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तीसरे जुमा पर रोजदारों ने की दुआ
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तीसरे जुमा पर रोजदारों ने की दुआ
सिद्धार्थनगर/डुमरियागंज। पाक रमजान के तीसरे जुमा को रोजेदारों ने नमाज अदा की। शहर व ग्रामीण क्षेत्र में तेज धूप में रोजेदार मस्जिदों में पहुंचे और नमाज अदा कर मुल्क की तरक्की व खुशहाली की दुआ की। रात की इबादत में लोगों ने तरावीह पढ़ी। वहीं मगरिब की नमाज की अजान के बाद लोगों ने परिवार व दोस्तों के साथ इफ्तार किया।
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के विभिन्न मस्जिदों में लोगों ने पेश इमाम के पीछे खड़े होकर नमाज अदा की और अपने हाथ अल्लाह की बारगाह में बुलंद कर क्षेत्र और पूरे मुल्क में अमन और शांति की दुआएं मांगी। नमाज के दौरान तकरीर में मौलाना-उलमा ने जकात को जरूरी फर्ज बताया और कहा कि अगर ईद की नमाज से पहले सदका-ए फितर अदा ना किया तो रोजे कबूल नहीं होंगे।
डुमरियागंज तहसील मुख्यालय स्थित जामा मस्जिद तथा हल्लौर स्थित शिया जामा मस्जिद भी वक्त से पहले नमाजियों से खचाखच भर गई। नमाजियों को खिताब करते हुए मौलाना मोहम्मद हसन व मौलाना एहसानुल्लाह कासमी ने कहा कि जिन लोगों ने रोजे रखे, नमाज पढ़ी, कुरान पढ़ा और सुना वो अल्लाह के नजदीक पहुंच गए। अगर किसी का रोजा नहीं है तो उसे भी इस मुकद्दस महीने का एहतराम यानी सम्मान करना चाहिए। ईद की नमाज से पहले सदका-ए-फितर अदा नहीं किया तो अल्लाह रोजे कबूल नहीं करेगा। हर मालदार पर जकात फर्ज है और इससे गरीबों का भी भला हो जाता है। इसलिए ईद की नमाज से पहले गरीब और अनाथ को सदका-ए-फितर अदा करें। नमाज के बाद धर्मगुरुओं ने अमनो-अमान और मुल्क की तरक्की की दुआ कराई। क्षेत्र के बैदौला, टिकरिया, रसूलपुर, बगाहवा, बसडिलिया, शिकाहरा, जबजऊंवा, बिथरिया, बयारा, कादीराबाद, वासा, लटिया, बेवा चौराहा, अरनी आदि स्थित मस्जिदों में नमाज अदा की।
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सिद्धार्थनगर/डुमरियागंज। पाक रमजान के तीसरे जुमा को रोजेदारों ने नमाज अदा की। शहर व ग्रामीण क्षेत्र में तेज धूप में रोजेदार मस्जिदों में पहुंचे और नमाज अदा कर मुल्क की तरक्की व खुशहाली की दुआ की। रात की इबादत में लोगों ने तरावीह पढ़ी। वहीं मगरिब की नमाज की अजान के बाद लोगों ने परिवार व दोस्तों के साथ इफ्तार किया।
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के विभिन्न मस्जिदों में लोगों ने पेश इमाम के पीछे खड़े होकर नमाज अदा की और अपने हाथ अल्लाह की बारगाह में बुलंद कर क्षेत्र और पूरे मुल्क में अमन और शांति की दुआएं मांगी। नमाज के दौरान तकरीर में मौलाना-उलमा ने जकात को जरूरी फर्ज बताया और कहा कि अगर ईद की नमाज से पहले सदका-ए फितर अदा ना किया तो रोजे कबूल नहीं होंगे।
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डुमरियागंज तहसील मुख्यालय स्थित जामा मस्जिद तथा हल्लौर स्थित शिया जामा मस्जिद भी वक्त से पहले नमाजियों से खचाखच भर गई। नमाजियों को खिताब करते हुए मौलाना मोहम्मद हसन व मौलाना एहसानुल्लाह कासमी ने कहा कि जिन लोगों ने रोजे रखे, नमाज पढ़ी, कुरान पढ़ा और सुना वो अल्लाह के नजदीक पहुंच गए। अगर किसी का रोजा नहीं है तो उसे भी इस मुकद्दस महीने का एहतराम यानी सम्मान करना चाहिए। ईद की नमाज से पहले सदका-ए-फितर अदा नहीं किया तो अल्लाह रोजे कबूल नहीं करेगा। हर मालदार पर जकात फर्ज है और इससे गरीबों का भी भला हो जाता है। इसलिए ईद की नमाज से पहले गरीब और अनाथ को सदका-ए-फितर अदा करें। नमाज के बाद धर्मगुरुओं ने अमनो-अमान और मुल्क की तरक्की की दुआ कराई। क्षेत्र के बैदौला, टिकरिया, रसूलपुर, बगाहवा, बसडिलिया, शिकाहरा, जबजऊंवा, बिथरिया, बयारा, कादीराबाद, वासा, लटिया, बेवा चौराहा, अरनी आदि स्थित मस्जिदों में नमाज अदा की।
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