फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Fluctuations in weather are taking a toll on health

Siddharthnagar News: सेहत पर भारी पड़ रहा है मौसम का उतार-चढ़ाव

Sat, 17 Feb 2024 12:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sat, 17 Feb 2024 12:42 AM IST
विज्ञापन
Fluctuations in weather are taking a toll on health
सिद्धार्थनगर। मौसम का उतार-चढ़ाव बच्चों और बुजुर्गों पर भारी पढ़ रहा है। सुबह और शाम की ठंड, दिन में धूप लोगों को बीमार बना रहा है। सर्दी, जुकाम के साथ ही छोटे बच्चों को उल्टी और दस्त की शिकायत आ रही है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल काॅलेज में एक हजार की ओपीडी में 60 प्रतिशत मरीज मौसम से जुड़ी बीमारी के हैं। चिकित्सक बता रहे हैं कि बीमारी का दायरा अभी और बढ़ेगा। क्योंकि गर्म और ठंड से शरीर का संतुलन बिगड़ता है, इससे लोग तेजी से बीमार होते हैं।
विज्ञापन

पिछले डेढ़ माह से घना कोहरा और ठंड का कहर जारी था। इसी बीच धूप होने लगी। लेकिन सुबह और शाम की ठंड में कमी नहीं आई है। दिन में धूप को देखकर लोग गर्म कपड़े पहनना कम कर दिए हैं। जो उनके लिए घातक साबित हो रहा है। इसलिए वह बीमार पड़ रहे हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों में 60 प्रतिशत सर्दी, जुकाम और बच्चों को उल्टी और दस्त हो रहा हैं।
विज्ञापन

मेडिसिन विभाग में बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे थे। इसमें बुजुर्ग अधिक हैं, चिकित्सक सीबी चौधरी ने बताया कि सर्दी, जुकाम, बुखार और सीने में दर्द के मरीज अधिक हैं। अभी एकाएक धूप होने पर मरीजों की संख्या और बढ़ जाएगी। गर्मी का अहसास होते ही लोग कपड़े कम पहनते हैं। जिससे वह मौसम की बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। इसलिए जबतक मौसम ना साफ हो जाए तब तक गर्म कपड़े पहने और जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकालने की सलाह दी जा रही है। वहीं, बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर फजल खान ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग बच्चों को लेकर पहुंचे थे। 70 प्रतिशत मरीज सर्दी, जुकाम और सीने में जकड़न के हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

खांसी के साथ ही बच्चों को अधिक परेशानी हो रही है। इसके साथ ही उल्टी दस्त वाले भी पहुंच रहे हैं। बच्चों पर मौसम के उतार-चढ़ाव का असर तेजी से होता है। दवा लिखने के साथ ही मरीज के तीमारदारों को बताया जा रहा है कि बच्चों को ठंडी से बचाएं और दिक्कत होने पर तत्काल इलाज कराएं।
मेडिकल कॉलेज में मौसम की बीमारी की दवाओं की कमी नहीं है। जो भी मरीज आ रहे हैं। उन्हें दवाएं दी जा रही है और इलाज किया जा रहा है।
-डॉ. एके झा, प्राचार्य
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed