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Siddharthnagar News: नाबालिग से छेड़खानी के दोषी को पांच साल का कारावास
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सिद्धार्थनगर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट बीरेंद्र कुमार की अदालत ने घर में घुसकर नाबालिग बच्ची से छेड़खानी के दोषी को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनायी है। उस पर 14 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। गोल्हौरा थाना क्षेत्र के एक गांव का निवासी दोषी राजकपूर उर्फ डब्लू जेल में बंद है। घटना 20 जून 2022 को घटी थी, जिसका केस 27 जून को दर्ज हुआ था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 10 वर्षीय पीड़िता बच्ची की मां ने गोल्हौरा थाने की पुलिस को तहरीर देकर कहा कि 20 जून 2022 को सुबह करीब 10 बजे उसकी कक्षा चार में पढ़ने वाली बेटी चीनी लेने गांव की दुकान पर गयी थी। दुकानदार राजकपूर उर्फ डब्लू पुत्र नान्हू पाल व अनूप उर्फ पंकज उर्फ सूर्यनाथ पुत्र सुईनाथ तथा मनीष पुत्र सुधिराम पहले से दुकान पर थे। बेटी को अकेले पाकर छेड़खानी की नीयत से उसके ऊपर पर हाथ फेर रहे थे। बेटी शोर करते भागकर घर आई और वह डरी हुई थी। शिकायत करने पर वे लोग उसके घर में घुसकर गाली गुप्ता देते हुए जान से मारने की धमकी दिये। घटना को कई लोगों ने देखा है।
पुलिस ने केस दर्ज करके विवेचना किया और राजकपूर उर्फ डब्लू के खिलाफ न्यायालय में तथा शेष दो बाल अपचारियों के खिलाफ आरोप पत्र किशोर न्याय बोर्ड में दाखिल किया। न्यायालय ने राजकपूर उर्फ डब्लू का विचारण किया और साक्ष्यों के आधार पर उसे दोषी ठहराते हुए सजा सुनाया। पीड़ित पक्ष की पैरवी विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट पवन कुमार कर पाठक ने किया।
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न्यायालय ने आदेश देते हुए कहा कि जुर्माने की धनराशि का 90 फीसदी भाग पीड़िता को बतौर प्रतिकर दिया जाएगा एवं वह राज्य सरकार से भी अधिकतम
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अभियोजन पक्ष के अनुसार 10 वर्षीय पीड़िता बच्ची की मां ने गोल्हौरा थाने की पुलिस को तहरीर देकर कहा कि 20 जून 2022 को सुबह करीब 10 बजे उसकी कक्षा चार में पढ़ने वाली बेटी चीनी लेने गांव की दुकान पर गयी थी। दुकानदार राजकपूर उर्फ डब्लू पुत्र नान्हू पाल व अनूप उर्फ पंकज उर्फ सूर्यनाथ पुत्र सुईनाथ तथा मनीष पुत्र सुधिराम पहले से दुकान पर थे। बेटी को अकेले पाकर छेड़खानी की नीयत से उसके ऊपर पर हाथ फेर रहे थे। बेटी शोर करते भागकर घर आई और वह डरी हुई थी। शिकायत करने पर वे लोग उसके घर में घुसकर गाली गुप्ता देते हुए जान से मारने की धमकी दिये। घटना को कई लोगों ने देखा है।
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पुलिस ने केस दर्ज करके विवेचना किया और राजकपूर उर्फ डब्लू के खिलाफ न्यायालय में तथा शेष दो बाल अपचारियों के खिलाफ आरोप पत्र किशोर न्याय बोर्ड में दाखिल किया। न्यायालय ने राजकपूर उर्फ डब्लू का विचारण किया और साक्ष्यों के आधार पर उसे दोषी ठहराते हुए सजा सुनाया। पीड़ित पक्ष की पैरवी विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट पवन कुमार कर पाठक ने किया।
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न्यायालय ने आदेश देते हुए कहा कि जुर्माने की धनराशि का 90 फीसदी भाग पीड़िता को बतौर प्रतिकर दिया जाएगा एवं वह राज्य सरकार से भी अधिकतम