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Siddharthnagar News: सीमावर्ती क्षेत्र में जडें़ जमा रहे नशे के धंधेबाज, युवा हो रहे शिकार
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संवाद न्यूज एजेंसी
शोहरतगढ़। सीमावर्ती बढ़नी, खुनुवां से शोहरतगढ़ कस्बा इस समय नशे के रूप में बिकने वाले स्मैक का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। यहां के युवा इसके शिकार हो रहे हैं, लेकिन इससे जुड़े धंधेबाज स्मैक को बाॅर्डर पार कर नेपाल में कैरियर के माध्यम से भेजकर मोटी कमाई कर रहे हैं। दो दिनों के अंदर पकड़े गए तस्करों से पूछताछ में कई तथ्य की जानकारी हुई है।
इसमें इनका नेटवर्क नेपाल से लगायत प्रदेश व देश के विभिन्न हिस्सों तक होने की बात सामने आई है। वहीं इस सूखे नशे की लत में युवा पीढ़ी आ गई है। कई परिवार व घर स्मैक इत्यादि के चक्कर में बर्बादी के कगार पर पहुंच चुका है। स्मैक के धंधे में कई सफेद पोश नामचीन लोग जुड़े हैं, कस्बे के अन्य स्थानों पर बैठकर सिंडिकेट चला रहे हैं।
स्मैक बाराबंकी, बलरामपुर, बहराइच के रास्ते बढ़नी, खुनुवां आदि स्थानों नेपाल में भी जगह-जगह स्मैक की तस्करी कैरियर में माध्यम से भेजी जा रही है, जिसकी धरपकड़ में सुरक्षा एजेंसियां लगी हैं। इसका नतीजा 10 फरवरी को 6.80 ग्राम स्मैक व 12 फरवरी 15.55 ग्राम स्कैम साथ दो नेपाली तस्कर को बढ़नी एसएसबी व पुलिस की टीम ने पकड़ा था।
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जो बलरामपुर से नेपाल ले जाने की फिराक में था। वहीं इसका धंधा करने वालों की पुलिस विभाग से लेकर अन्य सुरक्षा एजेंसियां तक सेटिंग है। उनका मानना है कि कोई कुछ नहीं कर सकेगा।
जानकार बताते हैं कि स्मैक के धंधे में कई गुना कमाई है, दस सालों में बढ़नी, खुनुवां, शोहरतगढ़ में नशीले पदार्थ का धंधा करने वाले अचानक मालामाल हुए हैं। इस धंधे में कई सफेदपोश चेहरे भी शामिल हैं। जो जांच एजेंसियों के संदेह के दायरे में हैं। शोहरतगढ़ के खुनुवां बाईपास रोड, कस्बे के गलियारों सहित बढ़नी क्षेत्र के मधवानगर जाने वाली रोड के पास शाम होते ही एक मकान एवं रेलवे स्टेशन के पास युवाओं का तांता लगा रहता है। 200 से 300 में इनको आसानी से स्मैक की पुड़िया उपलब्ध हो जा रही है।
24 घंटे नशे का यह धंधा खुलेआम काम चल रहा है। स्मैक के धंधेबाज इतने सिस्टम से काम करते हैं कि वे पुलिस की पकड़ से बाहर रहते हैं। कई तो कैमरे से माॅनिटरिंग करके घर से बाहर वालों को देखकर कंफर्म करने के बाद ग्राहकों को स्मैक उपलब्ध कराते हैं। क्षेत्र के लोगों ने स्मैक के बड़े धंधेबाजों के खिलाफ कार्रवाई करने एवं युवाओं को नशे से बचाने के लिए अभियान चलाने की मांग की है।
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शोहरतगढ़। सीमावर्ती बढ़नी, खुनुवां से शोहरतगढ़ कस्बा इस समय नशे के रूप में बिकने वाले स्मैक का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। यहां के युवा इसके शिकार हो रहे हैं, लेकिन इससे जुड़े धंधेबाज स्मैक को बाॅर्डर पार कर नेपाल में कैरियर के माध्यम से भेजकर मोटी कमाई कर रहे हैं। दो दिनों के अंदर पकड़े गए तस्करों से पूछताछ में कई तथ्य की जानकारी हुई है।
इसमें इनका नेटवर्क नेपाल से लगायत प्रदेश व देश के विभिन्न हिस्सों तक होने की बात सामने आई है। वहीं इस सूखे नशे की लत में युवा पीढ़ी आ गई है। कई परिवार व घर स्मैक इत्यादि के चक्कर में बर्बादी के कगार पर पहुंच चुका है। स्मैक के धंधे में कई सफेद पोश नामचीन लोग जुड़े हैं, कस्बे के अन्य स्थानों पर बैठकर सिंडिकेट चला रहे हैं।
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स्मैक बाराबंकी, बलरामपुर, बहराइच के रास्ते बढ़नी, खुनुवां आदि स्थानों नेपाल में भी जगह-जगह स्मैक की तस्करी कैरियर में माध्यम से भेजी जा रही है, जिसकी धरपकड़ में सुरक्षा एजेंसियां लगी हैं। इसका नतीजा 10 फरवरी को 6.80 ग्राम स्मैक व 12 फरवरी 15.55 ग्राम स्कैम साथ दो नेपाली तस्कर को बढ़नी एसएसबी व पुलिस की टीम ने पकड़ा था।
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जो बलरामपुर से नेपाल ले जाने की फिराक में था। वहीं इसका धंधा करने वालों की पुलिस विभाग से लेकर अन्य सुरक्षा एजेंसियां तक सेटिंग है। उनका मानना है कि कोई कुछ नहीं कर सकेगा।
जानकार बताते हैं कि स्मैक के धंधे में कई गुना कमाई है, दस सालों में बढ़नी, खुनुवां, शोहरतगढ़ में नशीले पदार्थ का धंधा करने वाले अचानक मालामाल हुए हैं। इस धंधे में कई सफेदपोश चेहरे भी शामिल हैं। जो जांच एजेंसियों के संदेह के दायरे में हैं। शोहरतगढ़ के खुनुवां बाईपास रोड, कस्बे के गलियारों सहित बढ़नी क्षेत्र के मधवानगर जाने वाली रोड के पास शाम होते ही एक मकान एवं रेलवे स्टेशन के पास युवाओं का तांता लगा रहता है। 200 से 300 में इनको आसानी से स्मैक की पुड़िया उपलब्ध हो जा रही है।
24 घंटे नशे का यह धंधा खुलेआम काम चल रहा है। स्मैक के धंधेबाज इतने सिस्टम से काम करते हैं कि वे पुलिस की पकड़ से बाहर रहते हैं। कई तो कैमरे से माॅनिटरिंग करके घर से बाहर वालों को देखकर कंफर्म करने के बाद ग्राहकों को स्मैक उपलब्ध कराते हैं। क्षेत्र के लोगों ने स्मैक के बड़े धंधेबाजों के खिलाफ कार्रवाई करने एवं युवाओं को नशे से बचाने के लिए अभियान चलाने की मांग की है।