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बचाव पर भारी राप्ती की लहर, कट गई आधी सड़क
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सिंगारजोत पुल के एप्रोच की कटान को रोकने के लिए कार्य करते मजदूर।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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बचाव पर भारी राप्ती की लहर, कट गई आधी सड़क
सिद्धार्थनगर। शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग स्थित राप्ती पुल के पास एप्रोच में हो रही कटान तीसरे दिन भी नहीं थमी। जेसीबी के साथ 35-40 श्रमिक दिन-रात प्रयास कर रहे हैं, लेकिन राप्ती की तेज लहर के आगे उनका प्रयास पूरी तरह सार्थक नहीं हो पाया है। पुलिया से सड़क को अगल होने का जोखिम बन गया है।
सिद्धार्थनगर-बलरामपुर जिले को जोड़ने वाले शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग में चालीस मीटर लंबाई में कटान हो रही है। पहले दिन करीब तीन मीटर चौड़ाई थी, जो तीसरे दिन तक साढ़े तीन मीटर हो गई है। बृहस्पतिवार को एक श्रमिक ने नाव से नीचे की ओर झांका तो देखा कि जहां बोरियों में ईट की गिट्टियां भरकर डाली गई हैं, वहां भी कटान हो गई है। जिस स्थान पर गिट्टियों की बोरिया रखी गई हैं, उसके नीचे भी सड़क में कटान हो रही है। इस प्रकार कटान तेज होने के कारण जोखिम बढ़ गया है। इसी तरह कटान होती रही तो बलरामपुर-सिद्धार्थनगर जिले का संपर्क मार्ग कट सकता है।
पीडब्लूडी विभाग के अवर अधिशाषी अभियंता सुशील कुमार श्रीवास्तव, जेई रवि प्रताप यादव, जेई दुर्गा प्रसाद, जेई अतुल कुमार बृहस्पतिवार को मौके पर मौजूद थे। उन्होंने बताया कि सिंचाई विभाग के कर्मचारी दिनेश कुमार के साथ कटान को रोकने के लिए कई तरीके अपनाए जा रहे हैं। इस संबंध में अधिशाषी अभियंता पीडब्लूडी बलरामपुर ने बताया कि कटान पर जल्द ही काबू पा लिया जाएगा। उसके बाद पुल पर चार पहिया वाहनों के प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
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जिले से उतरौला, गोंडा, बलरामपुर लखनऊ आदि जाने वाले चार पहिया वाहनों पर पुलिस ने रोक लगा दी है, जिससे सिंगारजोत से उतरौला सात किमी की जगह 70 किमी दूरी तय करके लोग उतरौला जा रहे हैं। केवल दो पहिया वाहन किसी तरह जा पा रहे हैं। जिले से बलरामपुर होते हुए लखनऊ जाने वाले लोगों को अब 90 किमी दूरी ज्यादा तय करनी पड़ रही है। वहीं गोंडा जाने वालों को 45 किमी दूरी ज्यादा तय करनी पड़ रही है। बलरामपुर जाने के लिए 30 किमी दूरी अधिक तय करनी पड़ रही है। सिंगारजोत निवासी राजेश कुमार गुप्ता की गाड़ी खराब थी, उन्हें उतरौला जाना था। गाड़ी आगे नहीं जा सकी तो लंबी दूरी तय करने में 700 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़े।
बस्ती निवासी मोहम्मद समीम अपने किसी कार्य से उतरौला से बिस्कोहर जा रहे थे। सिंगारजोत पुल पर पहुंचने के बाद रास्ता बंद देखकर वह अपनी कार से वापस उतरौला, डुमरियागंज, इटवा होकर बिस्कोहर जाएंगे, जिससे 63 किमी दूरी अधिक तय करनी पड़ेगी। त्रिलोकपुर थाना के महुआ निवासी कमलेश मुंबई से अपने घर आ रहा था। कटान की वजह से चार पहिया वाहन नहीं जा पाने के कारण अपने घर के लिए सिंगारजोत पुल के रास्ते पैदल ही जाने को मजबूर हुआ। उन्होंने तीन किमी पैदल चलकर घर का सफर तय किया।
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सिद्धार्थनगर। शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग स्थित राप्ती पुल के पास एप्रोच में हो रही कटान तीसरे दिन भी नहीं थमी। जेसीबी के साथ 35-40 श्रमिक दिन-रात प्रयास कर रहे हैं, लेकिन राप्ती की तेज लहर के आगे उनका प्रयास पूरी तरह सार्थक नहीं हो पाया है। पुलिया से सड़क को अगल होने का जोखिम बन गया है।
सिद्धार्थनगर-बलरामपुर जिले को जोड़ने वाले शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग में चालीस मीटर लंबाई में कटान हो रही है। पहले दिन करीब तीन मीटर चौड़ाई थी, जो तीसरे दिन तक साढ़े तीन मीटर हो गई है। बृहस्पतिवार को एक श्रमिक ने नाव से नीचे की ओर झांका तो देखा कि जहां बोरियों में ईट की गिट्टियां भरकर डाली गई हैं, वहां भी कटान हो गई है। जिस स्थान पर गिट्टियों की बोरिया रखी गई हैं, उसके नीचे भी सड़क में कटान हो रही है। इस प्रकार कटान तेज होने के कारण जोखिम बढ़ गया है। इसी तरह कटान होती रही तो बलरामपुर-सिद्धार्थनगर जिले का संपर्क मार्ग कट सकता है।
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पीडब्लूडी विभाग के अवर अधिशाषी अभियंता सुशील कुमार श्रीवास्तव, जेई रवि प्रताप यादव, जेई दुर्गा प्रसाद, जेई अतुल कुमार बृहस्पतिवार को मौके पर मौजूद थे। उन्होंने बताया कि सिंचाई विभाग के कर्मचारी दिनेश कुमार के साथ कटान को रोकने के लिए कई तरीके अपनाए जा रहे हैं। इस संबंध में अधिशाषी अभियंता पीडब्लूडी बलरामपुर ने बताया कि कटान पर जल्द ही काबू पा लिया जाएगा। उसके बाद पुल पर चार पहिया वाहनों के प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
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जिले से उतरौला, गोंडा, बलरामपुर लखनऊ आदि जाने वाले चार पहिया वाहनों पर पुलिस ने रोक लगा दी है, जिससे सिंगारजोत से उतरौला सात किमी की जगह 70 किमी दूरी तय करके लोग उतरौला जा रहे हैं। केवल दो पहिया वाहन किसी तरह जा पा रहे हैं। जिले से बलरामपुर होते हुए लखनऊ जाने वाले लोगों को अब 90 किमी दूरी ज्यादा तय करनी पड़ रही है। वहीं गोंडा जाने वालों को 45 किमी दूरी ज्यादा तय करनी पड़ रही है। बलरामपुर जाने के लिए 30 किमी दूरी अधिक तय करनी पड़ रही है। सिंगारजोत निवासी राजेश कुमार गुप्ता की गाड़ी खराब थी, उन्हें उतरौला जाना था। गाड़ी आगे नहीं जा सकी तो लंबी दूरी तय करने में 700 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़े।
बस्ती निवासी मोहम्मद समीम अपने किसी कार्य से उतरौला से बिस्कोहर जा रहे थे। सिंगारजोत पुल पर पहुंचने के बाद रास्ता बंद देखकर वह अपनी कार से वापस उतरौला, डुमरियागंज, इटवा होकर बिस्कोहर जाएंगे, जिससे 63 किमी दूरी अधिक तय करनी पड़ेगी। त्रिलोकपुर थाना के महुआ निवासी कमलेश मुंबई से अपने घर आ रहा था। कटान की वजह से चार पहिया वाहन नहीं जा पाने के कारण अपने घर के लिए सिंगारजोत पुल के रास्ते पैदल ही जाने को मजबूर हुआ। उन्होंने तीन किमी पैदल चलकर घर का सफर तय किया।