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Siddharthnagar News: बिना पंजीकरण के संचालित मिले आठ अस्पताल, नोटिस जारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बर्डपुर। नायब तहसीलदार विजय श्रीवास्तव, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डाॅ. सुबोध चंद्रा ने क्षेत्र के बिना पंजीकरण के चल रहे छह अस्पतालों का निरीक्षण कर नोटिस दिया। साथ ही बिना पंजीकरण के चलाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। वहीं बांसी में बिना पंजीकरण संचालित दो अस्पतालों के संचालकां क नोटिस दिया गया।
नायब तहसीलदार विजय श्रीवास्तव, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डाॅ. सुबोध चंद्रा ने ककरहवा बाजार के इरम डेंटल क्लीनिक का निरीक्षण किया। इस दौरान क्लिनिक खुला था।
बिना पंजीकरण के ही अस्पताल का संचालन किया जा रहा था। नायब तहसीलदार ने अस्पताल को बंद करने का आदेश दिया। चेतावनी दी कि बिना पंजीकरण के अस्पताल का संचालन पाए जाने पर क्लिनिक को सील कर दिया जाएगा।
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संचालक मोहम्मद आसिफ को नोटिस निर्गत कर चेतावनी दी गई। ककरहवा में ही डाॅ. बंगाली के अस्पताल का पंजीकरण आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग से हुआ है, लेकिन मौके पर एलोपैथी विधि से मरीज का इलाज किया जा रहा था। चिकित्सक डॉ. ज्ञान प्रताप विश्वास उपस्थित नहीं थे। मौके पर बवासीर से पीड़ित तीन मरीज अमृता लोध, मीना लोध, जहरूनिशा को भर्ती किया गया था। यहां भर्ती मरीज का इलाज दीपाली विश्वास नामक महिला कर रही थी। संचालक को चेतावनी देते हुए अस्पताल का संचालन बंद करने का निर्देश दिया गया। ककरहवा के ही जेएस हेल्थ क्लीनिक का पंजीकरण आयुर्वेद चिकित्सक विभाग द्वारा किया गया है, लेकिन मौके पर एलोपैथ विधि से इलाज किया जाता पाया गया। यहां एलोपैथिक मेडिकल स्टोर का संचालन पाया गया। मौके पर आयुर्वेदिक दवाएं नहीं मिलीं। दो बेड लगाए गए थे एक बोतल टंगी थी। मौके पर उर्मिला जो कि नेपाल की निवासी थी। शरीर में दर्द व अन्य समस्या को लेकर इलाज कराने आई थी। बीएएमएस डाॅ. जितेन्द्र जायसवाल, जितेंद्र द्वारा एलोपैथिक विधि से इलाज करते हुए पाया गया। अस्पताल का संचालन आयुर्वेदिक विधि से करने का नोटिस दिया गया।
भारत-नेपाल सीमा के ककरहवा में ही डाॅ. वसीउदृदीन अस्पताल बंद कर फरार हो गया। फोन से चेतावनी दी गई तथा अभिलेख के साथ प्रस्तुत होने का नोटिस दिया गया। फसादीपुर रोड पर आरपी पैथोलाॅजी में बिना पंजीकरण के ही जांच की जा रही थी। मौके पर बायोकेमिस्टी, आटो एनलाइजर, मशीन पाया गया। पैथाेलाॅजी का संचालन बंद करने का निर्देश देते हुए उक्त के संबंध में स्टष्टीकरण तलब किया गया।
दिल्ली डेंन्टल, अंश हेल्थ केयर, टैक्सी स्टैंड, ककरहवा का पंजीकरण नहीं पाया गया। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि बिना पंजीकरण ही हेल्थ केयर का संचालन किया जा रहा है।
मौके पर चिकित्सक डाॅ. गौतम कुमार एमबीबीएस, डीएच उपस्थित नहीं थे। नोटिस निर्गत करते हुए पंजीकरण के उपरान्त हेल्थ केयर सेन्टर का संचालन करने का निर्देश दिया गया।
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बर्डपुर। नायब तहसीलदार विजय श्रीवास्तव, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डाॅ. सुबोध चंद्रा ने क्षेत्र के बिना पंजीकरण के चल रहे छह अस्पतालों का निरीक्षण कर नोटिस दिया। साथ ही बिना पंजीकरण के चलाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। वहीं बांसी में बिना पंजीकरण संचालित दो अस्पतालों के संचालकां क नोटिस दिया गया।
नायब तहसीलदार विजय श्रीवास्तव, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डाॅ. सुबोध चंद्रा ने ककरहवा बाजार के इरम डेंटल क्लीनिक का निरीक्षण किया। इस दौरान क्लिनिक खुला था।
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बिना पंजीकरण के ही अस्पताल का संचालन किया जा रहा था। नायब तहसीलदार ने अस्पताल को बंद करने का आदेश दिया। चेतावनी दी कि बिना पंजीकरण के अस्पताल का संचालन पाए जाने पर क्लिनिक को सील कर दिया जाएगा।
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संचालक मोहम्मद आसिफ को नोटिस निर्गत कर चेतावनी दी गई। ककरहवा में ही डाॅ. बंगाली के अस्पताल का पंजीकरण आयुर्वेद एवं यूनानी विभाग से हुआ है, लेकिन मौके पर एलोपैथी विधि से मरीज का इलाज किया जा रहा था। चिकित्सक डॉ. ज्ञान प्रताप विश्वास उपस्थित नहीं थे। मौके पर बवासीर से पीड़ित तीन मरीज अमृता लोध, मीना लोध, जहरूनिशा को भर्ती किया गया था। यहां भर्ती मरीज का इलाज दीपाली विश्वास नामक महिला कर रही थी। संचालक को चेतावनी देते हुए अस्पताल का संचालन बंद करने का निर्देश दिया गया। ककरहवा के ही जेएस हेल्थ क्लीनिक का पंजीकरण आयुर्वेद चिकित्सक विभाग द्वारा किया गया है, लेकिन मौके पर एलोपैथ विधि से इलाज किया जाता पाया गया। यहां एलोपैथिक मेडिकल स्टोर का संचालन पाया गया। मौके पर आयुर्वेदिक दवाएं नहीं मिलीं। दो बेड लगाए गए थे एक बोतल टंगी थी। मौके पर उर्मिला जो कि नेपाल की निवासी थी। शरीर में दर्द व अन्य समस्या को लेकर इलाज कराने आई थी। बीएएमएस डाॅ. जितेन्द्र जायसवाल, जितेंद्र द्वारा एलोपैथिक विधि से इलाज करते हुए पाया गया। अस्पताल का संचालन आयुर्वेदिक विधि से करने का नोटिस दिया गया।
भारत-नेपाल सीमा के ककरहवा में ही डाॅ. वसीउदृदीन अस्पताल बंद कर फरार हो गया। फोन से चेतावनी दी गई तथा अभिलेख के साथ प्रस्तुत होने का नोटिस दिया गया। फसादीपुर रोड पर आरपी पैथोलाॅजी में बिना पंजीकरण के ही जांच की जा रही थी। मौके पर बायोकेमिस्टी, आटो एनलाइजर, मशीन पाया गया। पैथाेलाॅजी का संचालन बंद करने का निर्देश देते हुए उक्त के संबंध में स्टष्टीकरण तलब किया गया।
दिल्ली डेंन्टल, अंश हेल्थ केयर, टैक्सी स्टैंड, ककरहवा का पंजीकरण नहीं पाया गया। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि बिना पंजीकरण ही हेल्थ केयर का संचालन किया जा रहा है।
मौके पर चिकित्सक डाॅ. गौतम कुमार एमबीबीएस, डीएच उपस्थित नहीं थे। नोटिस निर्गत करते हुए पंजीकरण के उपरान्त हेल्थ केयर सेन्टर का संचालन करने का निर्देश दिया गया।
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