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Siddharthnagar News: बदलते मौसम में बढ़े सर्दी-जुकाम व बुखार के मरीज
Thu, 22 Oct 2026 11:29 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 22 Oct 2026 11:29 PM IST
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मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद
भारतभारी। बदलते मौसम के साथ सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायतें बढ़ने लगी हैं। दिन में तेज धूप और रात में ठंड के कारण लोग स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
चिकित्सकों के अनुसार, मौसम में बदलाव के दौरान वायरल संक्रमण के कारण सर्दी-बुखार की समस्या हो सकती है।
बेवा सीएचसी में तैनात चिकित्सक डॉ. राहुल चौधरी ने बताया कि नाक बहना या बंद होना, छींक आना, गले में खराश, खांसी और आंखों से पानी आना सर्दी के सामान्य लक्षण हैं। कुछ संक्रमणों में बुखार, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द भी हो सकता है। लक्षणों की गंभीरता और उनकी अवधि अलग-अलग हो सकती है। तेज बुखार होने, सांस लेने में परेशानी पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
डॉ. राहुल चौधरी ने बताया कि संक्रमण से बचाव के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें। बीमार होने पर दूसरों के निकट संपर्क में आने से बचें।
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गले में खराश होने पर गुनगुने नमक-पानी से गरारे किए जा सकते हैं। एक वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों और वयस्कों में खांसी से राहत के लिए शहद का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
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चिकित्सकों के अनुसार, मौसम में बदलाव के दौरान वायरल संक्रमण के कारण सर्दी-बुखार की समस्या हो सकती है।
बेवा सीएचसी में तैनात चिकित्सक डॉ. राहुल चौधरी ने बताया कि नाक बहना या बंद होना, छींक आना, गले में खराश, खांसी और आंखों से पानी आना सर्दी के सामान्य लक्षण हैं। कुछ संक्रमणों में बुखार, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द भी हो सकता है। लक्षणों की गंभीरता और उनकी अवधि अलग-अलग हो सकती है। तेज बुखार होने, सांस लेने में परेशानी पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
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डॉ. राहुल चौधरी ने बताया कि संक्रमण से बचाव के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें। बीमार होने पर दूसरों के निकट संपर्क में आने से बचें।
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गले में खराश होने पर गुनगुने नमक-पानी से गरारे किए जा सकते हैं। एक वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों और वयस्कों में खांसी से राहत के लिए शहद का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।