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पांच माह का बकाया वेतन भुगतान करने की मांग
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पांच माह का बकाया वेतन भुगतान करने की मांग
- उप्र जल निगम संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बकाया वेतन भुगतान सहित अन्य मांगों के समर्थन में बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर उत्तर प्रदेश जलनिगम संघर्ष समिति के लोगों ने प्रदर्शन किया। मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी।
सह प्रवक्ता एनएन मिश्रा ने कहा कि सरकार कर्मियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। पांच माह वेतन बकाया है जिसका जल्द से जल्द भुगतान किया जाए। सेवानिवृत्त कर्मियों को पेंशन और देयक नहीं दिया गया है, जिससे उनके समक्ष आर्थिक संकट खड़ा है। उनकी समस्याओं को देखते हुए उन्हें पेंशन राशि और देयक का भुगतान किया जाए। विभाग को ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में बांट दिया गया है जिससे कार्य में दिक्कत हो रही है। इसे ध्यान में रखते हुए एक किया जाए जिससे कार्य में दिक्कत न हो। जलनिगम के पुनर्गठन के निर्णय को वापस लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कर्मियों की मांगें पूरी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान इं. धर्मेंद्र कुमार, इंद्रभूषण पांडेय, अनिल कुमार श्रीवास्तव, रामशरन वर्मा, रविंद्र सिंह, हरिशंकर गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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- उप्र जल निगम संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बकाया वेतन भुगतान सहित अन्य मांगों के समर्थन में बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर उत्तर प्रदेश जलनिगम संघर्ष समिति के लोगों ने प्रदर्शन किया। मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी।
सह प्रवक्ता एनएन मिश्रा ने कहा कि सरकार कर्मियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। पांच माह वेतन बकाया है जिसका जल्द से जल्द भुगतान किया जाए। सेवानिवृत्त कर्मियों को पेंशन और देयक नहीं दिया गया है, जिससे उनके समक्ष आर्थिक संकट खड़ा है। उनकी समस्याओं को देखते हुए उन्हें पेंशन राशि और देयक का भुगतान किया जाए। विभाग को ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में बांट दिया गया है जिससे कार्य में दिक्कत हो रही है। इसे ध्यान में रखते हुए एक किया जाए जिससे कार्य में दिक्कत न हो। जलनिगम के पुनर्गठन के निर्णय को वापस लिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कर्मियों की मांगें पूरी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान इं. धर्मेंद्र कुमार, इंद्रभूषण पांडेय, अनिल कुमार श्रीवास्तव, रामशरन वर्मा, रविंद्र सिंह, हरिशंकर गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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