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Siddharthnagar News: दिन और रात के तापमान में दोगुना अंतर बना रहा बीमार
Sat, 13 May 2023 01:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 13 May 2023 01:12 AM IST
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सिद्धार्थनगर। दिन में 40 डिग्री तक तपन और रात 12 बजे के पारा में बड़ी गिरावट होने से लोग बीमार हो रहे हैं। अस्पताल में सर्दी और बुखार से पीड़ित बच्चे अधिक पहुंच रहे हैं। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में इन मरीजों की भीड़ पहुंच रही है। इसमें सबसे अधिक भीड़ बच्चों के डॉक्टर के कक्ष में हो रही है। नियमित 200 से अधिक बीमार बच्चे पहुंच रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके झा ने बताया कि दिन और रात के तापमान में करीब आधे के अंतर से लोग मौसमी बीमारी का शिकार हो रहे हैं। सुबह 10 से शाम पांच बजे तक पारा लगातार चढ़ता है। स्थिति यह है कि दोपहर में 40 तो रात में तापमान 20 डिग्री तक लुढ़क जा रहा है। ऐसे में लोग बीमार हो रहे हैं। बीमार होने वालों में सबसे अधिक बच्चे हैं।
जरा सी लापरवाही से बच्चों को जुकाम के साथ ही बुखार भी हो जा रहा है। जो कई दिनों तक रह रहा है। इसमें बच्चों के साथ ही अन्य उम्र के लोग भी हैं, लेकिन मौसम से सबसे अधिक परेशानी बच्चों को ही हो रही है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में बच्चों के दो चिकित्सक बैठ रहे हैं। प्रतिदिन दोनों चिकित्सकों की ओपीडी में 180-200 बच्चे पहुंच रहे हैं। इसमें अधिकांश ऐसे आ रहे हैं, जिन्हें एक बार जुकाम और बुखार हुआ और लगातार बीमार पड़ रहे हैं। वहीं कुछ बच्चे ऐसे आ रहे हैं, जिन्हें जुकाम और फिर खांसी आने लगी। अब स्थित यह बन जा रही है कि खांसते- खांसते सांस नहीं ले पा रहे हैं। वहीं बच्चों के वार्ड में भी तेज के बुखार के साथ जुकाम के रोगी भर्ती हो रहे हैं। चिकित्सक इसे मौसम का बदलाव बता रहे हैं। उनका कहना है कि मौसम का असर कमोबेश सब पर है। लेकिन नाजुक होने के कारण बच्चों को अधिक प्रभावित कर रहा है। अस्पताल में आने वाले हर मरीज का बेहतर इलाज करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्हें हर संभव दवा मिले, इसके लिए पूरा प्रयास है।
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बचाव बेहद जरूरी
लू का प्रकोप तेजी से बढ़ा है, ऐसे में दिन में गर्मी बहुत ही बढ़ जा रही है। अगर बहुत ही आवश्यक न हो तो बच्चों को बाहर न निकलने दें। हमेशा पूरी बांह के कपड़े पहनाएं। बाहर की कोई भी वस्तु न खिलाएं। पीने को ठंडा पानी न दें। बासी भोजन न खिलाएं। इससे मौसम की बीमारी से बचा जा सकता है। अगर बच्चे को बुखार हो रहा है तो तत्काल चिकित्सक को दिखाएं। बिना उनके परामर्श के दवा न लें। बीमारी होने पर लापरवाही बच्चों के लिए खतरनाक हो सकती है। - डॉॅ. फजल खान, बालरोग विशेषज्ञ, माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज
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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके झा ने बताया कि दिन और रात के तापमान में करीब आधे के अंतर से लोग मौसमी बीमारी का शिकार हो रहे हैं। सुबह 10 से शाम पांच बजे तक पारा लगातार चढ़ता है। स्थिति यह है कि दोपहर में 40 तो रात में तापमान 20 डिग्री तक लुढ़क जा रहा है। ऐसे में लोग बीमार हो रहे हैं। बीमार होने वालों में सबसे अधिक बच्चे हैं।
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जरा सी लापरवाही से बच्चों को जुकाम के साथ ही बुखार भी हो जा रहा है। जो कई दिनों तक रह रहा है। इसमें बच्चों के साथ ही अन्य उम्र के लोग भी हैं, लेकिन मौसम से सबसे अधिक परेशानी बच्चों को ही हो रही है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में बच्चों के दो चिकित्सक बैठ रहे हैं। प्रतिदिन दोनों चिकित्सकों की ओपीडी में 180-200 बच्चे पहुंच रहे हैं। इसमें अधिकांश ऐसे आ रहे हैं, जिन्हें एक बार जुकाम और बुखार हुआ और लगातार बीमार पड़ रहे हैं। वहीं कुछ बच्चे ऐसे आ रहे हैं, जिन्हें जुकाम और फिर खांसी आने लगी। अब स्थित यह बन जा रही है कि खांसते- खांसते सांस नहीं ले पा रहे हैं। वहीं बच्चों के वार्ड में भी तेज के बुखार के साथ जुकाम के रोगी भर्ती हो रहे हैं। चिकित्सक इसे मौसम का बदलाव बता रहे हैं। उनका कहना है कि मौसम का असर कमोबेश सब पर है। लेकिन नाजुक होने के कारण बच्चों को अधिक प्रभावित कर रहा है। अस्पताल में आने वाले हर मरीज का बेहतर इलाज करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्हें हर संभव दवा मिले, इसके लिए पूरा प्रयास है।
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बचाव बेहद जरूरी
लू का प्रकोप तेजी से बढ़ा है, ऐसे में दिन में गर्मी बहुत ही बढ़ जा रही है। अगर बहुत ही आवश्यक न हो तो बच्चों को बाहर न निकलने दें। हमेशा पूरी बांह के कपड़े पहनाएं। बाहर की कोई भी वस्तु न खिलाएं। पीने को ठंडा पानी न दें। बासी भोजन न खिलाएं। इससे मौसम की बीमारी से बचा जा सकता है। अगर बच्चे को बुखार हो रहा है तो तत्काल चिकित्सक को दिखाएं। बिना उनके परामर्श के दवा न लें। बीमारी होने पर लापरवाही बच्चों के लिए खतरनाक हो सकती है। - डॉॅ. फजल खान, बालरोग विशेषज्ञ, माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज