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Siddharthnagar News: एक हजार संविदा कर्मियों की पांच प्रतिशत वेतन वृद्धि एक साल से अटकी
Thu, 04 May 2023 11:37 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 04 May 2023 11:37 PM IST
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सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संविदा पर विभिन्न पदों पर कार्यरत एक हजार से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों को वर्ष 2022 में बढ़ा पांच प्रतिशत मानदेय वृद्धि नहीं हुई है। जबकि दूसरा सत्र शुरू हो चुका है। इससे स्वास्थ्य कर्मी परेशान हैं, उनका कहना है कि आला अधिकारी उनका शोषण कर रहे हैं। जो ठीक नहीं है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला अस्पताल और जिले के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 800 से अधिक कर्मचारी तैनात हैं। इसमें एएनएम, स्टाफ नर्स, डाटा इंट्री ऑपरेटर, हेल्प डेस्क आदि पर कार्यरत हैं। इनका मानदेय 12-25 हजार रुपये प्रतिमाह तक है। स्वास्थ्य कर्मियों के मुताबिक नियम है कि हर वर्ष कम से कम मूल के हिसाब से पांच प्रतिशत की वृद्धि की जाए। जो वर्ष के अप्रैल माह से लगता है। बताया जा रहा है कि अप्रैल 2022 में पांच प्रतिशत वृद्धि का आदेश हुआ था। पूरा सत्र बीत गया। नया सत्र शुरू हो गया, लेकिन अभी तक बीते वर्ष की वृद्धि मानदेय में नहीं जोड़ा गया है। नये वर्ष का कैसे मिलेगा, इसके लेकर स्वास्थ्य कर्मियों में आक्रोश है। कई स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि अगर जल्द ही समस्या का हल नहीं निकाला गया तो आंदोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा।
कर्मचारी लगा रहे हैं आरोप
कर्मचारी दबी जुबान से आरोप लगा रहे हैं कि नियमानुसार हर वर्ष मूल वेतन का पांच प्रतिशत वृद्धि हो जाना चाहिए। वर्ष में अप्रैल के बजाय, अगस्त में कागज शासन को भेजा गया। इसके बाद दिसंबर माह में यह कहते हुए रिपोर्ट मांगी गई कि कार्य प्रदर्शन के आधार पर मानदेय में वृद्धि होगी। अब इसके लिए लोगों से धन उगाही की कोशिश की जा रही है। नहीं देने पर स्वास्थ्य कर्मियों को परेशान किया जा रहा है।
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जितने एनएचएम कर्मियों ने अपनी अप्रेजल रिपोर्ट जमा की है, उन्हें इस माह वेतन वृद्धि का लाभ प्राप्त हो जाएगा, जबकि बजट प्राप्त होने पर एरियर का भुगतान किया जाएगा। सभी कर्मचारियों का अप्रेजल रिपोर्ट जमा नहीं होने के कारण भुगतान में देर हुई।
-डॉ. बीके अग्रवाल, सीएमओ
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला अस्पताल और जिले के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर 800 से अधिक कर्मचारी तैनात हैं। इसमें एएनएम, स्टाफ नर्स, डाटा इंट्री ऑपरेटर, हेल्प डेस्क आदि पर कार्यरत हैं। इनका मानदेय 12-25 हजार रुपये प्रतिमाह तक है। स्वास्थ्य कर्मियों के मुताबिक नियम है कि हर वर्ष कम से कम मूल के हिसाब से पांच प्रतिशत की वृद्धि की जाए। जो वर्ष के अप्रैल माह से लगता है। बताया जा रहा है कि अप्रैल 2022 में पांच प्रतिशत वृद्धि का आदेश हुआ था। पूरा सत्र बीत गया। नया सत्र शुरू हो गया, लेकिन अभी तक बीते वर्ष की वृद्धि मानदेय में नहीं जोड़ा गया है। नये वर्ष का कैसे मिलेगा, इसके लेकर स्वास्थ्य कर्मियों में आक्रोश है। कई स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि अगर जल्द ही समस्या का हल नहीं निकाला गया तो आंदोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा।
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कर्मचारी लगा रहे हैं आरोप
कर्मचारी दबी जुबान से आरोप लगा रहे हैं कि नियमानुसार हर वर्ष मूल वेतन का पांच प्रतिशत वृद्धि हो जाना चाहिए। वर्ष में अप्रैल के बजाय, अगस्त में कागज शासन को भेजा गया। इसके बाद दिसंबर माह में यह कहते हुए रिपोर्ट मांगी गई कि कार्य प्रदर्शन के आधार पर मानदेय में वृद्धि होगी। अब इसके लिए लोगों से धन उगाही की कोशिश की जा रही है। नहीं देने पर स्वास्थ्य कर्मियों को परेशान किया जा रहा है।
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जितने एनएचएम कर्मियों ने अपनी अप्रेजल रिपोर्ट जमा की है, उन्हें इस माह वेतन वृद्धि का लाभ प्राप्त हो जाएगा, जबकि बजट प्राप्त होने पर एरियर का भुगतान किया जाएगा। सभी कर्मचारियों का अप्रेजल रिपोर्ट जमा नहीं होने के कारण भुगतान में देर हुई।
-डॉ. बीके अग्रवाल, सीएमओ