{"_id":"6a68f34eba5c62cdec01244f","slug":"every-field-will-be-monitored-crops-will-be-visible-on-the-app-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-161951-2026-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: हर खेत पर रहेगी नजर, एप पर दिखेगी फसल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: हर खेत पर रहेगी नजर, एप पर दिखेगी फसल
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। अब जिले के हर किसान और उसके खेत का गाटा और उस पर लगाई गई फसल ऑनलाइन दिखेगी। उसी फसल पर मुआवजा, खाद और किसान क्रेडिट कार्ड तय होगा। इसके लिए जनपद में लगभग नौ लाख गाटों का ई- सर्वे होगा। इसमें किस गाटा पर कौन सी फसल लगी है और कहां फसल नहीं लगाई गई, यह सब दर्ज होगा।
इससे घर बैठे रिपोर्ट लगाने की प्रक्रिया बंद होगी। वहीं, किसानों को मुआवजा मिलने में पारदर्शिता आएगी और किसानों को नुकसान नहीं होगा। अगले माह से सर्वे करने की प्रक्रिया शुरु हो जाएगी। इसकी मॉनिटरिंग राज्य और केंद्र स्तर से की जाएगी। माना जा रहा है कि इससे आने वाले दिनों में किसानों को लाभ मिलेगा।
सरकार किसानों की आय दोगुना करने के लिए कई प्रकार की योजनाएं संचालित कर रही है। इसमें किसानों को कृषि यंत्र, बीज सहित कई प्रकार की अनुदान देने का काम किया जा रहा है। इसके साथ व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटलाइजेशन पर जोर दिया जा रहा है। इसमें गाटा का सर्वे करने की प्रक्रिया ऑनलाइन पर जोर दिया जा रहा है।
विज्ञापन
गाटा का सर्वे पहले लेखपाल की ओर से कराया जाता था। अब कृषि विभाग की ओर से इसे ऑनलाइन दर्ज कराने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। ई- पड़ताल की व्यवस्था शुरु की गई है। इसमें जनपद के नौ गाटों को चिह्नित किया गया है। अब इन सभी गाटों का डोर टू टोर सर्वे किया जाएगा। हर खेत पर विभाग की ओर से टीम जाएगी। गाटे पर कौन सी फसल लगी है। ि
विज्ञापन
इससे घर बैठे रिपोर्ट लगाने की प्रक्रिया बंद होगी। वहीं, किसानों को मुआवजा मिलने में पारदर्शिता आएगी और किसानों को नुकसान नहीं होगा। अगले माह से सर्वे करने की प्रक्रिया शुरु हो जाएगी। इसकी मॉनिटरिंग राज्य और केंद्र स्तर से की जाएगी। माना जा रहा है कि इससे आने वाले दिनों में किसानों को लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
सरकार किसानों की आय दोगुना करने के लिए कई प्रकार की योजनाएं संचालित कर रही है। इसमें किसानों को कृषि यंत्र, बीज सहित कई प्रकार की अनुदान देने का काम किया जा रहा है। इसके साथ व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटलाइजेशन पर जोर दिया जा रहा है। इसमें गाटा का सर्वे करने की प्रक्रिया ऑनलाइन पर जोर दिया जा रहा है।
विज्ञापन
गाटा का सर्वे पहले लेखपाल की ओर से कराया जाता था। अब कृषि विभाग की ओर से इसे ऑनलाइन दर्ज कराने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। ई- पड़ताल की व्यवस्था शुरु की गई है। इसमें जनपद के नौ गाटों को चिह्नित किया गया है। अब इन सभी गाटों का डोर टू टोर सर्वे किया जाएगा। हर खेत पर विभाग की ओर से टीम जाएगी। गाटे पर कौन सी फसल लगी है। ि