसके बाद टीम के सदस्यों ने मानक अधूरे होने की रिपोर्ट दी थी। प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने कार्यों को कराने के बाद वीडियो बनाकर एनएमसी को भेजा था, उसके आधार पर वर्चुअल माध्यम से निरीक्षण हुआ। मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी के साथ ब्वाएज, गर्ल्स हॉस्टल, लैब एवं लाइब्रेरी आदि सुविधाएं शामिल हैं।
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सिद्धार्थनगर। नेेशनल मेडिकल कमीशन की टीम ने मंगलवार को डेढ़ घंटे से अधिक समय तक वर्चुअल माध्यम से निरीक्षण किया। वीडियो कॉलिंग के माध्यम से टीम के सदस्यों ने मेडिकल कॉलेज के मानकों की जांच की और पूछताछ में स्थिति स्पष्ट की।
एनएमसी टीम संतुष्ट होगी तो उसकी रिपोर्ट के अनुसार मेडिकल कॉलेज को मान्यता प्राप्त होगी और मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीटों पर प्रवेश का रास्ता साफ हो जाएगा।
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एनएमसी टीम का वर्चुअल राउंड मंगलवार को दोपहर तीन बजे शुरू होना था, समय से लिंक प्राप्त हो गया था, जिसमें मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर से शाम चार बजे वीडियो कॉलिंग शुरू हुई और शाम 5.30 बजे तक प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने मानक के अनुसार पूरे किए गए कार्यों की जानकारी दी और वीडियो भी दिखाएं। टीम के सदस्यों के बातचीत के दौरान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य बारी-बारी से पूरे किए गए कार्यों को बताते रहे।
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प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने बताया कि वर्चुअल माध्यम से हुए निरीक्षण के दौरान एनएमसी टीम के सदस्यों को जानकारी दी गई। एनएमसी की रिपोर्ट के आधार पर मेडिकल कॉलेज को मान्यता प्राप्त होगी।
मेडिकल कॉलेज ने भेजा था वीडियो
एनएमसी की टीम ने तीन अगस्त को मेडिकज कॉलेज का निरीक्षण किया था, उसके बाद टीम के सदस्यों ने मानक अधूरे होने की रिपोर्ट दी थी। प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने कार्यों को कराने के बाद वीडियो बनाकर एनएमसी को भेजा था, उसके आधार पर वर्चुअल माध्यम से निरीक्षण हुआ। मेडिकल कॉलेज की फैकल्टी के साथ ब्वाएज, गर्ल्स हॉस्टल, लैब एवं लाइब्रेरी आदि सुविधाएं शामिल हैं।