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घुटनेभर पानी में घुसकर आवागमन की मजबूरी
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 20 Jul 2016 10:48 PM IST
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डुमरियागंज के बिथरिया गांव में जलभराव के बीच से जाता युवक।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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डुमरियागंज। पिछले चार दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश से हर जगह जलजमाव और कीचड़ हो गया है। सबसे विकट समस्या पूर्व विधायक स्व. मलिक तौफीक अहमद के पैतृक गांव बिथरिया का है। यहां जलनिकासी की कोई व्यवस्था न होने से गांव की मुख्य सड़क व गलियों में जलजमाव हो गया है।
गांव के लोग घुटने भर पानी में घुसकर आने-जाने को मजबूर हैं। बिथरिया गांव के मलिक इब्राहिम, मलिक इस्माइल, मलिक यूसुफ, इबने अली, अबूशाद, शमशाद, भीखू यादव ने बताया कि गंाव के निकट से होकर गुजरी राप्ती नदी पर जब पुल का निर्माण हो रहा था, तभी गांव के जलनिकासी के लिए नाला निर्माण प्रस्तावित था।
विभागीय लापरवाही के चलते नाला निर्माण न होने से पानी के निकासी की व्यवस्था नहीं हो पाई लिहाजा गांव में जलजमाव और जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही है। लोगों ने जलनिकासी के लिए बिथरिया में नाला निर्माण कराए जाने की मांग की है। इससे गंाव में होने वाले जलजमाव से निजात मिल सके।
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गांव के लोग घुटने भर पानी में घुसकर आने-जाने को मजबूर हैं। बिथरिया गांव के मलिक इब्राहिम, मलिक इस्माइल, मलिक यूसुफ, इबने अली, अबूशाद, शमशाद, भीखू यादव ने बताया कि गंाव के निकट से होकर गुजरी राप्ती नदी पर जब पुल का निर्माण हो रहा था, तभी गांव के जलनिकासी के लिए नाला निर्माण प्रस्तावित था।
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विभागीय लापरवाही के चलते नाला निर्माण न होने से पानी के निकासी की व्यवस्था नहीं हो पाई लिहाजा गांव में जलजमाव और जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही है। लोगों ने जलनिकासी के लिए बिथरिया में नाला निर्माण कराए जाने की मांग की है। इससे गंाव में होने वाले जलजमाव से निजात मिल सके।
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