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विरोध प्रदर्शन कर स्वास्थ्य कर्मियों ने बुलंद की आवाज
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तीसरे दिन भी स्वास्थ्य कर्मियों का प्रदर्शन, आवाज बुलंद की
सिद्धार्थनगर। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के बनैर तले स्वास्थ्य कर्मियों का मांगों के समर्थन में काली पट्टी बांधकर चलने वाला विरोध तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रहा। काली पट्टी बांधकर स्वास्थ्य कर्मियों ने कार्य किया।
डॉ. गोविंद प्रसाद ओझा ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य कर्मियों की मांगों को पूरा नहीं कर रही है। उनसे काम तो लिया जा रहा है, लेकिन सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि अराजपत्रित पदों पर कार्यरत फार्मासिस्टों को पद व योग्यता के अनुसार वेतनमान दिया जाए। चिकित्सकों की अनुपस्थिति में फार्मासिस्टों का प्रभार भत्ता बढ़ाया जाए और उन्हें विधिक मान्यता मिलनी चाहिए। विशेष कार्याधिकारी फार्मेसी का पद नाम बदल कर सहायक निदेशक फार्मेसी की जाए।
सरकारी अस्पतालों, ट्रामा सेंटर और ड्रग वेयर हाउस पर समुचित संख्या में फार्मासिस्टों का पद सृजत होना चाहिए। राजपत्रित अवकाश और द्वितीय शनिवार को कार्य के बदले एक माह का अतिरिक्त वेतन और तीन दिनों के आकस्मिक अवकाश दिया जाए। इसके अलावा अन्य मांगों को भी पूरा किया जाए। इस दौरान अस्पताल के सभी फार्मासिस्टों ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया। जिलाध्यक्ष डॉ. वाईपी यादव ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने तक इसी प्रकार विरोध किया जाएगा। कहा कि मांगें पूरी नहीं होने तक इसी प्रकार से चरणबद्ध तरीके से विरोध जारी रहेगा। इस अवसर पर डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. सुभाष चंद्र उपाध्याय, डॉ. अरविंद कुमार त्रिपाठी, बृजेश कुमार पांडेय, नागेश पांडेय, ओपी चौधरी, रतनशंकर चौधरी, केएन शुक्ला, बी नारायण आदि शामिल रहे।
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सिद्धार्थनगर। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के बनैर तले स्वास्थ्य कर्मियों का मांगों के समर्थन में काली पट्टी बांधकर चलने वाला विरोध तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रहा। काली पट्टी बांधकर स्वास्थ्य कर्मियों ने कार्य किया।
डॉ. गोविंद प्रसाद ओझा ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य कर्मियों की मांगों को पूरा नहीं कर रही है। उनसे काम तो लिया जा रहा है, लेकिन सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि अराजपत्रित पदों पर कार्यरत फार्मासिस्टों को पद व योग्यता के अनुसार वेतनमान दिया जाए। चिकित्सकों की अनुपस्थिति में फार्मासिस्टों का प्रभार भत्ता बढ़ाया जाए और उन्हें विधिक मान्यता मिलनी चाहिए। विशेष कार्याधिकारी फार्मेसी का पद नाम बदल कर सहायक निदेशक फार्मेसी की जाए।
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सरकारी अस्पतालों, ट्रामा सेंटर और ड्रग वेयर हाउस पर समुचित संख्या में फार्मासिस्टों का पद सृजत होना चाहिए। राजपत्रित अवकाश और द्वितीय शनिवार को कार्य के बदले एक माह का अतिरिक्त वेतन और तीन दिनों के आकस्मिक अवकाश दिया जाए। इसके अलावा अन्य मांगों को भी पूरा किया जाए। इस दौरान अस्पताल के सभी फार्मासिस्टों ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया। जिलाध्यक्ष डॉ. वाईपी यादव ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने तक इसी प्रकार विरोध किया जाएगा। कहा कि मांगें पूरी नहीं होने तक इसी प्रकार से चरणबद्ध तरीके से विरोध जारी रहेगा। इस अवसर पर डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. सुभाष चंद्र उपाध्याय, डॉ. अरविंद कुमार त्रिपाठी, बृजेश कुमार पांडेय, नागेश पांडेय, ओपी चौधरी, रतनशंकर चौधरी, केएन शुक्ला, बी नारायण आदि शामिल रहे।
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