{"_id":"678be4e39d5e034fef081ff5","slug":"electricity-workers-tied-black-bands-will-protest-on-23rd-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1003-130933-2025-01-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: बिजली कर्मियों ने बांधी काली पट्टी, 23 को करेंगे प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: बिजली कर्मियों ने बांधी काली पट्टी, 23 को करेंगे प्रदर्शन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बिजली के निजीकरण के विरोध में शनिवार को भी बिजलीकर्मियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध किया।
निजीकरण के लिए सलाहकार नियुक्त करने की प्रबंधन की कोशिश से बिजली कर्मियों में गुस्सा है। इस क्रम में बिजली कर्मी 23 जनवरी को प्री बिडिंग कांफ्रेंस के दिन प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन करेंगे। संघर्ष समिति ने निजीकरण के विरोध में अगले सप्ताह भी काली पट्टी बांधकर विरोध जारी रखने का निर्णय लिया है।
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि निजीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ करने हेतु पाॅवर काॅरपोरेशन प्रबंधन कंसल्टेंट की नियुक्ति की प्रक्रिया तत्काल रद्द करे, अन्यथा अनावश्यक तौर पर ऊर्जा निगमों में औद्योगिक अशांति का वातावरण बन रहा है। इसकी जिम्मेदारी प्रबंधन की है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी ज्ञान प्रकाश, योगेश बघेल, नीरज कुशवाहा, यादवेश राय, पंकज कुमार, अनिल कुमार यादव, राजदीप चौधरी आदि ने कहा कि पाॅवर काॅरपोरेशन प्रबंधन पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया के तहत शक्ति भवन में प्री बिडिंग कांफ्रेंस करने जा रहा है।
संघर्ष समिति ने कहा कि जहां एक ओर निजीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ होने से बिजली कर्मियों में पहले से ही भारी गुस्सा व्याप्त है। दूसरी ओर विद्युत वितरण निगमों को बेचने के लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने के लिए प्री बिडिंग कांफ्रेंस के समाचार से बिजली कर्मियों का आक्रोश और बढ़ गया है। संघर्ष समिति ने ऐलान किया है कि प्री बिडिंग कांफ्रेंस के दिन समस्त ऊर्जा निगमों के तमाम बिजली कर्मचारी, संविदा कर्मी और अभियंता भोजन अवकाश के दौरान कार्यालयों से बाहर आकर व्यापक विरोध प्रदर्शन करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। बिजली के निजीकरण के विरोध में शनिवार को भी बिजलीकर्मियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध किया।
निजीकरण के लिए सलाहकार नियुक्त करने की प्रबंधन की कोशिश से बिजली कर्मियों में गुस्सा है। इस क्रम में बिजली कर्मी 23 जनवरी को प्री बिडिंग कांफ्रेंस के दिन प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन करेंगे। संघर्ष समिति ने निजीकरण के विरोध में अगले सप्ताह भी काली पट्टी बांधकर विरोध जारी रखने का निर्णय लिया है।
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि निजीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ करने हेतु पाॅवर काॅरपोरेशन प्रबंधन कंसल्टेंट की नियुक्ति की प्रक्रिया तत्काल रद्द करे, अन्यथा अनावश्यक तौर पर ऊर्जा निगमों में औद्योगिक अशांति का वातावरण बन रहा है। इसकी जिम्मेदारी प्रबंधन की है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी ज्ञान प्रकाश, योगेश बघेल, नीरज कुशवाहा, यादवेश राय, पंकज कुमार, अनिल कुमार यादव, राजदीप चौधरी आदि ने कहा कि पाॅवर काॅरपोरेशन प्रबंधन पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया के तहत शक्ति भवन में प्री बिडिंग कांफ्रेंस करने जा रहा है।
विज्ञापन
संघर्ष समिति ने कहा कि जहां एक ओर निजीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ होने से बिजली कर्मियों में पहले से ही भारी गुस्सा व्याप्त है। दूसरी ओर विद्युत वितरण निगमों को बेचने के लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने के लिए प्री बिडिंग कांफ्रेंस के समाचार से बिजली कर्मियों का आक्रोश और बढ़ गया है। संघर्ष समिति ने ऐलान किया है कि प्री बिडिंग कांफ्रेंस के दिन समस्त ऊर्जा निगमों के तमाम बिजली कर्मचारी, संविदा कर्मी और अभियंता भोजन अवकाश के दौरान कार्यालयों से बाहर आकर व्यापक विरोध प्रदर्शन करेंगे।
विज्ञापन