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रामचरित मानस में बताए मार्ग का करना चाहिए अनुसरण : आलोकानंद शास्त्री
Sat, 09 Mar 2024 02:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 09 Mar 2024 02:01 AM IST
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डुमरियागंज। नगर पंचायत के इंदिरानगर वार्ड में आयोजित संगीतमयी श्रीरामकथा के दूसरे दिन बृहस्पतिवार की रात श्रद्धालु भक्तों की भारी भीड़ कथा के रसपान करने के लिए उमड़ी। कथा में रामचरित मानस सुनने और इसमें बताए मार्ग का अनुसरण करने का महत्व बताया गया।
कथा वाचक आलोकानंद शास्त्री ने कहा कि जीवन के हर संशय का समाधान श्रीराम कथा करती है। रामचरित मानस में नौ दिन में नौ प्रश्न हैं। निर्गुण ब्रह्म सगुण कैसे हो गया, राम जन्म का कारण क्या है। प्रभु के बाल्यकाल की लीला, विवाह लीला, वनगमन लीला और राक्षसों के मारने का प्रयोजन। अयोध्या में रामराज्य अभिषेक और संतों का चरित्र। इन्हीं प्रश्नों के उत्तर नौ दिन में दिए जाते हैं। शास्त्री ने कहा कि भक्त के हृदय में भगवान आए तो आंसू आए बिना रह नहीं सकते। भगवान का सिमरण करते रहिए।
कथा में शिवकुमार, सभासद उमाशंकर गौड़, जमुना प्रसाद प्रजापति, घनश्याम पांडेय, राम बहादुर जायसवाल, गोरखनाथ आदि शामिल रहे।
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कथा वाचक आलोकानंद शास्त्री ने कहा कि जीवन के हर संशय का समाधान श्रीराम कथा करती है। रामचरित मानस में नौ दिन में नौ प्रश्न हैं। निर्गुण ब्रह्म सगुण कैसे हो गया, राम जन्म का कारण क्या है। प्रभु के बाल्यकाल की लीला, विवाह लीला, वनगमन लीला और राक्षसों के मारने का प्रयोजन। अयोध्या में रामराज्य अभिषेक और संतों का चरित्र। इन्हीं प्रश्नों के उत्तर नौ दिन में दिए जाते हैं। शास्त्री ने कहा कि भक्त के हृदय में भगवान आए तो आंसू आए बिना रह नहीं सकते। भगवान का सिमरण करते रहिए।
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कथा में शिवकुमार, सभासद उमाशंकर गौड़, जमुना प्रसाद प्रजापति, घनश्याम पांडेय, राम बहादुर जायसवाल, गोरखनाथ आदि शामिल रहे।