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Siddharthnagar News: अल्लाह कभी माफ नहीं करेगा, उसने मेरे रमजान को छीन लिया

Fri, 09 Feb 2024 11:13 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Fri, 09 Feb 2024 11:13 PM IST
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he took away my ramadan
मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के गौरडीह गांव के टोला चौधरी डीह में अपने पोतो के साथ दादी।
सिद्धार्थनगर। क्या कसूर था जो अम्मी ने अब्बू को मार डाला। जब अब्बू के प्यार की जरूरत थी तो अम्मी ने उन्हें हमेशा के लिए हमसे दूर कर दिया। खुद भी जेल चली गईं। यह उन बच्चों का अपनी अम्मी से सवाल होगा, जो उनके अब्बू की कातिल हैं और अब अंतिम सांस तक उनसे दूर रहेगी। अभी से उनके अंदर सुलग रही गुस्से की आग बड़े होने पर आक्रोश बनकर फूटेगी और शायद अम्मी को उसके किए गए कृत्य के लिए माफ न करें। हम बात कर रहे हैं कि प्रेमी के साथ मिलकर शौहर की हत्या करने वाली अफसाना की। वहीं, सजा पर सास ने कहा कि अल्लाह उसे कभी माफ नहीं करेगा, उसने मेरे रमजान को मुझसे छीन लिया।
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मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के गौरडीह गांव के टोला चौधरीडीह निवासी अफसाना खातून का कठेला समय माता थाना क्षेत्र के कठेला गर्वी टोला पंडित डीह निवासी तुफैल के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। प्रेम में बाधा बन रहे शौहर नईम उर्फ रमजान 23 अक्तूबर 2022 को खाने में जहरीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया और जब पति अचेत अवस्था में होने लगा तो अपने प्रेमी तुफैल के साथ मिलकर बिजली के केबल तार से उसका गला कसकर घर में हत्या कर दी। इस घटना के वक्त पुत्र मोहम्मद हस्सान पांच वर्ष का था। जबकि छोटा पुत्र अफ्फान तीन वर्ष का था। इनके सिर से हमेशा के लिए पिता का साया उठ जाएगा। बिना यह सोचे अफसाना ने यह कदम उठा लिया। हत्या करने वाली अफसाना को ना तो शौहार को मारते वक्त कष्ट हुआ और न ही उसने बच्चों की तरफ देखा, उसे बच अपनी आगे की जिंदगी दिखी रही थी।
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अफसाना और उसके प्रेमी तुफैल को बृहस्पतिवार को अंतिम सांस तक की सजा हुई। बच्चे दादी अकलिमुननिशा और बड़े पिता मोहम्मद नसीम के पास रहते हैं। इस वक्त बड़े बेटे की उम्र सात साल और छोटे की उम्र पांच साल है। छोटे बच्चे से बात करने की कोशिश की गई तो उसने कहा जेल गई अम्मी जेल। वहीं, बड़े बेटे के चेहरे में गुस्सा और आक्रोश था। क्योंकि वह जानकार था। दादी अकलिमुननिशा ने कहा कि हमारे बेटे को मार दिया। उसे सजा तो हुई है, हम चाह रहे हैं कि कभी बाहर न निकले। अल्लाह उसे कभी माफ नहीं करेगा। बड़े पिता मोहम्मद नसीम ने कहा कि सजा से बड़ी खुशी हुई। भाई की निशानी हमारे पास रहे इसलिए इन बच्चों के लिए हम लड़े और कोर्ट ने हमें सौंप दिया है।
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