{"_id":"6366b3e330effc63b64c8e9a","slug":"hangama-in-sampurna-samadhan-divas-siddharthnagar-news-gkp4563046124","type":"story","status":"publish","title_hn":"डुमरियागंज में संपूर्ण समाधान दिवस में हुआ हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डुमरियागंज में संपूर्ण समाधान दिवस में हुआ हंगामा
विज्ञापन
डुमरियागंज तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान चकबंदी कार्य में धन उगाही और मनमानी को लेकर वि?
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डुमरियागंज में संपूर्ण समाधान दिवस में हुआ हंगामा
डुमरियागंज। तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में ग्रामीणों के मनमानी का आरोप लगाने पर मौके पर मौजूद चकबंदी अधिकारी से उनकी नोकझोंक हो गई। हंगामे के बीच ग्रामीणों ने चकबंदी अधिकारी पर कई गंभीर आरोप लगाए। चकबंदी अधिकारी शिव मूरत सिंह कुशवाहा ने सभी आरोपों बेबुनियाद बताते हुए ग्रामीणों पर अभद्र व्यवहार करने और मारने के लिए दौड़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी डीएम को दी गई है।
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के ग्राम राजपुर में वर्ष 2013 से ही चकबंदी कार्य चल रहा है चक कटने के साथ ही आपत्ति और नोटिस जारी किया गया है। गांव के 150 से अधिक लोगों ने चकबंदी अधिकारी पर मनमानी की शिकायत दर्ज कराने के लिए शनिवार को तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे और एसडीएम से अपनी बात कह रहे थे। वहां मौजूद सीओ चकबंदी शिव मूरत सिंह कुशवाहा ने आपत्ति जताई, जिससे दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। मामला हाथापाई और मारपीट तक पहुंचता, उससे पहले ही एसडीएम और वहां मौजूद अधिकारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया।
राजपुर गांव के कई लोगों ने सीओ चकबंदी पर महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए स्थानांतरण की मांग की है। सीओ चकबंदी शिव मूरत सिंह कुशवाहा ने बताया कि राजपुर गांव में वर्ष 2013 में चक कटा था। मामला विचाराधीन है। जब भी सुनवाई की बात होती है, ग्रामीण विरोध पर उतर आते हैं। नदी की जमीन को कुछ लोग अधिकारियों पर दबाव बनाकर अपने नाम कराने का प्रयास कर रहे हैं।
विज्ञापन
सीओ चकबंदी का आरोप
सीओ चकबंदी शिव मूरत सिंह कुशवाहा ने बताया कि डीएम ने लंबित चकबंदी काम को दो माह में निपटाने का निर्देश दिया था। जिस पर राजपुर गांव के 200 लोगों को नोटिस और आपत्ती जारी किया गया है। उसको लोगों ने लेने से इन्कार किया और आज संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान करीब 150 लोगों ने उन्हें अपशब्द कहा और मारने-पीटने के लिए भी दौड़ाया। किसी तरह उन्होंने जान बचाई है। मामले से डीएम को अवगत करा दिया गया है। वहां से निर्देश मिलने के बाद ऐसे लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई कराई जाएगी। ग्रामीणों का महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप बेबुनियाद है।
ग्रामीणों का आरोप
राजपुर गांव के तुलाराम, बृजलाल, मनोज मौर्य, समझावत तथा रामनरेश, रामफेर आदि ने चकबंदी अधिकारी पर मनमानी और अनियमितता बरतने का आरोप लगाया है। बंदोबस्त के नाम पर प्रति बीघा 30,000 रुपये वसूल करने, कई लोगों से पैसे लेने के बाद भी बंदोबस्त का काम नहीं करने का आरोप लगाया है। उन्होंने पहले बंदोबस्त दुरुस्त करने और उसके बाद चकबंदी प्रक्रिया आगे बढ़ाने के साथ ही सीओ चकबंदी पर कार्रवाई और डुमरियागंज तहसील क्षेत्र से तबादले की मांग की है।
महिला ने लगाया धनउगाही और छेड़खानी का आरोप
तहसील क्षेत्र की एक महिला ने डुमरियागंज पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि उससे चकबंदी अधिकारी ने 90,000 रुपये लिए हैं। काम न होने पर शनिवार को उन्होंने अपने न्यायालय में बुलाया था। चेंबर में उसके साथ गई महिलाओं के साथ उन्होंने दुर्व्यवहार किया और उनका हाथ पकड़कर छेड़खानी की। विरोध जताने पर वह भाग गए। पीड़ित महिला ने चकबंदी अधिकारी के खिलाफ पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। डुमरियागंज थानाध्यक्ष संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि उन्हें इस तरह की कोई शिकायती पत्र नहीं मिला है शिकायती पत्र मिलने के बाद जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
डुमरियागंज। तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में ग्रामीणों के मनमानी का आरोप लगाने पर मौके पर मौजूद चकबंदी अधिकारी से उनकी नोकझोंक हो गई। हंगामे के बीच ग्रामीणों ने चकबंदी अधिकारी पर कई गंभीर आरोप लगाए। चकबंदी अधिकारी शिव मूरत सिंह कुशवाहा ने सभी आरोपों बेबुनियाद बताते हुए ग्रामीणों पर अभद्र व्यवहार करने और मारने के लिए दौड़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी डीएम को दी गई है।
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के ग्राम राजपुर में वर्ष 2013 से ही चकबंदी कार्य चल रहा है चक कटने के साथ ही आपत्ति और नोटिस जारी किया गया है। गांव के 150 से अधिक लोगों ने चकबंदी अधिकारी पर मनमानी की शिकायत दर्ज कराने के लिए शनिवार को तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे और एसडीएम से अपनी बात कह रहे थे। वहां मौजूद सीओ चकबंदी शिव मूरत सिंह कुशवाहा ने आपत्ति जताई, जिससे दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। मामला हाथापाई और मारपीट तक पहुंचता, उससे पहले ही एसडीएम और वहां मौजूद अधिकारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया।
विज्ञापन
राजपुर गांव के कई लोगों ने सीओ चकबंदी पर महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए स्थानांतरण की मांग की है। सीओ चकबंदी शिव मूरत सिंह कुशवाहा ने बताया कि राजपुर गांव में वर्ष 2013 में चक कटा था। मामला विचाराधीन है। जब भी सुनवाई की बात होती है, ग्रामीण विरोध पर उतर आते हैं। नदी की जमीन को कुछ लोग अधिकारियों पर दबाव बनाकर अपने नाम कराने का प्रयास कर रहे हैं।
विज्ञापन
सीओ चकबंदी का आरोप
सीओ चकबंदी शिव मूरत सिंह कुशवाहा ने बताया कि डीएम ने लंबित चकबंदी काम को दो माह में निपटाने का निर्देश दिया था। जिस पर राजपुर गांव के 200 लोगों को नोटिस और आपत्ती जारी किया गया है। उसको लोगों ने लेने से इन्कार किया और आज संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान करीब 150 लोगों ने उन्हें अपशब्द कहा और मारने-पीटने के लिए भी दौड़ाया। किसी तरह उन्होंने जान बचाई है। मामले से डीएम को अवगत करा दिया गया है। वहां से निर्देश मिलने के बाद ऐसे लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई कराई जाएगी। ग्रामीणों का महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप बेबुनियाद है।
ग्रामीणों का आरोप
राजपुर गांव के तुलाराम, बृजलाल, मनोज मौर्य, समझावत तथा रामनरेश, रामफेर आदि ने चकबंदी अधिकारी पर मनमानी और अनियमितता बरतने का आरोप लगाया है। बंदोबस्त के नाम पर प्रति बीघा 30,000 रुपये वसूल करने, कई लोगों से पैसे लेने के बाद भी बंदोबस्त का काम नहीं करने का आरोप लगाया है। उन्होंने पहले बंदोबस्त दुरुस्त करने और उसके बाद चकबंदी प्रक्रिया आगे बढ़ाने के साथ ही सीओ चकबंदी पर कार्रवाई और डुमरियागंज तहसील क्षेत्र से तबादले की मांग की है।
महिला ने लगाया धनउगाही और छेड़खानी का आरोप
तहसील क्षेत्र की एक महिला ने डुमरियागंज पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि उससे चकबंदी अधिकारी ने 90,000 रुपये लिए हैं। काम न होने पर शनिवार को उन्होंने अपने न्यायालय में बुलाया था। चेंबर में उसके साथ गई महिलाओं के साथ उन्होंने दुर्व्यवहार किया और उनका हाथ पकड़कर छेड़खानी की। विरोध जताने पर वह भाग गए। पीड़ित महिला ने चकबंदी अधिकारी के खिलाफ पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। डुमरियागंज थानाध्यक्ष संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि उन्हें इस तरह की कोई शिकायती पत्र नहीं मिला है शिकायती पत्र मिलने के बाद जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।