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पहले बाढ़, अब कटान की जद में आने से सहमे

Sun, 19 Sep 2021 10:08 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 19 Sep 2021 10:08 PM IST
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First flood, now scared to come under the JD of erosion
पहले बाढ़, अब कटान की जद में आने से सहमे
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बिजौरा। राप्ती का जलस्तर घटने के साथ ही डुमरियागंज क्षेत्र के सिंगारजोत पुल के बाद अब दूसरी जगह कटान शुरू हो गई है। शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग पर इटवा तहसील के गागापुर गांव के पास हो रही कटान से ग्रामीण सहमे हुए हैं। कटान की जद में आ रहे घरों को बचाने के लिए पीड़ितों ने गुहार लगाई है।
राप्ती का जलस्तर बढ़ने से अब तक बाढ़ का पानी घरों में घुसने से परेशान लोगों के लिए जलस्तर घटने के साथ शुरू हुई कटान नई मुसीबत बन गई है। सिंगारजोत पुल के पास कटान कर रही राप्ती नदी ने अब गागापुर के पास कटान तेज कर दी है। यहां से सड़क की दूरी बहुत कम बची है। साथ ही बाढ़ की विभीषिका झेल चुकी गागापुर निवासी प्रभावती का मकान भी कटान से एक मीटर दूर बचा है। प्रभावती का कहना है कि तेजी से हो रही कटान से उनका घर कभी भी नदी में विलीन हो सकता है। वह कहती हैं कि अपने बच्चों को लेकर कहां जाएं, इसके अलावा कोई ठिकाना नहीं है।
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गांव निवासी जाबिद और चिक्कन के भी मकान कटान की चपेट में आ सकते हैं। एक मीटर दूर बची सड़क के पास यदि कटान रोकने का उपाय नहीं हुआ तो वह भी नदी में विलीन हो जाएगी। फिर कई गांवों का संपर्क टूट जाएगा और दो जिले बलरामपुर तथा सिद्धार्थनगर के बीच भी आवागमन बंद हो सकता है। इस बारे में एसडीएम इटवा उत्कर्ष श्रीवास्तव ने कहा कि कटान की जानकारी है। हल्का लेखपाल एवं विभागीय अधिकारियों को जरूरी कार्यवाही के लिए निर्देश दिए गए हैं।
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सता रही घर बचाने की चिंता
गागापुर गांव निवासी प्रभावती का कहना है कि उनके पति ने मजदूरी कर घर की दीवार खड़ी की थी। चार वर्ष पूर्व पति की मौत हो जाने पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। घर पर छत नहीं लग पाई। झोपड़ी डालकर गुुजारा कर रहे हैं। अब इसके भी नदी में गिर जाने पर वह बेआसरा हो जाएंगी। बाढ़ से घर में पानी भर जाने से 25 दिन दूसरे के मकान में आसरा मिला था। तीन बच्चे प्रदीप, संदीप और राजा को लेकर आगे वह कहां जाएंगी, नहीं समझ में आ रहा। महिला ने बताया कि अब तक सरकारी आवास का लाभ नहीं मिला है।
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