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सरकार देगी किन्नरों को पहचान पत्र
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सरकार देगी किन्नरों को पहचान पत्र
सिद्धार्थनगर। किन्नरों को मुख्य धारा से जोड़कर समाज में उनके प्रति सोच बदलने की पहल सरकार ने शुरू कर दी है। अब सरकार किन्नरों का रजिस्ट्रेशन करेगी और उनको पहचान प्रमाण पत्र देगी। इसके बाद उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। जिले में 26 किन्नर हैं।
संयुक्त सचिव, सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश शासन समाज कल्याण अनुभाग-2 के निर्देशानुसार किन्नरों के लिए पहचान प्रमाण पत्र बनाए जाने के संबंध में एक पोर्टल Transgender.Dosje.Gov.In/Admin तैयार किया गया है। जिस पर पहचान पत्र बनवाने के लिए आनलाइन आवेदन करने की व्यवस्था आदि के संबंध में निर्देश दिए गए हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता ने बताया कि निर्देश के क्रम में जिले में किन्नरों का पहचान पत्र बनवाने के लिए जल्द ही योजना तैयार की जाएगी। बताते चलें एक सर्वेक्षण में किन्नरों के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आयी है। इसमें सबसे खास है कि उत्तर प्रदेश में हर साल लगभग तीन हजार किन्नरों की संख्या बढ़ रही है। यानी 2011 की जनगणना के अनुसार प्रदेश में किन्नरों की संख्या 137465 थी। अब सर्वेक्षण में इनकी संख्या लगभग 164615 हो गई है। यानी 10 वर्षों में 27150 की वृद्धि हुई है।
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सिद्धार्थनगर। किन्नरों को मुख्य धारा से जोड़कर समाज में उनके प्रति सोच बदलने की पहल सरकार ने शुरू कर दी है। अब सरकार किन्नरों का रजिस्ट्रेशन करेगी और उनको पहचान प्रमाण पत्र देगी। इसके बाद उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। जिले में 26 किन्नर हैं।
संयुक्त सचिव, सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश शासन समाज कल्याण अनुभाग-2 के निर्देशानुसार किन्नरों के लिए पहचान प्रमाण पत्र बनाए जाने के संबंध में एक पोर्टल Transgender.Dosje.Gov.In/Admin तैयार किया गया है। जिस पर पहचान पत्र बनवाने के लिए आनलाइन आवेदन करने की व्यवस्था आदि के संबंध में निर्देश दिए गए हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. राहुल गुप्ता ने बताया कि निर्देश के क्रम में जिले में किन्नरों का पहचान पत्र बनवाने के लिए जल्द ही योजना तैयार की जाएगी। बताते चलें एक सर्वेक्षण में किन्नरों के बारे में कई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आयी है। इसमें सबसे खास है कि उत्तर प्रदेश में हर साल लगभग तीन हजार किन्नरों की संख्या बढ़ रही है। यानी 2011 की जनगणना के अनुसार प्रदेश में किन्नरों की संख्या 137465 थी। अब सर्वेक्षण में इनकी संख्या लगभग 164615 हो गई है। यानी 10 वर्षों में 27150 की वृद्धि हुई है।
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