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Siddharthnagar News: संवेदनशील कटान स्थलों पर बढ़ा खतरा, कई मकान व खेत जद में
Thu, 23 Jul 2026 02:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 23 Jul 2026 02:34 AM IST
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डुमरियागंज राप्ती सेतु पर लगे खतरे की निशान से काफी निचे बहती राप्ती नदी।
जलस्तर बढ़ने के साथ ही राप्ती, बूढ़ी राप्ती और बानगंगा नदियां कर रही कटान
जिले के सभी पांचों तहसीलों में नदियों किनारे के ग्रामीण सहमे
सिद्धार्थनगर। खतरे के निशान से नीचे होने के बावजूद जिले की बूढ़ी राप्ती और राप्ती समेत अन्य नदियों के किनारे बुधवार को भी कटान जारी रही। इससे नदियों के किनारे स्थित लोगों के मकान और खेत जद में आ गए हैं, जिससे इनके अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। शोहरतगढ़ क्षेत्र में बानगंगा नदी से नौडिहवा गांव के पास अब भी कटान जारी है। वहीं, उसका क्षेत्र में बूढ़ी राप्ती नदी के किनारे स्थित तिवारीडीह गांव में कई मकान व पेड़ों पर नदी में विलीन होने का खतरा मंडरा रहा है।
पिछले सात दिनों से नेपाल के पहाड़ों व जिले में रुक-रुककर हो रही बारिश से नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ाेतरी हो रही थी। मंगलवार सुबह खतरे के निशान को पार कर चुकी बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर बुधवार को नीचे आ गया। यहां खतरे के निशान 85.650 मीटर है जबकि नदी 84.160 मीटर पर बह रही थी। वहीं, राप्ती के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है लेकिन खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है। कूड़ा और घोघी नदियों का जलस्तर भी लाल निशान से नीचे है।
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शोहरतगढ़ में पुल पर मंडरा रहा खतरा
बानगंगा नदी के बढ़े जलस्तर के घटने के साथ किनारे पर स्थित क्षेत्र नौडिहवा गांव के पास कटान से किनारे लगा हाईटेंशन बिजली का पोल नदी में समा गया। जबकि कटान से नौडिहवा गांव के पास नदी पर बने पुल का एप्रोच भी जद में आ गया है। जानकारों का कहना है कि अगर कटान से पुल के एप्रोच के नीचे की मिट्टी गिरी तो पुल पर भी खतरा बढ़ जाएगा। नौडिहवा गांव के लोगों का कहना है कि बानगंगा नदी की कटान ने बिजली के पोल को जद में ले लिया, जिससे लोगों में दहशत है। यदि समय रहते बचाव कार्य नहीं कराया गया तो पुल समेत कई और मकान, कृषि भूमि नदी में समा सकते हैं।
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अधूरे बांध से भी मंडरा खतरा, डूबेंगे कई गांव
बांसी डुमरियागंज व शाहपुर से भोजपुर बांध निर्माण कार्य अधूरा रहने से ग्रामीणों में डर का माहौल है। 40 किमी लंबे शाहपुर से भोजपुर बांध के बीच जगह-जगह गैप हो गए हैं। कहीं जमीन नहीं मिलने तो कभी बजट न होने के कारण गैप भरे नहीं जा सके हैं। वहीं, बांध के निर्मित हिस्से में भी बारिश के पानी या चूहे के बिल के कारण क्षतिग्रस्त होकर दरारें नजर आ रही हैं। वर्ष 2023-24 में बाढ़ में पानी के दबाव के चलते शाहपुर से धनोहरा गांव के सरहद तक यह बांध दो स्थानों पर कट गया था, जिसके गैप भी अब तक नहीं भरे गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मछिया से फत्तेपुर गांव के बीच करीब डेढ़ से दो किलोमीटर गैप है।
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नदियों का जलस्तर मीटर में
नदी खतरे का स्तर बुधवार को जलस्तर
राप्ती 84.900 82.900
बूढ़ी राप्ती 85.650 84.160
कूड़ा 83.520 81.650
घोघी 87.000 85.900
बानगंगा 93.420 89.200
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जिले के सभी पांचों तहसीलों में नदियों किनारे के ग्रामीण सहमे
सिद्धार्थनगर। खतरे के निशान से नीचे होने के बावजूद जिले की बूढ़ी राप्ती और राप्ती समेत अन्य नदियों के किनारे बुधवार को भी कटान जारी रही। इससे नदियों के किनारे स्थित लोगों के मकान और खेत जद में आ गए हैं, जिससे इनके अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। शोहरतगढ़ क्षेत्र में बानगंगा नदी से नौडिहवा गांव के पास अब भी कटान जारी है। वहीं, उसका क्षेत्र में बूढ़ी राप्ती नदी के किनारे स्थित तिवारीडीह गांव में कई मकान व पेड़ों पर नदी में विलीन होने का खतरा मंडरा रहा है।
पिछले सात दिनों से नेपाल के पहाड़ों व जिले में रुक-रुककर हो रही बारिश से नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ाेतरी हो रही थी। मंगलवार सुबह खतरे के निशान को पार कर चुकी बूढ़ी राप्ती नदी का जलस्तर बुधवार को नीचे आ गया। यहां खतरे के निशान 85.650 मीटर है जबकि नदी 84.160 मीटर पर बह रही थी। वहीं, राप्ती के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है लेकिन खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है। कूड़ा और घोघी नदियों का जलस्तर भी लाल निशान से नीचे है।
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शोहरतगढ़ में पुल पर मंडरा रहा खतरा
बानगंगा नदी के बढ़े जलस्तर के घटने के साथ किनारे पर स्थित क्षेत्र नौडिहवा गांव के पास कटान से किनारे लगा हाईटेंशन बिजली का पोल नदी में समा गया। जबकि कटान से नौडिहवा गांव के पास नदी पर बने पुल का एप्रोच भी जद में आ गया है। जानकारों का कहना है कि अगर कटान से पुल के एप्रोच के नीचे की मिट्टी गिरी तो पुल पर भी खतरा बढ़ जाएगा। नौडिहवा गांव के लोगों का कहना है कि बानगंगा नदी की कटान ने बिजली के पोल को जद में ले लिया, जिससे लोगों में दहशत है। यदि समय रहते बचाव कार्य नहीं कराया गया तो पुल समेत कई और मकान, कृषि भूमि नदी में समा सकते हैं।
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अधूरे बांध से भी मंडरा खतरा, डूबेंगे कई गांव
बांसी डुमरियागंज व शाहपुर से भोजपुर बांध निर्माण कार्य अधूरा रहने से ग्रामीणों में डर का माहौल है। 40 किमी लंबे शाहपुर से भोजपुर बांध के बीच जगह-जगह गैप हो गए हैं। कहीं जमीन नहीं मिलने तो कभी बजट न होने के कारण गैप भरे नहीं जा सके हैं। वहीं, बांध के निर्मित हिस्से में भी बारिश के पानी या चूहे के बिल के कारण क्षतिग्रस्त होकर दरारें नजर आ रही हैं। वर्ष 2023-24 में बाढ़ में पानी के दबाव के चलते शाहपुर से धनोहरा गांव के सरहद तक यह बांध दो स्थानों पर कट गया था, जिसके गैप भी अब तक नहीं भरे गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मछिया से फत्तेपुर गांव के बीच करीब डेढ़ से दो किलोमीटर गैप है।
नदियों का जलस्तर मीटर में
नदी खतरे का स्तर बुधवार को जलस्तर
राप्ती 84.900 82.900
बूढ़ी राप्ती 85.650 84.160
कूड़ा 83.520 81.650
घोघी 87.000 85.900
बानगंगा 93.420 89.200