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Siddharthnagar News: फसल अवशेष को जैविक खाद के रूप में उपयोग करें किसान
Tue, 12 Nov 2024 11:33 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 12 Nov 2024 11:33 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
भनवापुर। धान के फसलों की कटाई का काम तेजी से चल रहा है। धान की पराली को किसान बेखौफ खेतों में जला कर अपने भविष्य में आग लगा रहे हैं। पराली जलाने से जहां मृदा में सूक्ष्म पोषक तत्वों के जल जाने के कारण उर्वरा शक्ति में कमी आती है। किसान फसल अवशेष को जैविक खाद के रूप में उपयोग कर सकते हैं
कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि वैज्ञानिक प्रसार डॉ. शेष नरायण सिंह ने बताया कि लोगों के बेहतर स्वास्थ्य,स्वच्छ वातावरण के साथ ही फसलों के बेहतर उत्पादन के लिए फसल अवशेष प्रबंधन बहुत जरूरी,अगर समय रहते नहीं चेता गया तो खेतों में जला रहे पराली भविष्य के लिए खतरे की घंटी है।
उन्होंने कहा कि किसान धान के फसलों की कटाई के बाद पराली को वैज्ञानिक विधि से प्रबंधन कर जैविक खाद के रूप में उपयोग करने से खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ाने में मदद करती हैं।
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किसान फसल की कटाई के बाद अवशेष को डीकंपोजर का प्रयोग कर खेतों में सड़ा सकते हैं। जीरो टल मशीन, स्मार्ट सीडर, सुपर सीडर, मशीन से सीधी बुवाई कर सकते हैं, यह सभी फसल अवशेष पर आसानी से चलाए जा सकते हैं। ा
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भनवापुर। धान के फसलों की कटाई का काम तेजी से चल रहा है। धान की पराली को किसान बेखौफ खेतों में जला कर अपने भविष्य में आग लगा रहे हैं। पराली जलाने से जहां मृदा में सूक्ष्म पोषक तत्वों के जल जाने के कारण उर्वरा शक्ति में कमी आती है। किसान फसल अवशेष को जैविक खाद के रूप में उपयोग कर सकते हैं
कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि वैज्ञानिक प्रसार डॉ. शेष नरायण सिंह ने बताया कि लोगों के बेहतर स्वास्थ्य,स्वच्छ वातावरण के साथ ही फसलों के बेहतर उत्पादन के लिए फसल अवशेष प्रबंधन बहुत जरूरी,अगर समय रहते नहीं चेता गया तो खेतों में जला रहे पराली भविष्य के लिए खतरे की घंटी है।
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उन्होंने कहा कि किसान धान के फसलों की कटाई के बाद पराली को वैज्ञानिक विधि से प्रबंधन कर जैविक खाद के रूप में उपयोग करने से खेतों की उर्वरा शक्ति बढ़ाने में मदद करती हैं।
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किसान फसल की कटाई के बाद अवशेष को डीकंपोजर का प्रयोग कर खेतों में सड़ा सकते हैं। जीरो टल मशीन, स्मार्ट सीडर, सुपर सीडर, मशीन से सीधी बुवाई कर सकते हैं, यह सभी फसल अवशेष पर आसानी से चलाए जा सकते हैं। ा