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Siddharthnagar News: बच्चों में बुखार को न करें नजरअंदाज, बढ़ रहे टाइफाइड के मामले

Thu, 09 Jul 2026 03:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Thu, 09 Jul 2026 03:01 AM IST
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Do not ignore fever in children; typhoid cases are on the rise.
मेडिकल कॉलेज और सीएचसी में बच्चों के बुखार व संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ी
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सिद्धार्थनगर। अगर आपका बच्चा बुखार से पीड़ित है तो नजरअंदाज न करें। छोटी सी लापरवाही बड़ी समस्या में डाल सकती है। इन दिनों बुखार से पीड़ित बच्चों के खून की जांच में टाइफाइड की पुष्टि हो रही है। इसके लिए लंबे समय तक दवा चलानी पड़ रही है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी में आने वाले बच्चों में यह समस्या सामने आई है। विशेषज्ञ दवा के साथ बचाव की सलाह दे रहे हैं। साथ ही बारिश को देखते हुए मलेरिया को लेकर सतर्क रहने की भी अपील भी कर रहे हैं।
मौसम की मार से सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। गर्मी और धूप के बीच शरीर का संतुलन बिगड़ रहा है। इसमें न सिर्फ बड़ी उम्र के लोग प्रभावित हो रहे हैं बल्कि बच्चों पर अधिक असर पड़ रहा है। खेलते- खेलते उनकी शरीर तपने लग रहा है। आंखें चढ़ जा रही हैं और दर्द से कराह के साथ रोना शुरू कर दे रहे हैं। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग, बांसी जिला अस्पताल के बाल रोग विभाग और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी में इन समस्याओं से पीड़ित बच्चे अधिक पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक बच्चों के बीमारी होने के बाद और खाना पानी अधिक के बारे में जानकारी ली जा रही है तो पता चला कि बाहर का खाना खाया, कोल्ड ड्रिंक भी पी लिया। खेलकर या विद्यालय से आने के बाद एकाएक शरीर तपना शुरू हो गया। मेडिकल स्टोर और चौराहे से बताकर दवा ली लेकिन ठीक नहीं हो रहा है। जब हिस्ट्री जानने के बाद ब्लड जांच कराई जा रही है तो उसमें बुखार ही नहीं टाइफाइड भी निकल रहा है, जिसकी दवा करीब एक माह तक खानी पड़ रही है।
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चिकित्सकों का कहना है कि अगर 100 बच्चे ओपीडी में आ रहे हैं तो कम से कम 10 बच्चों की रिपोर्ट में टाइफाइड की पुष्टि हो रही है। वहीं, माधव प्रसाद त्रिपाठी काॅलेज के बालरोग विभाग की ओपीडी की बात करें तो डॉ. नसरीन खातून दोपहर 12 बजे तक 65 बच्चों को देख चुकी थीं। इसमें अधिकांश बच्चों में मौसम से जुड़ी समस्या पाई गई। इसी प्रकार से बांसी जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी में बीमार बच्चे पहुंच रहे हैं। डॉक्टर जांच के बाद दवा देने के साथ ही मौसम को देखते हुए बचाव की भी सलाह दे रहे हैं।
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बोले विशेषज्ञ
मौसम एकदम प्रतिकूल है, ऐसे में बच्चों की सेहत को लेकर बहुत ही सतर्क रहने की जरूरत है। अधिक गर्मी के कारण भी बच्चे बीमार पड़ जा रहे हैं। ऐसे में बाहर खुले में बिकने वाली खाद्य सामग्री, दूषित पानी, एक साथ ठंड और गर्म पेय पदार्थ का सेवन कतई न करने दें। इसी से और परेशानी बढ़ रही है। अभी बारिश शुरू होने के साथ ही मलेरिया का खतरा बढ़ेगा। ऐसे में अभी से बच्चों को लेकर सतर्क होने की जरूरत है। अगर लगातार बुखार आ रहा है तो तत्काल दिखाएं। इससे टाइफाइड सहित कई प्रकार की समस्या हो सकती है।
डॉ. फजल खान, बाल रोग विशेषज्ञ
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