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Siddharthnagar News: सर्वे में देरी पड़ेगी भारी, शहर में बढ़ रही बेतरतीब बसावट

Wed, 26 Jun 2024 01:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Wed, 26 Jun 2024 01:41 AM IST
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Delay in survey will be costly, haphazard settlements are increasing in the city.
विनियमित क्षेत्र नौगढ़ (नगर पालिका सिद्धार्थनगर) के नियोजित विकास के लिए तैयार हुई महायोजना-2021 तीन वर्ष पहले समाप्त चुकी है। इस महायोजना के लिए 24 वर्ष पूर्व 2002 में विनियमित क्षेत्र का सर्वे हुआ था। नई महायोजना-2031 के लिए विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण की ओर से चयनित की गई सर्वे कंपनी को निर्धारित धनराशि की पहली किस्त चार लाख रुपये आवंटित कर दी गई। इसके डेढ़ वर्ष बाद भी कंपनी ने सर्वे नहीं शुरू किया। बीते तीन वर्ष में शहरी क्षेत्र में बेतरतीब तरीके से बसावट बढ़ गई है। जिससे बाद में सर्वे कर महायोजना बनाने में सड़क, पार्क व स्कूल आदि के लिए स्थल निर्धारित करने में मुश्किलें आएंगी।
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शहर के सिहेंश्वरीपुरम मोहल्ले के नई आबादी क्षेत्र में मकान बनाकर रह रहे मिथिलेश कहते हैं कि शहर में रहने के लिए यहां मकान तो बनवा लिया, लेकिन अभी तक न सड़क की सुविधा मिली और न ही शहरी बिजली व पानी की सुविधा मिल सकी है। ऐसे में लगता है कि गांव में घर बना लिया है। वर्ष 1978 में तत्कालीन बस्ती जनपद के नौगढ़ तहसील मुख्यालय एवं आसपास के 34 राजस्व ग्रामों को शामिल करते हुए 15 नवंबर को विनियमित क्षेत्र नौगढ़ बनाने की अधिसूचना जारी की गई थी। इसके बाद जुलाई, 2003 को इनमें आसपास के छह गांव और जोड़ दिए गए। विनियमित क्षेत्र में शामिल इन 40 गांवों के सुनियोजित एवं समग्र विकास के लिए महायोजना-2021 बनाई गई थी। इसमें शामिल क्षेत्र की भूमि की उपयोगिता निर्धारित की गई थी।
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महायोजना-2031 बनाने के लिए इसमें पूर्व में शामिल क्षेत्र और विस्तार के बाद शामिल होने वाले क्षेत्र का सर्वे होना है। डेढ़ वर्ष पूर्व तत्कालीन डीएम की अध्यक्षता में कमेटी ने सर्वे कंपनी रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर को निर्धारित धनराशि 13 लाख रुपये में से पहली किस्त जारी कर दी है। इसके बाद भी कंपनी की तरफ से अभी तक यहां सर्वे कार्य शुरू नहीं किया गया।
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महायोजना में तय होना है भू-उपयोग
विनियमित क्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिए बनने वाली महायोजना में संपूर्ण भूमि को शामिल करते हुए भू-उपयोग सुनिश्चित किया जाता है। इसके तहत पहले संबंधित क्षेत्र की संपूर्ण आराजी शामिल करते हुए बेस मैप बनाया जाएगा। इसमें संपूर्ण भू-भाग में सड़क, जलनिकासी नाला, ग्रीन बेल्ट, पार्क, स्कूल, औद्योगिक एवं व्यावसायिक और सरकारी कार्यालय समेत विभिन्न उपयोग के लिए अलग-अलग भूमि चिह्नित कर दी जाती है। महायोजना तैयार होने के बाद स्थानीय प्रशासन एवं नगर निकाय के ऊपर इस रोडमैप के आधार पर ही नगर में विकास कार्य कराने की जिम्मेदारी होती है।
अनियोजित विकास से होगी परेशानी
भले ही विनियमित क्षेत्र नौगढ़ की महायोजना-2021 बनी थी, लेकिन इसमें चिह्नित ग्रीन बेल्ट, पार्क अथवा अन्य कार्य के लिए चिह्नित भूमि पर तेजी से नए निर्माण हो रहे हैं। वर्ष 2004 की रिपोर्ट के अनुसार महायोजना में इंदिरानगर में करबला के पास और बेलसड़ मोहल्ले में प्रस्तावित पार्क की भूमि में मकान खड़े हो गए हैं। इसी तरह बर्डपुर मार्ग पर प्रस्तावित बस अड्डा और विद्युत उपकेंद्र के लिए चिह्नित भूमि पर मकान बन गए हैं।बांसी मार्ग पर प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर और विभिन्न महत्वपूर्ण सड़कों के स्थान पर भी मकान खड़े हो गए हैं। इससे शहर के सुनियोजित विकास के लिए नई महायोजना बनाने में दिक्कत होगी।
यहां तैयार हो रही कॉलोनियां
विनियमित क्षेत्र नौगढ़ में सिंहेश्वरी मंदिर के आसपास, बसडिलिया, भीमापार, पकड़ी, मधुकरपुर, सनई, थरौली व जगदीशपुर समेत विभिन्न स्थानों पर तेजी से नई कॉलोनियां बन गई हैं। जबकि महायोजना-2021 में इन स्थानों पर अलग-अलग कार्य होने प्रस्तावित थे। सर्वे में देरी और इन बेतरतीब बसावटों के कारण नई महायोजना बनाने में दिक्कत होगी। इससे पहले से ही अनियोजित तरीके से बस रहे कॉलोनियों की भूमि सड़क, पार्क अथवा ग्रीन बेल्ट समेत दूसरी योजनाओं के लिए प्रस्तावित नहीं किए जा सकेंगे।
शहर में बुनियादी सुविधाओं जैसे ग्रीन बेल्ट का अभाव है। इस कारण गर्मी में तापमान अधिक हो रहा है, जल्द सर्वे कर बनने वाली महायोजना में ग्रीन बेल्ट का निर्धारण जरूरी है।
- अमित त्रिपाठी, शहरवासी
महायोजना के लिए जल्द सर्वे होना चाहिए, ताकि सड़क एवं जल निकासी के लिए नाली की सुविधाएं बेहतर हो सके। साथ ही शहर में पार्किंग व्यवस्था के लिए भी स्थल निर्धारित होना चाहिए।

- शिवनंदन श्रीवास्तव,
शहरवासी
विनियमित क्षेत्र नौगढ़ की महायोजना के सर्वे कार्य के लिए चयनित कंपनी को कार्य में तेजी लाकर कार्य पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया जाएगा। जिससे शहर के विकास को गति मिल सके। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
- पवन अग्रवाल,
जिलाधिकारी
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