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Siddharthnagar News: सुधरा पर्यावरण, फिर बिगड़ेगी हवा की गुणवत्ता
Thu, 07 Nov 2024 11:39 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 07 Nov 2024 11:39 PM IST
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शहर के अशोक मार्ग पर निर्माण कार्य में उड़ रही धूल में आते जाते लोग।
सिद्धार्थनगर। मौसम की नरमी और दीपावली पर जले पटाखों कई दिनों हवा को बिगड़ गया था। क्योंकि एक्यूआई का स्तर 160 पर पहुंच गया था। लेकिन इधर पिछले दो दिन से मौसम में सुधार हुआ और धूप के साथ धुंध छटा तो हवा की गुणवत्ता भी सुधर गई।
आंकड़ों के मुताबिक एक्यूआई 120 दर्ज की गई है। लेकिन छठ पर्व पर उल्लास में पटाखा छूटने से फिर हवा की सेहत बिगड़ेगी जो सेहत पर प्रतिकूल असर डालेगी। ऐसे में एक बार फिर सांस के रोगियों को और सजग होने की जरूरत है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सेहत को लेकर सतर्क होने जरूरत है। ठंड का मौसम आने के बाद प्रदूषण के स्तर में इजाफा होना शुरू हो जाता है। इसके साथ स्मॉग यानी कोहरा रहता और फिर धान की मड़ाई और पराली जलने से उठने वाले धुएं से हवा में प्रदूषण का जहर घुल जाता है। जैसा की दीपावली के आसपास दर्ज किया गया।
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तीन नवंबर को जिले में एक्यूआई 160 पर पहुंच गया है जो दो दिन पहले 30 अक्तूबर को 129 था। दीपावली पर 160 एक्यूआई पहुंचने के पीछे विशेषज्ञों का मानना था कि सैकड़ों क्विंटल पटाखा जला और फिर मौसम में बदलाव से धुंध सा हो गया है जो इसके बढ़ने की प्रमुख वजह है। छठ पर पटाखा छूटने और धान की कटाई के बाद पराली जलने से और हवा बिगड़ जाएगी।
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आंकड़ों के मुताबिक एक्यूआई 120 दर्ज की गई है। लेकिन छठ पर्व पर उल्लास में पटाखा छूटने से फिर हवा की सेहत बिगड़ेगी जो सेहत पर प्रतिकूल असर डालेगी। ऐसे में एक बार फिर सांस के रोगियों को और सजग होने की जरूरत है।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सेहत को लेकर सतर्क होने जरूरत है। ठंड का मौसम आने के बाद प्रदूषण के स्तर में इजाफा होना शुरू हो जाता है। इसके साथ स्मॉग यानी कोहरा रहता और फिर धान की मड़ाई और पराली जलने से उठने वाले धुएं से हवा में प्रदूषण का जहर घुल जाता है। जैसा की दीपावली के आसपास दर्ज किया गया।
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तीन नवंबर को जिले में एक्यूआई 160 पर पहुंच गया है जो दो दिन पहले 30 अक्तूबर को 129 था। दीपावली पर 160 एक्यूआई पहुंचने के पीछे विशेषज्ञों का मानना था कि सैकड़ों क्विंटल पटाखा जला और फिर मौसम में बदलाव से धुंध सा हो गया है जो इसके बढ़ने की प्रमुख वजह है। छठ पर पटाखा छूटने और धान की कटाई के बाद पराली जलने से और हवा बिगड़ जाएगी।