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Siddharthnagar News: सेवाभाव से दिन-रात मरीजों के चेहरे पर ला रहीं मुस्कान... बचा रहीं जान
Mon, 12 May 2025 12:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 12 May 2025 12:29 AM IST
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सिद्धार्थनगर। गंभीर मरीज हो या मानसिक रोगी, कैंसर हो या अन्य बीमारी से जूझ रहा मरीज, इनकी सेहत का ख्याल रखने वाले मौजूद हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं नर्सिंग स्टाफ की जो अपने घर के लोगों को भरपूर समय नहीं दे पाते, लेकिन दूसरी की जिंदगी बचाने और सेवा भाव के जरिए उनके चेहरों से दर्द दूर करने के लिए दिन-रात लगे हुए हैं।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज व अन्य अस्पताल में भर्ती मरीज की सबसे ज्यादा सेवा नर्स ही करती हैं। कब-किस मरीज को क्या दवा देनी है, इसकी पूरी जिम्मेदारी नर्स के कंधों पर ही है। मरीजों से बातचीत करके उन्हें जल्द स्वस्थ होने की बात कहकर हौसला भी बढ़ाती रहती हैं। नर्स के अच्छे व्यवहार से ही रोगी खुद को काफी बेहतर महसूस करने लगता है। मगर जब इन पर मुसीबत आती है तो जिम्मेदार अपना मुंह मोड़ लेते हैं। इनके हक की लड़ाई भी इन्हें खुद ही लड़नी पड़ती है। सेवा और समर्पण की प्रतीक कहीं जाने वाली नर्सों को सम्मान देने के लिए हर साल 12 मई को विश्व नर्स दिवस मनाया जाता है। मेडिकल कॉलेज में कार्य कर रहे कुछ महिला-पुरुष नर्स मरीजों की सेवा के लिए तत्पर रहते है।
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माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज व अन्य अस्पताल में भर्ती मरीज की सबसे ज्यादा सेवा नर्स ही करती हैं। कब-किस मरीज को क्या दवा देनी है, इसकी पूरी जिम्मेदारी नर्स के कंधों पर ही है। मरीजों से बातचीत करके उन्हें जल्द स्वस्थ होने की बात कहकर हौसला भी बढ़ाती रहती हैं। नर्स के अच्छे व्यवहार से ही रोगी खुद को काफी बेहतर महसूस करने लगता है। मगर जब इन पर मुसीबत आती है तो जिम्मेदार अपना मुंह मोड़ लेते हैं। इनके हक की लड़ाई भी इन्हें खुद ही लड़नी पड़ती है। सेवा और समर्पण की प्रतीक कहीं जाने वाली नर्सों को सम्मान देने के लिए हर साल 12 मई को विश्व नर्स दिवस मनाया जाता है। मेडिकल कॉलेज में कार्य कर रहे कुछ महिला-पुरुष नर्स मरीजों की सेवा के लिए तत्पर रहते है।
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