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सांवले रंग के कारण छोड़ना चाहता है पति
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 06 Nov 2016 10:21 PM IST
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मोहल्ला जोशियान में दो संप्रदायों में तनाव के बाद तैनात पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। महिला थाने में आयोजित नई किरण महिला जन सुनवाई कार्यक्रम में रविवार को 50 मामले पेश हुए। इसमें किन्हीं कारणों से बिछड़े 10 जोड़े सुलह समझौता कर दोबारा एक साथ रहने को राजी हुए। वहीं दो मामले ऐसे पेश हुए जो काफी मशक्कत के बाद भी नहीं सुलझ सके। पहला मामला बांसी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है।
इसमें विवाह को 13 वर्ष गुजर चुके हैं। पीड़ित महिला का आरोप है कि पति शादी के बाद से ही रंग सांवला होने के कारण पसंद नहीं करता है। अब वह दूसरी महिला के साथ रह रहा है। उससे भी शादी करने वाला है। सास व ससुर भी प्रताड़ित करते हैं। परिवार का कोई सदस्य हमसे मतलब नहीं रखता है। पति ने सारे आरोपों को गलत करार दिया। सीओ मो. अकमल खां ने मामले की जांच के लिए बांसी कोतवाल को निर्देश दिया।
दूसरा मामला मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के एक गांव का था। जहां विवाहिता का आरोप था कि पति आए दिन शराब पीता है और मारता पीटता है। काफी दिनों से घर से मायका भेज दिया है। इसके बाद भी पति घर नहीं ले जा रहा है। कांउसलर ने कहा कि मामला पहले भी पेश हुआ था और पति को ससुराल ले जाने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद अभी तक नहीं ले गए। जिस पर सीओ ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए विवाहिता को तय समय के भीतर ससुर को ले जाने का निर्देश दिया।
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इस दौरान 21 मामलों में दोनों पक्ष उपस्थित हुए। निस्तारण नहीं हुआ तो अगली सुनवाई में पेश होने के निर्देश दिए। वहीं 19 मामलों में एक ही पक्ष मौजूद हुआ। इस कारण सुनवाई नहीं हो सकी। इस दौरान विनय कांत मिश्र, चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, सुषमा श्रीवास्तव, एसआई संगीता विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
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इसमें विवाह को 13 वर्ष गुजर चुके हैं। पीड़ित महिला का आरोप है कि पति शादी के बाद से ही रंग सांवला होने के कारण पसंद नहीं करता है। अब वह दूसरी महिला के साथ रह रहा है। उससे भी शादी करने वाला है। सास व ससुर भी प्रताड़ित करते हैं। परिवार का कोई सदस्य हमसे मतलब नहीं रखता है। पति ने सारे आरोपों को गलत करार दिया। सीओ मो. अकमल खां ने मामले की जांच के लिए बांसी कोतवाल को निर्देश दिया।
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दूसरा मामला मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के एक गांव का था। जहां विवाहिता का आरोप था कि पति आए दिन शराब पीता है और मारता पीटता है। काफी दिनों से घर से मायका भेज दिया है। इसके बाद भी पति घर नहीं ले जा रहा है। कांउसलर ने कहा कि मामला पहले भी पेश हुआ था और पति को ससुराल ले जाने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद अभी तक नहीं ले गए। जिस पर सीओ ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए विवाहिता को तय समय के भीतर ससुर को ले जाने का निर्देश दिया।
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इस दौरान 21 मामलों में दोनों पक्ष उपस्थित हुए। निस्तारण नहीं हुआ तो अगली सुनवाई में पेश होने के निर्देश दिए। वहीं 19 मामलों में एक ही पक्ष मौजूद हुआ। इस कारण सुनवाई नहीं हो सकी। इस दौरान विनय कांत मिश्र, चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, सुषमा श्रीवास्तव, एसआई संगीता विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।