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खरीद में कटौती नहीं, मिलेगा पूरा दाम
ब्यूरो अमर उजाला/ सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 02 Apr 2016 12:16 AM IST
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गेहूं की खरीदारी में पहले दिन रहा सन्नाटा।
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सिद्धार्थनगर। नए वित्तीय वर्ष के साथ ही गेहूं की खरीद शुरू हो गई है। बेहतर पैदावार से उत्साहित विभाग किसानों का गेहूं खरीदने के लिए तैयार हो चुका है। इसके लिए जिले में 72 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं।
हालांकि कागजी तौर से चालू हो चुके क्रय केंद्रों पर पहले दिन किसी का कोई पता नहीं था। न तो किसान पहुंचे और न ही खरीद संस्थाओं के अधिकारी। क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। विभाग का दावा कि किसानों के आने का सिलसिला अभी एक सप्ताह बाद शुरू होगा।
इस बीच क्रय केंद्रों पर उनकी सहूलियतों के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। खास बात यह कि इस बार खरीद में मानक के नाम पर कोई कटौती नहीं होगी। किसानों को पूरी मात्रा का भुगतान किया जाएगा।
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जिले में डेढ़ लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में गेहूं की खेती हुई है। खेतों में पककर तैयार फसल की कटाई शुरू हो चुकी है। ऐसे में किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार ने क्रय केंद्र स्थापित कर दिए हैं।
पूरे जिले में सात संस्थाओं के अंतर्गत कुल 72 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों पर निर्धारित 1525 रुपये के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बिना किसी कटौती के खरीद की जाएगी।
केंद्रों पर आधुनिक तौल मशीनों के अलावा टेंट, शामियाना लगाने, पेयजल इंतजाम करने की हिदायत दी गई है ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। खरीद संस्थाएं भी अपने स्तर पर इस कार्य में लग गई हैं।
वैसे तो सरकारी रिकार्ड में क्रय केंद्र शुक्रवार से ही चालू कर दिएगए हैं। जबकि स्थिति इससे इतर है। क्रय केंद्रों पर पहले दिन ताला ही लटका दिखा। खेतों में पड़ी फसल की कटाई में मशगूल किसानों के केंद्रों तक आने में समय को देखते हुए कर्मचारी फिलहाल व्यवस्था सुदृढ़ करने में जुटे हुए हैं। विभागीय अफसरों का दावा है कि इस बार गेहूं की खरीद दोष रहित पारदर्शी तरीके से की जाएगी।
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हालांकि कागजी तौर से चालू हो चुके क्रय केंद्रों पर पहले दिन किसी का कोई पता नहीं था। न तो किसान पहुंचे और न ही खरीद संस्थाओं के अधिकारी। क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। विभाग का दावा कि किसानों के आने का सिलसिला अभी एक सप्ताह बाद शुरू होगा।
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इस बीच क्रय केंद्रों पर उनकी सहूलियतों के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। खास बात यह कि इस बार खरीद में मानक के नाम पर कोई कटौती नहीं होगी। किसानों को पूरी मात्रा का भुगतान किया जाएगा।
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जिले में डेढ़ लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में गेहूं की खेती हुई है। खेतों में पककर तैयार फसल की कटाई शुरू हो चुकी है। ऐसे में किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार ने क्रय केंद्र स्थापित कर दिए हैं।
पूरे जिले में सात संस्थाओं के अंतर्गत कुल 72 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इन केंद्रों पर निर्धारित 1525 रुपये के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बिना किसी कटौती के खरीद की जाएगी।
केंद्रों पर आधुनिक तौल मशीनों के अलावा टेंट, शामियाना लगाने, पेयजल इंतजाम करने की हिदायत दी गई है ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। खरीद संस्थाएं भी अपने स्तर पर इस कार्य में लग गई हैं।
वैसे तो सरकारी रिकार्ड में क्रय केंद्र शुक्रवार से ही चालू कर दिएगए हैं। जबकि स्थिति इससे इतर है। क्रय केंद्रों पर पहले दिन ताला ही लटका दिखा। खेतों में पड़ी फसल की कटाई में मशगूल किसानों के केंद्रों तक आने में समय को देखते हुए कर्मचारी फिलहाल व्यवस्था सुदृढ़ करने में जुटे हुए हैं। विभागीय अफसरों का दावा है कि इस बार गेहूं की खरीद दोष रहित पारदर्शी तरीके से की जाएगी।