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अब सरकारी स्कूलों में भी होगी प्री-नर्सरी की पढ़ाई
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अब सरकारी स्कूलों में भी होगी प्री-नर्सरी की पढ़ाई
- परिषदीय विद्यालयों में भी तीन साल के बच्चों का होगा दाखिला
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर)। बेसिक स्कूलों में अब तीन वर्ष के भी बच्चों का दाखिला होगा। निजी स्कूलों में तीन साल की उम्र में प्री-नर्सरी में दाखिला मिलता है। नई शिक्षा नीति में सरकारी स्कूल में बच्चों को बुनियादी शिक्षा देने के लिए अब प्री-नर्सरी की भी पढ़ाई होगी। कम उम्र में भी इनका दाखिला हो सकेगा और छह साल की उम्र तक आते-आते बच्चे ज्यादा बेहतर पढ़कर बुनियाद मजबूत कर सकेंगे। परिषदीय विद्यालयों में एक जुलाई से प्रवेश होगा। कोरोना काल में अभिभावकों की सहमति पर बच्चों को स्कूल में दाखिला दिया जाएगा।
परिषदीय विद्यालयों में बच्चे तीन वर्ष की उम्र में कांवेंट स्कूल की तर्ज पर नर्सरी या प्री नर्सरी में दाखिला ले सकेंगे, ताकि छोटी उम्र से ही उनकी बुनियादी शिक्षा को मजबूत बनाया जाए। अब तक प्री नर्सरी की उम्र में बच्चों का निजी विद्यालयों में प्रवेश कराना पड़ता था। परिषदीय स्कूलों के बच्चों की बुनियादी शिक्षा भी शुरू से ही बेहतर हो सकें। इसको देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है।
इस तरह हुआ विभाजन
डुमरियागंज। नई शिक्षा प्रणाली में बच्चों की उम्र को बांटा गया है। इसमें 3-8, 8-11, 11-14, 14-18 उम्र के बच्चों को शामिल किया गया है। इसमें प्राइमरी से कक्षा दूसरी तक एक हिस्सा, तीसरी कक्षा से पांचवीं कक्षा तक दूसरा हिस्सा, कक्षा छठी से आठवीं तक तीसरा हिस्सा और नौवीं से 12वीं तक आखिरी यानी चौथा हिस्सा होगा।
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इस शिक्षा प्रणाली के तहत बेसिक स्कूल से अब तक दूर रहे 3-6 उम्र के बच्चों को स्कूली पाठ्यक्रम के तहत लाने का प्रावधान है। छोटी उम्र से ही बच्चों का मानसिक विकास जरूरी है। सरकार की ओर से निर्देश मिलते ही तीन साल की उम्र के बच्चे का भी प्राथमिक विद्यालय में दाखिला हो सकेगा।
राजेंद्र सिंह, बीएसए
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- परिषदीय विद्यालयों में भी तीन साल के बच्चों का होगा दाखिला
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर)। बेसिक स्कूलों में अब तीन वर्ष के भी बच्चों का दाखिला होगा। निजी स्कूलों में तीन साल की उम्र में प्री-नर्सरी में दाखिला मिलता है। नई शिक्षा नीति में सरकारी स्कूल में बच्चों को बुनियादी शिक्षा देने के लिए अब प्री-नर्सरी की भी पढ़ाई होगी। कम उम्र में भी इनका दाखिला हो सकेगा और छह साल की उम्र तक आते-आते बच्चे ज्यादा बेहतर पढ़कर बुनियाद मजबूत कर सकेंगे। परिषदीय विद्यालयों में एक जुलाई से प्रवेश होगा। कोरोना काल में अभिभावकों की सहमति पर बच्चों को स्कूल में दाखिला दिया जाएगा।
परिषदीय विद्यालयों में बच्चे तीन वर्ष की उम्र में कांवेंट स्कूल की तर्ज पर नर्सरी या प्री नर्सरी में दाखिला ले सकेंगे, ताकि छोटी उम्र से ही उनकी बुनियादी शिक्षा को मजबूत बनाया जाए। अब तक प्री नर्सरी की उम्र में बच्चों का निजी विद्यालयों में प्रवेश कराना पड़ता था। परिषदीय स्कूलों के बच्चों की बुनियादी शिक्षा भी शुरू से ही बेहतर हो सकें। इसको देखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है।
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इस तरह हुआ विभाजन
डुमरियागंज। नई शिक्षा प्रणाली में बच्चों की उम्र को बांटा गया है। इसमें 3-8, 8-11, 11-14, 14-18 उम्र के बच्चों को शामिल किया गया है। इसमें प्राइमरी से कक्षा दूसरी तक एक हिस्सा, तीसरी कक्षा से पांचवीं कक्षा तक दूसरा हिस्सा, कक्षा छठी से आठवीं तक तीसरा हिस्सा और नौवीं से 12वीं तक आखिरी यानी चौथा हिस्सा होगा।
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इस शिक्षा प्रणाली के तहत बेसिक स्कूल से अब तक दूर रहे 3-6 उम्र के बच्चों को स्कूली पाठ्यक्रम के तहत लाने का प्रावधान है। छोटी उम्र से ही बच्चों का मानसिक विकास जरूरी है। सरकार की ओर से निर्देश मिलते ही तीन साल की उम्र के बच्चे का भी प्राथमिक विद्यालय में दाखिला हो सकेगा।
राजेंद्र सिंह, बीएसए