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Siddharthnagar News: अचानक व्यवहार में आए बदलाव तो चिकित्सक को दिखाएं
Fri, 24 Oct 2025 11:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 24 Oct 2025 11:52 PM IST
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सिद्धार्थनगर। मौसम का बदलाव सेहत पर कई तरह से असर डालता है। कुछ मामलों में पहचान न होने से व्यक्ति गंभीर बीमारी ग्रस्त हो सकता है। इसमें डिप्रेशन यानी अवसाद सबसे खतरनाक है। इससे पीड़ित व्यक्ति आत्मघाती कदम तक उठा लेता है। ठंड के मौसम में अगर किसी व्यक्ति के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखे तो सतर्क हो जाएं और चिकित्सक को दिखाकर जरूरी सलाह लें।
चिकित्सकों का कहना है कि अवसाद ग्रस्त व्यक्ति के व्यवहार में कई तरह के बदलाव हो सकते हैं। जैसे एकाएक गुमसुम हो जाना, अधिक बोलना या फिर किसी काम को करते ही रहना आदि। किसी भी व्यक्ति में यह लक्षण दिखें तो बिना देरी किए मानसिक रोग विशेषज्ञ को दिखाएं और उसके दिए गए सुझावों का पालन करें। ठंड बढ़ते ही डिप्रेशन की समस्याएं बढ़ जाती है। बादल के छाया रहने, धुंध बनी रहने के साथ सूरज के न दिखने से कई लोग व्याकुल हो जाते हैं। यह समय अक्तूबर माह के आखिरी और नवंबर माह के पहले सप्ताह में शुरू हो जाता है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में मानसिक रोग विभाग में मरीज नियमित आते हैं।
मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. मो अफजल के मुताबिक नवंबर माह के आखिरी सप्ताह और दिसंबर व जनवरी माह में अवसाद से पीड़ित लोगों की संख्या में वृद्धि हो जाती है। सर्दियों के मौसम में दिमाग के अंदर रसायनिक प्रक्रिया काफी तेजी से होती है। बाहर के मौसम के अनुरूप वह ढल नहीं पाते हैं, ऐसे में यह समस्या ज्यादा रहती है। ी
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चिकित्सकों का कहना है कि अवसाद ग्रस्त व्यक्ति के व्यवहार में कई तरह के बदलाव हो सकते हैं। जैसे एकाएक गुमसुम हो जाना, अधिक बोलना या फिर किसी काम को करते ही रहना आदि। किसी भी व्यक्ति में यह लक्षण दिखें तो बिना देरी किए मानसिक रोग विशेषज्ञ को दिखाएं और उसके दिए गए सुझावों का पालन करें। ठंड बढ़ते ही डिप्रेशन की समस्याएं बढ़ जाती है। बादल के छाया रहने, धुंध बनी रहने के साथ सूरज के न दिखने से कई लोग व्याकुल हो जाते हैं। यह समय अक्तूबर माह के आखिरी और नवंबर माह के पहले सप्ताह में शुरू हो जाता है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में मानसिक रोग विभाग में मरीज नियमित आते हैं।
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मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. मो अफजल के मुताबिक नवंबर माह के आखिरी सप्ताह और दिसंबर व जनवरी माह में अवसाद से पीड़ित लोगों की संख्या में वृद्धि हो जाती है। सर्दियों के मौसम में दिमाग के अंदर रसायनिक प्रक्रिया काफी तेजी से होती है। बाहर के मौसम के अनुरूप वह ढल नहीं पाते हैं, ऐसे में यह समस्या ज्यादा रहती है। ी
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