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मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब, सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम

Sun, 29 Sep 2019 10:06 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 29 Sep 2019 10:06 PM IST
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durgapuja.
शहर के सिंहेश्वरी मंदिर पर नवरात्र के पहले दिन पूजा करते श्रद्धालु। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
शक्तिपीठों में उमड़े श्रद्धालु, गूंजे माता के जयकारे
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सिद्धार्थनगर। शारदीय नवरात्र के पहले दिन रविवार को जनपद के देवी मंदिरों व शक्तिपीठों में श्रद्धा-भक्ति के साथ मां भगवती की आराधना हुई। श्रद्धालुओं ने मां का दर्शन-पूजन कर लोक मंगल की कामना की। इस दौरान घंटा-घड़ियाल और जयघोष से वातावरण गुंजायमान रहा। घरों में लोगों ने परंपरागत ढंग से पूजा कर नवरात्र का उपवास शुरू किया। बारिश में भी भोर से ही देवी मंदिरों में दर्शन के लिए होड़ लगी रही। मंदिरों के साथ ही जयकारे के साथ पंडालों में दुर्गा प्रतिमाएं पहुंचने का सिलसिला तेज हो गया है।
नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालु बड़े सबेरे उठे और स्नान ध्यान के बाद तय मुहूर्त पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना कर नवरात्र व्रत का संकल्प लिया। श्रद्धालुओं ने जिला मुख्यालय स्थित सिंहेश्वरी देवी मंदिर, पल्टादेवी मंदिर व योगमाया मंदिर के अलावा वटवासिनी मां गालापुर, जोगिया ब्लाक के सिसवा बुजुर्ग में प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर व अन्य सभी प्रमुख देवी मंदिरों व शक्तिपीठों पर पहुंचकर दुर्गा सप्तशती का पाठ किया। शहर समेत पूरे जिले में सज रहे पंडालों में भी आयोजकों ने विधि-विधान से कलश स्थापना की प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान मंदिरों के आसपास मेले जैसा माहौल रहा। श्रद्धालुओं ने शैलपुत्री देवी की पूजा-अर्चना के साथ घरों में भी कलश की स्थापना की।
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मंदिरों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
शारदीय नवरात्र में देवी मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा का कड़ा बंदोबस्त किया है। सिंहेश्वरी देवी मंदिर, पल्टादेवी मंदिर, योगमाया मंदिर समेत अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित देवी मंदिरों पर सुरक्षा इंतजाम के लिए सभी थानाध्यक्षों को सख्त हिदायत दिए गए हैं।
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मां दुर्गा की प्राण प्रतिष्ठा
औराताल। शतचंडी महायज्ञ और आदि शक्ति मंदिर में मां दुर्गा की प्राण प्रतिष्ठा के तत्वावधान में शक्तिनगर तुरकौलिया तिवारी से कलश यात्रा निकाली गई कलश भरने के लिए तुरकौलिया से वाहनों का काफिला तिघरा घाट स्थित राप्ती नदी से जल भरने के लिए रवाना हुआ। ज्ञात हो कि तुरकौलिया तिवारी में आदिशक्ति मंदिर के निर्माण के पूर्ण होने पर मां दुर्गा की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। शतचंडी महायज्ञ का आयोजन मानती देवी त्रिपाठी ब्लॉक प्रमुख डुमरियागंज के द्वारा करवाया जा रहा है जिसमें राष्ट्रीय संत स्वरूपानंद जी महाराज के द्वारा नव दिवसीय राम कथा भी कही जाएगी। आज प्रात: काल वाहनों का काफिला भारी बरसात के बीच शक्तिनगर तुरकौलिया तिवारी से तिघरा घाट राप्ती नदी से जल भरने के लिए रवाना हुआ। यहां पर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष व महाराजगंज के प्रभारी नरेंद्र मणि त्रिपाठी के द्वारा पूजन करने के बाद कलश के द्वारा जल भर कर वापस तुरकौलिया तिवारी लाया गया। नितिन त्रिपाठी, अमर त्रिपाठी, शिवपूजन त्रिपाठी, फूलचंद यादव, राजेंद्र यादव, शमीम खान सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
बूंदाबांदी के बीच हुई काली मंदिर में पूजा-अर्चना
इटवा। स्थानीय क्षेत्र मे शारदीय नवरात्रि के पहले दिन देवी मंदिरों पर भक्तों की भारी भीड़ रही। क्षेत्र के गालापुर मे स्थित कालीजी के मंदिर पर शारदीय नवरात्र के पहले दिन बूंदाबांदी के बीच श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही। बारिश के कारण चौखड़ा से गालापुर सड़क की कुटाई करके छोड़ दिए जाने से श्रद्धालुओं को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा है।
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भक्तों की मिन्नतें पूरी करती हैं कठेला समय माता
नेपाल से भी भक्तिभाव से दर्शन के लिए आते हैं श्रद्धालु
अमर उजाला ब्यूरो
परसा। इटवा तहसील के कठेला बाजार में विराजमान समय माता का दर्शन करने से भक्तों की खाली झोली भर जाती है। आकर्षक मंदिर का निर्माण कराया गया है। आदि शक्ति के दर्शन करने के लिए नेपाल सहित कई जगहों से भक्त आते हैं।
इस मंदिर को पर्यटन के रूप में विकसित करने की तैयारी चल रही है। नवरात्र के दिनों में तो यहां पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु हाजिरी लगाते हैं। समय माता का मंदिर प्राचीन काल से ही आस्था का केंद्र बना हुआ है। तुलसियापुर चौराहे से करीब 10 किलोमीटर दूर बूढ़ी राप्ती नदी के तट पर कठेला में समय माता का प्राचीन मंदिर है। नवरात्र के समय यहां पर बड़ी संख्या में लोग कड़ाही चढ़ाने आते हैं। मुंडन व अन्य संस्कार कराने के लिए लोग इस मंदिर पर आते हैं। मनौती पूरी होने पर मंदिर परिसर में प्रतीक के रूप में हाथी की स्थापना की जाती है। मान्यता है कि समय माता का दर्शन मात्र से भक्तों की खाली झोली भर जाती है। मंदिर की व्यवस्था को देख रहे पूर्वांचल बैंक कठेला के पूर्व शाखा प्रबंधक आरएन त्रिपाठी का कहना है कि इस ऐतिहासिक मंदिर का वर्णन चीनी यात्री फाह्यान की पुस्तक में भी मिलता है। यहां पर समय माता व शिव जी की 108 फीट ऊंचा मंदिर भी है। वनदेवी, हनुमान मंदिर व भव्य यज्ञशाला भी है।

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151 महिलाओं ने निकाली कलश यात्रा
पकड़ी। शोहरतगढ़ क्षेत्र के ग्रामसभा टड़िया में स्थित वैष्णो मंदिर पर नव दुर्गा पूजा समिति की तरफ से शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन कलश स्थापना के लिए महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। इस दौरान 151 महिलाओं ने कलश लेकर भजन-कीर्तन करते हुए बूढ़ी राप्ती नदी के होरिलापुर घाट पहुंची। टड़िया में स्थित वैष्णो मंदिर पर नव दुर्गा पूजा समिति की तरफ से नवरात्र के प्रथम दिन कलश स्थापना के लिए कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा टड़िया वैष्णो मंदिर से शुरू होकर जोगीबारी, जूड़ीकुइया, जनकपुर, खेतवला, डबरा, बभनी बाजार, परसोहिया होते हुए बुढ़ी राप्ती नदी के होरिलापुर घाट पर पहुंचा। जहां पूजन करने के बाद जल भरकर महिलाएं वापस भईसहवा, भटपुरवा, बभनी बाजार, अधियारी, बहरजवा, सहिजनवा होते हुए टडिया वैष्णो मंदिर पर पहुंचीं। इस दौरान शोहरतगढ़ की चेयरमैन बबिता कसौधन, हियुवा नेता सुभाष गुप्ता, आयोजक मेजर सिंह चौहान, शिवम, शोविद चौहान, गोविन्द, रामू गौड़ आदि मौजूद रहे।
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