फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   darshan parishad sammelan

35वां राष्ट्रीय अधिवेशन 15 व 16 नवंबर को

Thu, 14 Nov 2019 10:24 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 14 Nov 2019 10:24 PM IST
विज्ञापन
darshan parishad sammelan
35वां राष्ट्रीय अधिवेशन 15 और 16 को
विज्ञापन

सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में दर्शन परिषद का कार्यक्रम
अमर उजाला ब्यूरो
कपिलवस्तु। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में संचालित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध केंद्र के तत्वाधान में भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद नई दिल्ली द्वारा दर्शन परिषद का 35वां राष्ट्रीय अधिवेशन 15 व 16 नवंबर को सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में आयोजित किया गया है। यह जानकारी कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे ने दी।

उन्होंने बताया कि दिनांक 15 नवंबर को विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन स्थित प्रस्तुतीकरण कक्ष में 11 बजे बतौर मुख्य अतिथि बेसिक शिक्षा मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार स्वतंत्र प्रभार डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम में अधिवेशन के प्रधान अध्यक्ष प्रो. करुणेश शुक्ल पूर्व अध्यक्ष एवं आचार्य संस्कृत विभाग दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर, दर्शन परिषद के अध्यक्ष प्रो. सभाजीत मिश्र पूर्व अध्यक्ष एवं आचार्य दर्शन विभाग एवं पूर्व प्रति कुलपति दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर एवं प्रो. हरिशंकर उपाध्याय महामंत्री दर्शन परिषद की विशिष्ट अतिथि के रूप में गरिमामयी उपस्थिति होगी। अधिवेशन के दूसरे दिन 16 नवंबर को समापन कार्यक्रम अपराह्न 2.30 बजे से प्रारंभ होगा। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में नव नालंदा बुद्ध महाविहार विश्वविद्यालय नालंदा के कुलपति प्रो. बीएन लाम होंगे। तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. हरिशंकर प्रसाद पूर्व अध्यक्ष एवं आचार्य दर्शन विभाग दिल्ली विश्वविद्यालय दिल्ली एवं प्रो. शिवानी शर्मा अध्यक्ष एवं आचार्य दर्शन विभाग पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ उपस्थित होंगे। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध केंद्र द्वारा भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित त्रिदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी कुशीनगर के वियतनाम चाइनीज मंदिर में दिनांक 17, 18 व 19 नवंबर को आधुनिक युग में बौद्ध दर्शन की प्रासंगिकता विषय पर संपन्न होने जा रही है। जिसका उद्घाटन सत्र 17 नवंबर को अपराह्न दो बजे से प्रारंभ होगा। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में तिब्बती उच्च शिक्षा संस्थान विश्वविद्यालय सारनाथ वाराणसी के कुलपति प्रो. जी नवांग सामरेन होंगे तथा अति विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. आरसी सिन्हा अध्यक्ष भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद नई दिल्ली की गरिमामयी उपस्थिति होगी। संगोष्ठी का समापन 19 नवंबर को दो बजे होगा। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. रजनीश शुक्ल कुलपति अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा तथा प्रो. कुमार रत्नम सदस्य सचिव भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद नई दिल्ली प्रो. लालजी श्रावक आचार्य एवं अध्यक्ष पालि एवं बौद्ध विभाग काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। अंतरराष्ट्रीय बौद्ध केंद्र के संयोजक सुशील कुमार तिवारी ने बताया कि राष्ट्रीय अधिवेशन एवं संगोष्ठी में देश के विभिन्न प्रान्तों एवं निकटवर्ती राष्ट्र नेपाल के दर्शन एवं बौद्ध दर्शन के विद्वान प्रतिभागी के रूप में सम्मिलित होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed