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‘दो सालों में यूपी से मिटा देंगे इंसेफेलाइटिस का नामोनिशान’

Sat, 31 Aug 2019 11:24 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 31 Aug 2019 11:24 PM IST
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Encephalitis will be eradicated from up in two years.
मातृ एवं शिशु अस्पताल पर सीएम के आने को ले कर महिलाओं की तलाशी लेती पुलिस। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
‘दो सालों में प्रदेश से मिटा देंगे इंसेफेलाइटिस का नामोनिशान’
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सिद्धार्थनगर। इंसेफेलाइटिस मुक्त उत्तर प्रदेश के लिए निजाम के साथ आवाम को भी जागरूक होने की जरूरत है। सरकार दस्तक और संचारी रोग जैसे अभियान चला रही हैं। इसका असर दिखने भी लगा है। इन दो सालों के अंदर इस रोग पर कुछ हद तक काबू भी पाया गया है। इसी तरह आवाम के साथ सरकारी मुलाजिमों का साथ मिला तो आने वाले दो सालों में पूर्वांचल सहित 38 प्रभावित जिलों से इंसेफेलाइटिस जैसी जानलेवा बीमारी का नामोनिशान मिट जाएगा। यह बात शनिवार को लोहिया कला भवन में आयोजित इंसेफेलाइटिस मुक्त उत्तर प्रदेश कार्यक्रम में सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहीं।
उन्होंने कहा कि जेई से लड़ने का अनुभव मुझे गोरखपुर में 21 साल पहले ही मिला था। इसे लेकर संसद से लेकर सड़क तक लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई गई। लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। लेकिन जब 2017 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो दृढ़ इच्छा शक्ति से संकल्प लिया गया कि इंसेफेलाइटिस को हर हाल में खत्म करेंगे। इसके लिए सभी विभागों को जिम्मेदारी दी गई। हर स्तर पर अभियान चलाए गए। इसका असर यह हुआ कि 2017 में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम के 213 केस आए थे। इनमें 38 मरीजों की मौतें हुई थी। 2018 में 149 केस आए इनमें 16 लोगों की जान गई। जबकि 2019 में अब तक 40 केस आए है और महज तीन मरीजों की मौतें हुई हैं। इसका भी मुझे अफसोस है। जबकि जापानी इंसेफेलाइटिस के 2017 में 55 केस में 16 मौतें हुईं। 2018 में 19 केस में पांच मौतें हुईं। 2019 में केवल चार केस आए और मौतें एक भी नहीं है। यह सब प्रदेश के लोगों और सरकारी कर्मचारियों के प्रयास से सफल हुआ है।
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सरकार के प्रयासों की दी जानकारी
योगी ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद 15 नए मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं। गोरखपुर में प्रधानमंत्री ने एम्स की सौगात दी है। बस्ती सहित अन्य सात जिलों में तीन दिन पहले ही 700 बच्चों को सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला मिला है।
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पीएम की तरह राष्ट्रभक्ति दिखाने की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सियोल शांति पुरस्कार की राशि को भी देश के लिए दान कर दिया। साथ ही उस पर लगे टैक्स को चुकाने के लिए वित्त मंत्रालय को पत्र भी लिखा हैं। ऐसी राष्ट्रभक्ति सबको दिखानी चाहिए। इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने दीप जलाकर की। कार्यक्रम को स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, शिक्षा मंत्री डॉ सतीश द्विवेदी, सांसद जगदंबिका पाल ने भी संबोधित किया। मौके पर विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, श्याधनी राही, चौधरी अमर सिंह, मंडलायुक्त अनिल सागर, आईजी आशुतोष कुमार, डीएम दीपक मीणा, एसपी डॉ धर्मबीर सिंह, सीडीओ हर्षिता माथुर सहित भाजपा जिलाध्यक्ष लाल जी त्रिपाठी, पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्र मणि त्रिपाठी, गोविंद माधव, लवकुश ओझा, कन्हैया पासवान आदि मौजूद रहे।
कुंभ में भी दिखी स्वच्छता की झलक
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल आयोजित कुंभ को पूरी दुनिया में सराहना मिली। 24 करोड़ श्रद्धालुओं ने कुंभ में डुबकी लगाई। लेकिन एक भी घटना कुंभ में नहीं घटी। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने के बाद भी कुुंभ में स्वच्छता अभियान सराहनीय रहा। जबकि इससे पूर्व की सरकार में हुए कुंभ में हादसे हुए।
आशा और आंगनाबाड़ी कार्यकर्ताओं के कार्यों को सराहा
योगी ने संचारी से लेकर दस्तक अभियान में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मेहनत की सराहना की। उन्होंने कहा कि इनकी बदौलत इंसेफेलाइटिस पर काबू पाया गया है।
भारत में बन रहा अब वैक्सीन
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले वैक्सीन दूसरे देशों से आता था। लेकिन अब यह देश में ही तैयार की जा रही है। उन्होंने दिगवंत सुषमा स्वराज का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह स्वास्थ्य मंत्री थीं, तो सदन में मैंने वैक्सीन की मांग पूर्वांचल के लिए की थी। तब उन्होंने एक लाख वैक्सीन देने की बात कही थी, जो पूर्वांचल के मरीजों के लिए उस समय संजीवनी थी। उस समय जरूरत कम से कम दो करोड़ वैक्सीन की थी। लेकिन अब वैक्सीन की कमी नहीं है।

असंभव शब्द अपनी डिक्शनरी से हटाए
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की वह असंभव शब्द अपनी डिक्शनरी से हटाएं। स्वच्छता और शुद्ध पेयजल अपनाएं। इससे जेई से लेकर चिकनगुनिया, कालरा, मलेरिया जैसी बीमारियों परेशान नहीं करेंगी। बताया कि सरकार एक डॉक्टर को तैयार करने में 10 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। डॉक्टरों को चाहिए कि वह अपना काम तन्मयता से करें। शनिवार से ही गोरखपुर एम्स में 50 छात्रों को प्रवेश दिया गया है।
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